गौ हत्या पर दमोह में गरजा बुलडोजर, कसाई मंडी-नूरी नगर में चला प्रशासन का बड़ा एक्शन..

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गौ हत्या के बाद दमोह में बड़ा एक्शन, कसाई मंडी-नूरी नगर में चला बुलडोजर..


गर्भवती गौमाता की हत्या से हिंदू संगठनों में आक्रोश; डीआईजी के निरीक्षण के बाद पुलिस-प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई, चिन्हित अतिक्रमण और अवैध बिजली कनेक्शन हटाए गए, कई संदिग्ध अभिरक्षा में..


दमोह। शहर में गर्भवती गौमाता की हत्या और उसके अवशेष मिलने की घटना के बाद हिंदू संगठनों एवं गौसेवकों में भारी आक्रोश है। घटना को लेकर शहर में विरोध-प्रदर्शन और कार्रवाई की मांग के बीच पुलिस एवं प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई तेज कर दी है। सागर रेंज के डीआईजी शशिंद्र सिंह चौहान ने दमोह पहुंचकर सीताबावली, कसाई मंडी और नूरी नगर क्षेत्र का निरीक्षण किया तथा अधिकारियों को आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी, संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी और चिन्हित अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए।


डीआईजी के निर्देश और कलेक्टर के निर्देशन में पुलिस प्रशासन, नगर पालिका, राजस्व तथा बिजली विभाग की संयुक्त टीम ने कसाई मंडी और नूरी नगर क्षेत्र में कार्रवाई शुरू की। कार्रवाई के दौरान चिन्हित स्थानों पर जेसीबी चलाकर अतिक्रमण हटाए गए। साथ ही अवैध बिजली कनेक्शनों को भी हटाया गया। कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।


चिन्हित मकानों पर जेसीबी, कई अतिक्रमण हटाए..


पुलिस द्वारा चिन्हित किए गए कुछ स्थानों पर जेसीबी के माध्यम से कार्रवाई की गई। अधिकारियों के अनुसार करीब 8 से 10 मकानों/स्थानों को कार्रवाई के लिए चिन्हित किया गया था। संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध कब्जों और अन्य अनियमितताओं की जांच की। कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में काफी देर तक हड़कंप की स्थिति बनी रही।
नगर पालिका और राजस्व विभाग की टीम ने सड़क किनारे तथा सार्वजनिक स्थानों पर किए गए अतिक्रमण को लेकर भी संबंधित लोगों को चेतावनी दी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय में अतिक्रमण स्वयं नहीं हटाए गए तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।


चिकन-मटन दुकानों के लाइसेंस भी जांचे..


कार्रवाई के दौरान पुलिस और प्रशासन की टीम ने नूरी नगर एवं कसाई मंडी क्षेत्र में संचालित चिकन-मटन दुकानों के लाइसेंस भी जांचे। जिन दुकानों के पास वैध दस्तावेज अथवा लाइसेंस उपलब्ध नहीं मिले, वहां कार्रवाई करते हुए कुछ दुकानों को सील किए जाने की जानकारी सामने आई है।
दुकानदारों को निर्देश दिए गए कि केवल वैध लाइसेंस के आधार पर ही मांस विक्रय किया जाए और नगर पालिका द्वारा निर्धारित स्थान पर ही दुकान संचालित की जाए। सड़क किनारे अथवा बिना अनुमति के दुकानें लगाने वालों को भी चेतावनी दी गई।


संदिग्धों से पूछताछ, आरोपियों की तलाश जारी..


गौ हत्या की घटना को लेकर पुलिस ने जांच तेज कर दी है। पुलिस द्वारा चिन्हित लोगों की तलाश की जा रही है और मामले से जुड़े संदिग्धों को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ किए जाने की जानकारी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि घटना में कौन-कौन लोग शामिल थे और इसके पीछे क्या परिस्थितियां थीं।
अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है।


डीआईजी ने लिया मौके का जायजा..


घटना की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी सागर रेंज शशिंद्र सिंह चौहान ने दमोह पहुंचकर घटनास्थल से जुड़े क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से मामले की जानकारी लेते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने, आरोपियों को जल्द चिन्हित कर कार्रवाई करने और संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए। डीआईजी ने आमजन एवं हिंदू संगठनों से भी शांति बनाए रखने की अपील की।


निरीक्षण के दौरान एडिशनल एसपी सुजीत सिंह भदौरिया, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एचआर पांडे, एसडीएम निकेत चौरसिया, एसडीओपी हटा केपी सिंह, तहसीलदार रॉबिन जैन, कोतवाली टीआई मनीष कुमार, सीएमओ नगर पालिका राजेंद्र सिंह लोधी, एएसआई राकेश पाठक सहित पुलिस एवं प्रशासन के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।


रसराजदास जी महाराज ने दिया समर्थन..


गौ हत्या की घटना को लेकर संत समाज और हिंदू संगठनों में भी आक्रोश है। रसराजदास जी महाराज ने घटना पर रोष व्यक्त करते हुए गौसेवकों और हिंदू समाज की मांगों का समर्थन किया। संगठनों का कहना है कि गर्भवती गौमाता की हत्या की घटना ने धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाई है और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।


घटना में गौमाता के सिर तथा अजन्मे बछड़े के अवशेष मिलने की बात सामने आने के बाद लोगों में आक्रोश और बढ़ गया। हिंदू संगठनों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष और तेजी से जांच कर सभी जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।


नेताओं की चुप्पी पर सोशल मीडिया में सवाल..


घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है। कई सामाजिक संगठनों और लोगों ने पोस्ट के माध्यम से सवाल उठाया कि शहर में इतनी गंभीर घटना के बाद जिले के मंत्री, विधायक, सांसद और अन्य जनप्रतिनिधि इस मुद्दे पर सार्वजनिक रूप से कब अपनी प्रतिक्रिया देंगे।
सोशल मीडिया पर जनप्रतिनिधियों की भूमिका और उनकी प्रतिक्रिया को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि कुछ राजनीतिक लोगों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने गौ सुरक्षा, अवैध गतिविधियों और शहर के संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासनिक निगरानी को लेकर भी बहस छेड़ दी है।


रात तक चली कार्रवाई, अगले चरण पर नजर..


पुलिस और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई देर शाम तक जारी रही। रात करीब 9 बजे के आसपास अभियान को फिलहाल रोका गया। अधिकारियों ने क्षेत्र में संचालित दुकानों, अतिक्रमण और बिजली कनेक्शनों की जांच की है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि अगले चरण में प्रशासन और पुलिस की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है।
फिलहाल पुलिस का कहना है कि गौ हत्या के मामले की जांच जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं हिंदू संगठनों ने स्पष्ट किया है कि वे दोषियों की गिरफ्तारी और कठोर कार्रवाई की मांग को लेकर प्रशासन के संपर्क में बने रहेंगे।

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