दमोह में शराब से जुड़े तीन मामले: नरसिंहगढ़ में युवक की मौत, हिंडोरिया में तीन की तबीयत बिगड़ी; पथरिया में 16 लाख की शराब जब्त
लखरौनी में 235 पेटी अंग्रेजी शराब मिलने पर हंगामा, भाजपा नेत्री के परिवार पर संगठन ने लगाए आरोप; कार्रवाई की मांग को लेकर थाने में धरना
दमोह। जिले में शुक्रवार को शराब से जुड़े तीन अलग-अलग मामले सामने आने के बाद अवैध शराब के कारोबार और इसकी रोकथाम को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। नरसिंहगढ़ में शराब सेवन के बाद एक युवक की मौत हो गई, जबकि हिंडोरिया में शराब पीने के बाद तीन लोगों की तबीयत बिगड़ गई। वहीं, पथरिया थाना क्षेत्र के लखरौनी गांव में भगवती मानव कल्याण संगठन के सदस्यों ने खेत में रखी 235 पेटी अंग्रेजी शराब पकड़े जाने का दावा करते हुए पुलिस को सूचना दी। जब्त शराब की अनुमानित कीमत करीब 16 लाख रुपये बताई गई है। इस मामले में भाजपा नेत्री मनीषा दुबे और उनके परिवार के सदस्यों पर संगठन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
एक ही दिन में सामने आए इन मामलों ने जिले में शराब की बिक्री, अवैध शराब के संभावित ठिकानों और संबंधित मामलों में पुलिस कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज कर दी है।
नरसिंहगढ़ में शराब पीने के बाद युवक की मौत, सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन
नरसिंहगढ़ चौकी क्षेत्र के बाजार मोहल्ला निवासी अभिषेक रैकवार (35) की शराब सेवन के बाद मौत हो गई। परिजनों के अनुसार, अभिषेक पिछले दो दिनों से लगातार शराब पी रहा था। उसके पिता रतिराम उर्फ गोलू रैकवार ने आरोप लगाया कि उनका बेटा मोहल्ले की एक महिला से अवैध शराब खरीदता था और शराब पीने के कारण उसकी मौत हुई।
पोस्टमार्टम के बाद अभिषेक का शव नरसिंहगढ़ पहुंचने पर परिजनों ने दमोह-छतरपुर मार्ग पर पुलिस चौकी के सामने शव रखकर जाम लगा दिया। प्रदर्शन कर रहे परिजनों ने क्षेत्र में कथित तौर पर बनाई जा रही हाथ भट्टी और नकली शराब के कारोबार पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
परिजनों का कहना था कि अवैध शराब की बिक्री पर प्रभावी रोक लगाई जानी चाहिए, ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। हालांकि, युवक की मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और संबंधित जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में यह पुष्टि नहीं हुई है कि मौत जहरीली या मिलावटी शराब के कारण हुई।
हिंडोरिया में शराब पीने के बाद तीन लोगों की तबीयत बिगड़ी
शराब से जुड़ा दूसरा मामला हिंडोरिया थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार, गुरुवार रात शराब का सेवन करने के बाद तीन लोगों की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें पेट दर्द, उल्टी और चक्कर आने जैसी शिकायतें हुईं, जिसके बाद परिजन उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हिंडोरिया लेकर पहुंचे।
बताया गया कि बेलखेड़ी निवासी घनश्याम ठाकुर और राजेंद्र ठाकुर ने हिंडोरिया स्थित कलारी से शराब खरीदी थी। इसके बाद दोनों की तबीयत बिगड़ गई। वहीं, लक्ष्मी नारायण ने कथित तौर पर सतरिया से अवैध शराब खरीदी थी। शराब पीने के बाद उसकी हालत बिगड़ने पर परिजन उसे भी उपचार के लिए हिंडोरिया अस्पताल ले गए।
अस्पताल में चिकित्सकों ने मरीजों का उपचार किया। प्रारंभिक जानकारी में अत्यधिक शराब सेवन को तबीयत बिगड़ने की संभावित वजह बताया गया है, लेकिन शराब में मिलावट या किसी जहरीले पदार्थ की मौजूदगी को लेकर कोई पुष्ट निष्कर्ष सामने नहीं आया है। ऐसे में वास्तविक कारण की पुष्टि चिकित्सकीय जांच और अन्य तथ्यों के आधार पर ही हो सकेगी।
लखरौनी में 235 पेटी अंग्रेजी शराब मिलने का दावा, कीमत 16 लाख रुपये
शराब से जुड़ा तीसरा मामला पथरिया थाना क्षेत्र के लखरौनी गांव का है। यहां भगवती मानव कल्याण संगठन के सदस्यों ने भाजपा नेत्री मनीषा दुबे के पेट्रोल पंप के पीछे स्थित खेत में 235 पेटी अंग्रेजी शराब मिलने की जानकारी दी। संगठन के सदस्यों के अनुसार, शराब की अनुमानित कीमत करीब 16 लाख रुपये है।
