सील कृषि कार्यालय से देर रात बीज-खाद निकालने का आरोप, पटेरा में प्रशासनिक कार्रवाई पर उठे सवाल..
दमोह। जिले की पटेरा तहसील में कृषि विभाग के सील किए गए कार्यालय से देर रात बीज, खाद और कृषि दवाइयां निकाले जाने के आरोपों ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर कई सवाल उठ रहे हैं और निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले कलेक्टर के निर्देश पर पटेरा तहसीलदार उमेश तिवारी ने कृषि विभाग के कार्यालय की जांच की थी। जांच के दौरान कथित तौर पर विभिन्न अनियमितताएं सामने आने के बाद कार्यालय को सील कर दिया गया था।
आरोप है कि रविवार देर रात करीब 11 बजे से 12 बजे के बीच एक पिकअप वाहन सील किए गए कार्यालय परिसर में पहुंचा, जहां से बीज, खाद और कृषि दवाइयां बाहर निकाली गईं। इस घटना के बाद सवाल उठ रहे हैं कि यदि कार्यालय सील था, तो उसे किसके आदेश पर खोला गया? सील खोलने की अनुमति किस अधिकारी ने दी? निकाली गई सामग्री का रिकॉर्ड कहां दर्ज है और उसे किस उद्देश्य से बाहर ले जाया गया?
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जांच के दौरान सील किए गए सरकारी कार्यालयों से इस प्रकार सामग्री बाहर निकाली जाती है, तो सरकारी संपत्ति की सुरक्षा और जांच की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। लोगों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि देर रात सामग्री निकालने की कार्रवाई नियमानुसार की गई थी या इसमें किसी प्रकार की अनियमितता हुई है।
(नोट: यह खबर स्थानीय स्तर पर लगाए गए आरोपों और उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। मामले की आधिकारिक पुष्टि प्रशासनिक जांच के बाद ही हो सकेगी।)


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