दमोह-जबलपुर मार्ग पर दर्दनाक हादसा: बस की टक्कर से दो स्कूली छात्राओं की मौत, ग्रामीणों ने किया चक्काजाम..

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दमोह-जबलपुर मार्ग पर दर्दनाक हादसा: बस की टक्कर से दो स्कूली छात्राओं की मौत, ग्रामीणों ने किया चक्काजाम

अभाना-बिशनाखेड़ी के पास साइकिल सवार छात्राएं हादसे का शिकार; पुलिस ने बस अभिरक्षा में ली, कलेक्टर ने आरटीओ को कार्रवाई के निर्देश दिए

घायलों के उपचार का खर्च उठाने में मदद करेगा जिला प्रशासन, स्पीड ब्रेकर, बस के रॉन्ग साइड चलने और चालक की स्थिति सहित सभी पहलुओं की होगी जांच

दमोह। जिले के नोहटा थाना क्षेत्र अंतर्गत अभाना-बिशनाखेड़ी के पास शनिवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो स्कूली छात्राओं की मौत हो गई। दमोह से जबलपुर की ओर जा रही बाबा ताज यात्री बस की साइकिल सवार स्कूली छात्राओं से टक्कर हो गई। हादसे में छात्राएं घायल हो गईं। दो छात्राओं को गंभीर हालत में दमोह जिला अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। उन्होंने बिशनाखेड़ी के पास चक्काजाम कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और समझाइश देकर चक्काजाम खुलवाया। पुलिस ने बस को अपनी अभिरक्षा में लेकर जांच शुरू कर दी है। वहीं, कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने घटना पर दुख जताते हुए आरटीओ को बस जब्त करने और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

दमोह से जबलपुर जा रही थी बाबा ताज बस

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बाबा ताज यात्री बस दमोह से जबलपुर की ओर जा रही थी। इसी दौरान नोहटा थाना क्षेत्र के अभाना-बिशनाखेड़ी के पास बस की साइकिल सवार स्कूली छात्राओं से टक्कर हो गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। दुर्घटना में घायल छात्राओं को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई।

दो छात्राओं को 1033 एंबुलेंस की मदद से दमोह जिला अस्पताल लाया गया। यहां ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सकों ने परीक्षण और उपचार के दौरान दोनों को मृत घोषित कर दिया। जिला प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, दुर्घटना में घायल एक छात्रा का जिला अस्पताल में उपचार जारी है और चिकित्सकों ने उसकी स्थिति ठीक बताई है। एक अन्य घायल छात्रा के अभाना में होने की जानकारी भी प्रशासन ने दी है। इसके अलावा बस में सवार एक व्यक्ति के घायल होने की बात सामने आई है, जिसका उपचार किया जा रहा है।

हालांकि, दुर्घटना में कुल कितनी छात्राएं घायल हुईं, इसकी अंतिम पुष्टि संबंधित पुलिस और प्रशासनिक अभिलेखों से किया जाना आवश्यक है।

दो छात्राओं की मौत की खबर से परिजनों में आक्रोश

हादसे में दो छात्राओं की मौत की खबर मिलते ही परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। उन्होंने बिशनाखेड़ी के पास सड़क पर चक्काजाम कर दिया। ग्रामीणों की नाराजगी के बीच मार्ग पर आवागमन प्रभावित हुआ और मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।

चक्काजाम की सूचना मिलने पर तेंदूखेड़ा एसडीओपी अर्चना अहीर और नोहटा थाना प्रभारी अभिषेक पटेल पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों से बातचीत की तथा मामले में उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। पुलिस अधिकारियों की समझाइश के बाद चक्काजाम खुलवाया गया और आवागमन बहाल कराया गया।

घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है। मृत छात्राओं के परिवारों के लिए यह बड़ा दुखद हादसा है। ग्रामीणों की मांगों और दुर्घटना की परिस्थितियों को लेकर अब पुलिस जांच तथा परिवहन विभाग की कार्रवाई पर नजर रहेगी।

