सनातन हिंदू एकता रथ यात्रा दमोह पहुंची, पॉलिटेक्निक कॉलेज परिसर में सभा को किया संबोधित; हिंदू एकता, गौवध पर पूर्ण प्रतिबंध और नशामुक्त दमोह का उठाया मुद्दा..

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दमोह में गौवध की घटना पर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का तीखा बयान, बोले- गर्भवती गौमाता को काटा गया, फिर भी हिंदू समाज चुप रहा..

सनातन हिंदू एकता रथ यात्रा दमोह पहुंची, पॉलिटेक्निक कॉलेज परिसर में सभा को किया संबोधित; हिंदू एकता, गौवध पर पूर्ण प्रतिबंध और नशामुक्त दमोह का उठाया मुद्दा

दमोह। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सनातन हिंदू एकता रथ यात्रा मंगलवार को दमोह पहुंची। शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए यात्रा पॉलिटेक्निक कॉलेज परिसर पहुंची, जहां पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित किया। सभा के दौरान उन्होंने दमोह में हाल ही में सामने आई गौवध की घटना पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि आठ दिन पहले दमोह में गर्भवती गौमाता को काटे जाने की घटना हुई, जो बेहद निंदनीय है। उन्होंने इस घटना पर हिंदू समाज की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए लोगों से गौवंश संरक्षण के लिए जागरूक होने और गौवध का विरोध करने का आह्वान किया।

पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने सभा में सनातन हिंदू एकता रथ यात्रा के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए कहा कि हिंदू एकता का अर्थ केवल धार्मिक आयोजनों में शामिल होना या किसी संत के स्वागत में फूल-मालाएं लेकर पहुंचना नहीं है, बल्कि किसी हिंदू पर संकट आने पर उसके साथ मजबूती से खड़ा होना है। उन्होंने कहा कि जिस तरह लोग अपना घर छोड़कर फूल-मालाएं लेकर यहां तक पहुंचे हैं, उसी तरह जब किसी हिंदू पर मुसीबत आए तो सभी को उसके साथ खड़ा होना चाहिए। यही हिंदू एकता का वास्तविक अर्थ है।

‘हिंदू ही हिंदू को काट रहा, डरा रहा और दबा रहा है’

सभा को संबोधित करते हुए शास्त्री ने कहा, “अभी हिंदू, हिंदू को ही काट रहा है, हिंदू ही हिंदू को डरा रहा है, हिंदू हिंदू को ही दबा रहा है। यह हिंदू एकता नहीं है।” उन्होंने समाज के लोगों से आपसी मतभेद दूर कर एकजुट होने की अपील की। दूसरे समुदायों की आपसी एकजुटता का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उनसे सीखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि उनके चार मकान होते हैं, लेकिन सभी पर एक ही रंग के ध्वज लगाए जाते हैं। धर्म की बात आती है तो वे पूरी कट्टरता के साथ सड़कों पर उतरते हैं और किसी भी मुसीबत में एक साथ खड़े होते हैं।

उन्होंने कहा कि सनातनी हिंदुओं में भी ऐसी एकता होनी चाहिए कि किसी भी हिंदू पर संकट आए तो पूरा समाज उसके साथ खड़ा हो। उनका कहना था कि एकता केवल नारों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि जरूरत पड़ने पर एक-दूसरे की मदद के रूप में दिखाई देनी चाहिए।

गर्भवती गौमाता को काटे जाने की घटना पर जताई नाराजगी

पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने दमोह में गौवध की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि “कलंक की बात है कि दमोह में आठ दिन पूर्व गर्भस्थ गौमाता को काटा गया। सबसे बड़ी निंदनीय घटना दमोह में हुई और कुछ हिंदुओं को छोड़कर पूरा हिंदू समाज चुप रहा।” उन्होंने इस घटना को लेकर समाज की भूमिका पर सवाल उठाए और गौवंश के संरक्षण के लिए लोगों को जागरूक होने का संदेश दिया।

