दमोह में गूंजा सनातन एकता का संदेश, 1000 युवाओं ने ली त्रिशूल दीक्षा..

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दमोह में गूंजा सनातन एकता का संदेश, 1000 युवाओं ने ली त्रिशूल दीक्षा..


विहिप-बजरंग दल के युवा महासम्मेलन में सामाजिक समरसता पर जोर, 1400 से अधिक कार्यकर्ताओं ने निकाली भव्य शौर्य यात्रा..


दमोह। विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल के तत्वावधान में सोमवार को दमोह शहर में त्रिशूल दीक्षा, युवा महासम्मेलन एवं भव्य शौर्य यात्रा का आयोजन किया गया। पूर्व अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष अशोक सिंघल की जयंती के अवसर पर प्रांतीय आह्वान पर आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संगठन के कार्यकर्ता, युवा एवं समर्थक शामिल हुए। आयोजकों के अनुसार करीब 1000 युवाओं ने त्रिशूल दीक्षा लेकर धर्म रक्षा का संकल्प लिया, जबकि 1400 से अधिक कार्यकर्ताओं एवं सनातन प्रेमियों ने शौर्य यात्रा में सहभागिता की।


कार्यक्रम की शुरुआत गौ पूजन, भूमि पूजन एवं भगवान श्रीराम दरबार के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इसके बाद तहसील ग्राउंड में कार्यकर्ताओं का एकत्रीकरण हुआ। यहां से कार्यकर्ता कार्यक्रम स्थल की ओर रवाना हुए। कीर्ति स्तंभ चौराहे के समीप आयोजित मुख्य मंचीय कार्यक्रम में संतों एवं संगठन के पदाधिकारियों ने संबोधित किया।


संतों ने दिया सामाजिक समरसता और एकजुटता का संदेश..


कार्यक्रम की अध्यक्षता परम पूज्य महामंडलेश्वर श्री आत्मानंद गिरि जी महाराज ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में महंत श्री विपिन बिहारी दास जी महाराज एवं श्री ओंकार वाल्मीकि जी महाराज उपस्थित रहे। संतों ने अपने संबोधन में सामाजिक समरसता को मजबूत करने और समाज के विभिन्न वर्गों के बीच एकजुटता बढ़ाने पर जोर दिया।


बुंदेली कथावाचक पंडित विपिन बिहारी महाराज ने हिंदू समाज से जातिगत भेदभाव से ऊपर उठकर एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने दलित एवं पिछड़े वर्गों को साथ लेकर सामाजिक एकता के साथ आगे बढ़ने की बात कही। अपने संबोधन में उन्होंने धर्मांतरण और ‘लव जिहाद’ जैसे मुद्दों का भी उल्लेख किया और समाज में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता बताई।


उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म सभी धर्मों के सम्मान की शिक्षा देता है, लेकिन धार्मिक आस्थाओं और धर्मगुरुओं के प्रति अपमानजनक व्यवहार का विरोध करना भी आवश्यक है। कार्यक्रम में मौजूद अन्य वक्ताओं ने भी राष्ट्रहित को सर्वोपरि बताते हुए सामाजिक एकजुटता और संगठनात्मक अनुशासन पर जोर दिया।


1000 युवाओं ने ली त्रिशूल दीक्षा..


कार्यक्रम के मुख्य वक्ता बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक किशन प्रजापति रहे। उन्होंने हिंदू धर्म, मठ-मंदिरों तथा बहन-बेटियों की सुरक्षा सहित विभिन्न विषयों पर अपने विचार रखे। धर्मांतरण और ‘लव जिहाद’ जैसे मुद्दों को लेकर भी उन्होंने अपनी बात रखी।


इसी दौरान करीब 1000 युवाओं को त्रिशूल दीक्षा दिलाई गई। युवाओं ने धर्म रक्षा के लिए संकल्प एवं शपथ ली। इस दौरान कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में युवा संगठन के निर्धारित अनुशासन में मौजूद रहे।
मंच पर विहिप-बजरंग दल के प्रांत सह संयोजक रंजीत परमार सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन विहिप जिला मंत्री शम्भू विश्वकर्मा ने किया।


1400 से अधिक कार्यकर्ताओं के साथ निकली शौर्य यात्रा..


मंचीय कार्यक्रम के बाद दमोह नगर में भव्य शौर्य यात्रा निकाली गई। आयोजकों के मुताबिक यात्रा में 1400 से अधिक कार्यकर्ता एवं सनातन प्रेमी शामिल हुए। यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए कीर्ति स्तंभ पहुंची, जहां इसका समापन किया गया।
शौर्य यात्रा के दौरान नगर के विभिन्न स्थानों पर लोगों ने पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी के कारण शहर के प्रमुख मार्गों पर आयोजन का प्रभाव दिखाई दिया। यात्रा में शामिल कार्यकर्ताओं ने संगठनात्मक एकजुटता और अनुशासन का परिचय दिया।


पदाधिकारियों ने संभाली व्यवस्था..


पूरे आयोजन की व्यवस्थाओं में विहिप जिला अध्यक्ष अजय खत्री, जिला मंत्री शम्भू विश्वकर्मा, जिला संगठन मंत्री द्वारका मिश्रा, जिला उपाध्यक्ष राम मिश्रा, बबलू राय सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भूमिका निभाई।
कार्यक्रम के समापन पर बजरंग दल जिला संयोजक गोलू चौबे ने संतों, अतिथियों, पदाधिकारियों और आयोजन में शामिल सभी कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।


आयोजकों ने आयोजन को दमोह में संगठन की गतिविधियों का बड़ा कार्यक्रम बताते हुए कहा कि त्रिशूल दीक्षा एवं शौर्य यात्रा के माध्यम से युवाओं को संगठन, सामाजिक समरसता और धार्मिक-सांस्कृतिक विषयों के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया गया।

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