दमोह में कांग्रेस ने मनाया काला दिवस, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन..

Spread the love


दमोह में कांग्रेस ने मनाया काला दिवस, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन..


राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और इंडिया गठबंधन के सांसदों के साथ कथित दुर्व्यवहार व लाठीचार्ज के विरोध में उठाई कार्रवाई की मांग, निर्वाचन व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग..


दमोह। भारतीय लोकतंत्र एवं संविधान की रक्षा और निर्वाचन व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में 8 अक्टूबर 2026 को काला दिवस मनाया गया। अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान कांग्रेसजनों ने जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर महामहिम राष्ट्रपति के नाम डिप्टी कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार और निर्वाचन व्यवस्था को लेकर अपनी नाराजगी जताते हुए लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा तथा कथित पुलिस बल प्रयोग के लिए जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की।


दोषियों पर एफआईआर और कठोर कार्रवाई की मांग..


ज्ञापन सौंपते हुए जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष मानक पटेल ने आरोप लगाया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी तथा इंडिया गठबंधन के 300 सांसदों के साथ दुर्व्यवहार किया गया और उनके विरुद्ध बल प्रयोग एवं लाठीचार्ज किया गया। उन्होंने मांग की कि इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में निर्वाचन व्यवस्था की निष्पक्षता और पारदर्शिता बेहद महत्वपूर्ण है। चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाने और पारदर्शिता की मांग करने वालों की आवाज दबाने के बजाय उनकी बात सुनी जानी चाहिए। कांग्रेस ने निर्वाचन व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर निष्पक्ष जांच और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई।


भाजपा सरकार और निर्वाचन व्यवस्था पर लगाए आरोप..


प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने केंद्र की भाजपा सरकार पर निर्वाचन आयोग से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेही से बचने का आरोप लगाया। कांग्रेसजनों का कहना था कि चुनावों में पारदर्शिता की मांग करना लोकतांत्रिक अधिकार है और इस मांग को लेकर आवाज उठाने वालों के साथ बल प्रयोग किया जाना उचित नहीं है।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा के प्रवक्ताओं की ओर से इस मुद्दे पर अनुचित बयानबाजी की जा रही है। उन्होंने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया में जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए पारदर्शिता, निष्पक्षता और जिम्मेदार संस्थागत व्यवस्था आवश्यक है। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए संबंधित मामलों में जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कार्रवाई और इस्तीफों की मांग की।


लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का ऐलान
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि उनका विरोध केवल किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से है। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती, तब तक संघर्ष जारी रखा जाएगा। इस दौरान कांग्रेसजनों ने संविधान के मूल्यों, लोकतांत्रिक अधिकारों और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष निर्वाचन व्यवस्था की रक्षा का संकल्प दोहराया।


बड़ी संख्या में कांग्रेसजन रहे मौजूद..


कार्यक्रम में जिला कांग्रेस अध्यक्ष मानक पटेल के साथ वीरेन्द्र दबे, तिलक सिंह, विजय बहादुर सिंह, लालचंद राय, परम यादव, रजनी ठाकुर, प्रफुल्ल श्रीवास्तव, डीपी पटेल, बबलू भट्ट, मंजीत यादव, आशुतोष शर्मा, बसंत कुशवाहा, शमीम कुरैशी, मुकेश रोहिताश, डालचंद कुशवाहा, कमला निषाद, दिनेश रैकवार, लाखन सिंह, उवेद गौरी, नौशाद खान, अरविंद अवस्थी, अभिषेक डिम्हा, अभिषेक यादव, अनूप दबे और शानु जुनेजा सहित अनेक कांग्रेसजन उपस्थित रहे।
इसके अलावा पार्षद अमर राजपूत, शैलेन्द्र सिंह, गोपाल मास्टर, मिक्की चंदेल, संदीप बरदिया, खिल्लू ठाकुर, बलराम ठाकुर, विनोद पटेल, गौरव राय, जावेद रोजान, एके चिश्ती, रामकुमार सिरोठिया, बिंदू पटोटिया, श्रीकांत पौते, बाबू चौहान, दुर्गेश नामदेव, दिनेश परस्ते और रोहित सिंह सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी प्रदर्शन में भाग लिया।
कांग्रेसजनों ने राष्ट्रपति के नाम सौंपे गए ज्ञापन के माध्यम से निर्वाचन व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, कथित दुर्व्यवहार एवं लाठीचार्ज के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने तथा लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने की मांग की।

About The Author