शराब मिलने की सूचना के बाद मामला तूल पकड़ गया। संगठन के पदाधिकारियों ने पुलिस से संबंधित लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग उठाई और पथरिया थाना परिसर में धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि मामले की निष्पक्ष जांच कर शराब के भंडारण और स्वामित्व से जुड़े तथ्यों का पता लगाया जाए तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
संगठन के जिलाध्यक्ष मुकेश सिंह तोमर ने आरोप लगाया कि बरामद शराब भाजपा नेत्री मनीषा दुबे और उनके पुत्र शिवम दुबे से संबंधित है। उन्होंने शिवम दुबे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की। दूसरी ओर, भाजपा नेत्री मनीषा दुबे भी पथरिया थाने पहुंचीं। उपलब्ध जानकारी में उनकी ओर से इन आरोपों पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया शामिल नहीं है।
यह स्पष्ट करना जरूरी है कि खेत में शराब मिलने और किसी व्यक्ति या परिवार के उससे जुड़े होने के आरोप अपने आप में दोष सिद्ध नहीं करते। इस संबंध में पुलिस जांच और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर ही जिम्मेदारी तय हो सकेगी।
खसरा नंबर 287 को लेकर भी उठे सवाल
लखरौनी गांव के सरपंच मनोज पटेल ने बताया कि पटवारी से मिली जानकारी के अनुसार, खसरा नंबर 287 भाजपा नेत्री मनीषा दुबे के परिवार से संबंधित है और इस जमीन पर उनके पुत्र शिवम दुबे का कब्जा बताया जा रहा है।
हालांकि, जमीन के स्वामित्व, कब्जे और वहां रखी शराब के बीच संबंध की पुष्टि राजस्व अभिलेखों तथा पुलिस जांच से होना आवश्यक है। केवल जमीन से संबंधित जानकारी के आधार पर शराब के स्वामित्व या किसी व्यक्ति की आपराधिक भूमिका का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
मामले में शराब ले जाने या रखने में इस्तेमाल बताए जा रहे वाहन के मालिक के रूप में मनीष विश्वकर्मा का नाम भी सामने आया है। खबर में उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मनीष विश्वकर्मा वर्तमान में डायल-112 में पायलट के रूप में कार्यरत हैं और तारादेही थाना क्षेत्र में सेवाएं दे रहे हैं। बताया गया है कि वे पहले पथरिया में पदस्थ थे और उस दौरान उनके घर से भी अवैध शराब मिलने की घटना सामने आई थी। इन दावों की आधिकारिक पुष्टि और वर्तमान मामले से उनका संबंध जांच का विषय है।
धरने पर बैठे संगठन के सदस्य, निष्पक्ष जांच की मांग
भगवती मानव कल्याण संगठन के सदस्यों ने पथरिया थाना परिसर में प्रदर्शन करते हुए मांग की कि लखरौनी में मिली शराब के मामले में संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। संगठन के पदाधिकारियों ने शराब के कथित अवैध कारोबार और उसके पीछे शामिल लोगों की भूमिका की जांच कराने पर जोर दिया।
प्रदर्शन के दौरान संगठन की ओर से भाजपा नेत्री के पति बबलू दुबे की हत्या को लेकर भी आरोप लगाए गए। संगठन के सदस्यों ने दावा किया कि उनकी हत्या शराब कारोबार में वर्चस्व की लड़ाई से जुड़ी थी। इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है और इसे जांच के बिना स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता।
तीन घटनाओं ने खड़े किए सवाल
दमोह जिले में सामने आए इन तीन मामलों में एक ओर शराब सेवन के बाद युवक की मौत और तीन लोगों की तबीयत बिगड़ने की घटनाएं हैं, तो दूसरी ओर बड़ी मात्रा में अंग्रेजी शराब मिलने का मामला है। नरसिंहगढ़ में परिजन अवैध शराब पर कार्रवाई की मांग को लेकर सड़क पर उतरे, जबकि हिंडोरिया में बीमार हुए लोगों का उपचार किया गया। पथरिया में शराब की बरामदगी के बाद संगठन ने आरोपियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर धरना दिया।
अब इन मामलों में शराब के स्रोत, उसकी गुणवत्ता, बिक्री और भंडारण से जुड़े तथ्यों की जांच महत्वपूर्ण होगी। विशेष रूप से नरसिंहगढ़ में युवक की मौत और हिंडोरिया में तीन लोगों की तबीयत बिगड़ने के मामलों में चिकित्सकीय निष्कर्ष सामने आने के बाद ही शराब की गुणवत्ता या सेवन से संबंधित कारण स्पष्ट हो पाएंगे। वहीं, पथरिया के मामले में शराब के स्वामित्व, जमीन और वाहन से जुड़े तथ्यों की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की स्थिति साफ होगी।


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