पुलिस ने बस को अभिरक्षा में लिया, जांच शुरू

घटना की सूचना मिलते ही नोहटा थाना प्रभारी अभिषेक पटेल पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दुर्घटना में शामिल बाबा ताज बस को अपनी अभिरक्षा में ले लिया है। मामले में दुर्घटना की परिस्थितियों और संभावित कारणों की जांच की जा रही है।

पुलिस जांच में यह स्पष्ट किया जाना है कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ, बस की दिशा और गति क्या थी तथा दुर्घटना के समय सड़क की स्थिति कैसी थी। चालक की भूमिका और संभावित लापरवाही की भी जांच की जाएगी। फिलहाल, हादसे के कारणों को लेकर अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

मृत छात्राओं के शव पोस्टमार्टम के लिए सुरक्षित रखे जाने और आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिजनों को सौंपे जाने की जानकारी दी गई है।

कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने जताया दुख

दो छात्राओं की मौत की घटना पर कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि दुर्घटना में प्रभावित परिवारों को जिला प्रशासन की ओर से हरसंभव सहयोग और संबल प्रदान किया जाएगा। घायल छात्राओं के उपचार में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए प्रशासन आवश्यक मदद उपलब्ध कराने का प्रयास करेगा।

कलेक्टर ने जिला अस्पताल में भर्ती घायल छात्रा के इलाज के लिए आवश्यक राशि की व्यवस्था में प्रशासन की ओर से पूरी मदद करने की बात कही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि घायल के उपचार में आर्थिक संसाधनों की कमी बाधा नहीं बननी चाहिए।

आरटीओ को बस जब्त कर कार्रवाई करने के निर्देश

कलेक्टर यादव ने दुर्घटना को गंभीरता से लेते हुए क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) को बस जब्त कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि दुर्घटना के सभी पहलुओं की जांच की जाएगी और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर जिम्मेदारों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

कलेक्टर ने दुर्घटना के संभावित कारणों की जांच के लिए विशेष रूप से कुछ बिंदुओं की पड़ताल करने को कहा है। इनमें घटनास्थल पर स्पीड ब्रेकर की स्थिति, बस के रॉन्ग साइड चलने की आशंका, चालक की स्थिति और दुर्घटना के अन्य संभावित कारण शामिल हैं।

इन बिंदुओं की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसा किस कारण से हुआ और इसमें किसकी लापरवाही रही।

एसपी से चर्चा कर बसों की चेकिंग कराने के निर्देश

कलेक्टर ने पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी से चर्चा कर जिले में बसों की लगातार चेकिंग कराने की बात कही है। प्रशासन का उद्देश्य यात्री बसों के संचालन में नियमों का पालन सुनिश्चित करना और सड़क दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाना है।

यदि जांच में बस चालक की लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही परिवहन नियमों के उल्लंघन से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जाएगी।

कलेक्टर ने कहा कि दुर्घटना के कारणों का पता लगाकर भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी।

सड़क सुरक्षा और स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

अभाना-बिशनाखेड़ी के पास हुए इस हादसे ने सड़क पर चलने वाले स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। स्कूल आने-जाने के दौरान साइकिल से सफर करने वाले बच्चों के लिए तेज रफ्तार वाहनों, सड़क की स्थिति और यातायात नियमों का पालन महत्वपूर्ण है।

हालांकि, इस घटना में सड़क की बनावट, स्पीड ब्रेकर या बस की गति की भूमिका अभी जांच का विषय है। इसलिए किसी एक कारण को हादसे के लिए जिम्मेदार ठहराना जल्दबाजी होगी। जांच के बाद यदि सड़क की संरचना, यातायात व्यवस्था या वाहन संचालन में कोई कमी सामने आती है, तो उसके सुधार के लिए संबंधित विभागों को कदम उठाने होंगे।

फिलहाल, दो छात्राओं की मौत के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और जिला प्रशासन ने परिवहन विभाग को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अब दुर्घटना के वास्तविक कारणों, चालक की भूमिका और सुरक्षा संबंधी संभावित खामियों की जांच रिपोर्ट का इंतजार है।

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