दमोह-कटनी फोरलेन को कैबिनेट की मंजूरी, 4,470 करोड़ से बनेगा 105.10 किमी लंबा मार्ग..

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दमोह-कटनी फोरलेन को कैबिनेट की मंजूरी, 4,470 करोड़ से बनेगा 105.10 किमी लंबा मार्ग..


बुंदेलखंड और महाकौशल के बीच मजबूत होगी सड़क कनेक्टिविटी, पेव्ड शोल्डर के साथ हाइब्रिड एन्युटी मॉडल पर होगा निर्माण..


दमोह। मध्यप्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में दमोह जिले के लिए बड़ी सौगात मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में दमोह-कटनी के बीच 105.10 किलोमीटर लंबे मार्ग को फोरलेन एवं पेव्ड शोल्डर के साथ विकसित करने के लिए 4,470 करोड़ 30 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। परियोजना का निर्माण हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) के आधार पर किया जाएगा।


इस परियोजना को दमोह ही नहीं, बल्कि बुंदेलखंड और महाकौशल के बीच सड़क संपर्क को मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। फोरलेन मार्ग बनने के बाद दमोह से कटनी की ओर आवागमन अधिक सुगम होने के साथ यातायात क्षमता बढ़ने की उम्मीद है। इससे यात्री वाहनों के साथ-साथ बस एवं माल परिवहन को भी सुविधा मिल सकती है।

सांसद राहुल सिंह लोधी ने जताया मुख्यमंत्री का आभार..


दमोह सांसद राहुल सिंह लोधी ने परियोजना की मंजूरी पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दमोह को बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि “बेहतर दमोह, कनेक्टिंग दमोह” के संकल्प के साथ क्षेत्र की सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने के प्रयास जारी हैं।


सांसद ने बताया कि इससे पहले खजुराहो में आयोजित मंत्रि-परिषद की बैठक में दमोह-सागर 75 किलोमीटर फोरलेन मार्ग को मंजूरी मिली थी। उनके अनुसार इस परियोजना का टेंडर ओपन हो चुका है और आगामी दो से तीन माह में निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
उन्होंने यह भी बताया कि दमोह-जबलपुर फोरलेन को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी द्वारा स्वीकृति दी जा चुकी है। इसके अलावा छतरपुर-बक्सवाहा से दमोह तक फोरलेन कनेक्टिविटी की दिशा में भी कार्य आगे बढ़ रहा है। सांसद ने कहा कि अब अगला संकल्प दमोह-पन्ना फोरलेन का है।


व्यापार और परिवहन को मिल सकता है बढ़ावा..


दमोह-कटनी फोरलेन के निर्माण से दोनों शहरों के बीच आवागमन को बेहतर आधार मिलने की उम्मीद है। बेहतर सड़क नेटवर्क का प्रभाव केवल यात्रियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि माल परिवहन, व्यापार और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों पर भी पड़ सकता है।
बुंदेलखंड क्षेत्र से महाकौशल की ओर जाने वाले यात्रियों, व्यापारियों और परिवहन वाहनों के लिए सड़क क्षमता बढ़ने से आवागमन अधिक सुगम होने की संभावना है। आसपास के ग्रामीण एवं कस्बाई क्षेत्रों को भी बेहतर सड़क संपर्क का लाभ मिलने की उम्मीद है।


विंध्य विकास पथ का महत्वपूर्ण हिस्सा..


दमोह-कटनी मार्ग को विंध्य विकास पथ से भी जोड़ा जा रहा है। उपलब्ध परियोजना विवरण के अनुसार लगभग 105 किलोमीटर के इस मार्ग को फोरलेन और पेव्ड शोल्डर के साथ विकसित किया जाएगा। परियोजना के लिए स्वीकृत राशि में जीएसटी भी शामिल है।


परियोजना के हाइब्रिड एन्युटी मॉडल पर निर्माण होने से सड़क निर्माण और दीर्घकालीन भुगतान की व्यवस्था इसी मॉडल के अनुसार की जाएगी। कैबिनेट की स्वीकृति के बाद परियोजना से जुड़ी आगामी प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाया जाएगा।


राज्यमंत्री लखन पटेल ने भी जताया आभार..


पथरिया विधायक एवं राज्यमंत्री लखन पटेल ने भी दमोह-कटनी फोरलेन की मंजूरी पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि 4,470 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला 105 किलोमीटर लंबा मार्ग बुंदेलखंड और महाकौशल को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


राज्यमंत्री ने कहा कि फोरलेन बनने से सुरक्षित एवं तेज आवागमन को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र में व्यापार, परिवहन तथा रोजगार से जुड़ी गतिविधियों के विस्तार के अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने इसे दमोह एवं कटनी क्षेत्र के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय बताया।


दमोह की कनेक्टिविटी को मिलेगी नई दिशा..


दमोह-कटनी फोरलेन के साथ दमोह-सागर, दमोह-जबलपुर तथा प्रस्तावित दमोह-पन्ना और छतरपुर-बक्सवाहा-दमोह कनेक्टिविटी को लेकर चल रहे प्रयासों से जिले के चारों दिशाओं में सड़क नेटवर्क विस्तार की तस्वीर बन रही है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद दमोह का सागर, कटनी, जबलपुर, पन्ना और छतरपुर सहित आसपास के प्रमुख क्षेत्रों से सड़क संपर्क और मजबूत होने की संभावना है।


दमोह-कटनी फोरलेन की मंजूरी को क्षेत्र में लंबे समय से अपेक्षित सड़क अधोसंरचना के विस्तार के रूप में देखा जा रहा है। परियोजना के धरातल पर आने के बाद निर्माण कार्य, यातायात व्यवस्था और स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों में इसके प्रभाव को आने वाले समय में देखा जाएगा।

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