उन्होंने कहा कि वे साधु हैं और साधु का काम समाज को जगाना है। उनके अनुसार, यदि सनातन हिंदू समाज में समय रहते जागरूकता और एकता नहीं आई तो भविष्य में इसके गंभीर परिणाम देखने को मिल सकते हैं। उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि यदि हिंदू समाज एकजुट नहीं हुआ तो वह दिन दूर नहीं, जब शहर-दर-शहर हिंदुओं की संख्या घटती नजर आएगी।

शास्त्री ने गौवध पर पूर्ण प्रतिबंध की बात रखते हुए दमोहवासियों से गौमाता और गौवंश के संरक्षण के लिए आगे आने की अपील की। उनके इस बयान में दमोह की हालिया घटना और उसके बाद समाज की प्रतिक्रिया प्रमुख रूप से केंद्र में रही।

नशामुक्त समाज और शराबमुक्त दमोह बनाने का संकल्प

सभा में पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने दमोहवासियों के सामने नशामुक्त समाज बनाने का विषय भी रखा। उन्होंने कहा कि दमोह नशामुक्त और शराबमुक्त बने, ऐसा संकल्प सभी लोगों को लेना चाहिए। उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रहने और समाज को स्वस्थ दिशा में आगे बढ़ाने का संदेश दिया।

उनका कहना था कि सामाजिक एकता के साथ-साथ समाज में व्याप्त बुराइयों को दूर करना भी जरूरी है। धार्मिक और सामाजिक जागरूकता तभी सार्थक होगी, जब लोग अपने परिवार, युवाओं और आने वाली पीढ़ी को नशे से दूर रखने के लिए गंभीरता से प्रयास करेंगे।

बेटियों को इंस्टाग्राम और सोशल मीडिया के प्रति किया सतर्क

सभा के दौरान पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने युवा पीढ़ी, विशेषकर बेटियों को सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर सावधान किया। उन्होंने कहा कि इंस्टाग्राम पर दिखाई देने वाली हर सुंदर तस्वीर के पीछे सुंदर चरित्र हो, यह जरूरी नहीं है। उन्होंने युवाओं को केवल तस्वीरों और ऑनलाइन दिखावे के आधार पर किसी व्यक्ति पर भरोसा नहीं करने की सलाह दी।

उन्होंने कहा कि व्यक्ति सुंदर हो या न हो, लेकिन समझदार जरूर होना चाहिए। उनके इस संदेश का केंद्र सोशल मीडिया पर दिखने वाले बाहरी आकर्षण और वास्तविक व्यवहार के बीच अंतर को समझना था।

गरबा पंडालों में नाम बदलकर प्रवेश करने की जताई आशंका

नवरात्रि के अवसर पर आयोजित हो रहे गरबा कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए शास्त्री ने बेटियों और आयोजन समितियों को सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि गरबा पंडालों में धर्म विरोधी लोग नाम बदलकर प्रवेश कर सकते हैं। इसी आशंका के आधार पर उन्होंने गरबा पंडालों में प्रवेश से पहले गोमूत्र पिलाकर प्रवेश देने की व्यवस्था किए जाने की बात कही।

उनका यह बयान गरबा आयोजनों में पहचान की जांच और प्रवेश व्यवस्था को लेकर था। सभा में उन्होंने धार्मिक आयोजनों के दौरान सतर्कता बरतने पर जोर दिया।

अजय टंडन सहित सेवाभाव से जुड़े लोगों को दिया साधुवाद

सभा के समापन पर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने पूर्व विधायक अजय टंडन सहित उन सभी लोगों को साधुवाद दिया, जिन्होंने यात्रा और कार्यक्रम के आयोजन में सेवा की। पॉलिटेक्निक कॉलेज परिसर में आयोजित सभा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। दमोह में कार्यक्रम संपन्न होने के बाद सनातन हिंदू एकता रथ यात्रा सागर के लिए रवाना हो गई।

सभा में पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के संबोधन के प्रमुख मुद्दे हिंदू समाज की एकजुटता, दमोह में गौवध की घटना पर विरोध, गौवंश संरक्षण, नशामुक्त एवं शराबमुक्त दमोह और नवरात्रि के गरबा आयोजनों में सतर्कता रहे।

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