दमोह में त्योहारों को लेकर प्रशासन अलर्ट, रावण दहन की 100वीं वर्षगांठ को भव्य बनाने की तैयारी..

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दमोह में त्योहारों को लेकर प्रशासन अलर्ट, रावण दहन की 100वीं वर्षगांठ को भव्य बनाने की तैयारी

कलेक्टर प्रताप यादव ने साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था और सड़कों की मरम्मत समय पर कराने के दिए निर्देश; एसपी आनंद कलादगि बोले—त्योहारों में शांति और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

दमोह। शारदेय नवरात्र, गरबा महोत्सव, दशहरा, दीपावली एवं गुरु नानक जयंती को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और उल्लासपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। गुरुवार, 8 अक्टूबर को कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में कलेक्टर प्रताप नारायण यादव की अध्यक्षता में जिला शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा, धार्मिक आयोजन स्थलों की सुरक्षा, यातायात, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, पटाखा बाजार और प्रतिमा विसर्जन सहित विभिन्न व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।

बैठक में पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगि, शांति समिति के सदस्य एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पहले पूरी की जाएं, ताकि श्रद्धालुओं और आम नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

दमोह में रावण दहन की 100 वर्ष पुरानी परंपरा, इस बार होगा विशेष आयोजन

शांति समिति की बैठक में दमोह की ऐतिहासिक रावण दहन परंपरा को लेकर विशेष चर्चा हुई। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कहा कि दमोह में लगभग 100 वर्षों से रावण दहन का आयोजन होता आ रहा है। इस गौरवशाली परंपरा के 99 वर्ष पूरे हो चुके हैं और इस वर्ष आयोजन के 100 वर्ष पूरे होने जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि दमोह का रावण दहन अपनी भव्यता और परंपरा के कारण विशेष पहचान रखता है। जिस उत्साह और गरिमा के साथ अब तक आयोजन होता आया है, उसी भावना के साथ इस वर्ष भी इसे और भव्य बनाने का प्रयास किया जाएगा। प्रशासन की ओर से आयोजन के लिए बेहतर से बेहतर व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने का प्रयास रहेगा।

महिला सुरक्षा के लिए शक्ति टीम की निगरानी, प्रमुख मंदिरों पर पुलिस बल

पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगि ने कहा कि आगामी त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना और आम नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना पुलिस प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। आयोजन समितियों के पदाधिकारियों के साथ अलग से बैठक कर सुरक्षा और व्यवस्थाओं की समीक्षा भी की जाएगी।

महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रमुख आयोजन स्थलों पर शक्ति टीम की नियमित निगरानी तथा आवश्यकता के अनुसार महिला पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। महाकाली चौराहा, बड़ी देवी मंदिर सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों पर पुलिस व्यवस्था मजबूत रखने के निर्देश दिए गए।

गरबा आयोजकों को प्रवेश और निकास द्वार व्यवस्थित रखने, पहचान-पत्रों की जांच करने तथा पूरे परिसर को कवर करने वाले सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए कहा गया। कैमरों की रिकॉर्डिंग का बैकअप भी पर्व समाप्त होने के बाद सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए।

पंडालों में अग्निशमन उपकरण और विद्युत सुरक्षा अनिवार्य

बैठक में दुर्गा प्रतिमा स्थापना एवं गरबा पंडालों की सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया। सभी आयोजकों को विद्युत व्यवस्था, जनरेटर, अग्निशमन यंत्र, पानी और अन्य आपातकालीन संसाधनों की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बड़े पंडालों की मजबूती की संबंधित अधिकारियों से जांच कराने और आवश्यक प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराने को कहा गया।

प्रतिमा स्थापना स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे इस तरह लगाए जाएंगे कि प्रवेश द्वार, निकास द्वार, प्रतिमा स्थल और पूरा परिसर निगरानी में रहे। प्रतिमा लाने से पहले संबंधित थाना प्रभारी और तहसीलदार को सूचना देने के निर्देश भी दिए गए।

कलेक्टर ने विद्युत तारों और अस्थायी कनेक्शनों की जांच करने तथा कटी-पड़ी तारों को तत्काल व्यवस्थित करने को कहा। ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग निर्धारित सीमा में करने और धार्मिक आयोजनों की गरिमा बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।

पटाखा बाजार के लिए सुरक्षा मानकों का पालन जरूरी

दीपावली के मद्देनजर पटाखों की अस्थायी दुकानों के लाइसेंस नियमानुसार जारी करने के निर्देश दिए गए। बैठक में आवेदन के 24 घंटे के भीतर अस्थायी लाइसेंस जारी करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। पटाखा बाजार के लिए ऐसे स्थान का चयन करने पर जोर दिया गया, जहां पर्याप्त पार्किंग उपलब्ध हो और दुकानों के बीच निर्धारित दूरी बनी रहे, ताकि किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को कम किया जा सके।

जवारा और प्रतिमा विसर्जन के लिए विशेष इंतजाम

दीवान जी की तलैया में जवारा विसर्जन के दौरान साफ-सफाई, पर्याप्त पानी और प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। प्रतिमा विसर्जन के दौरान भीड़ और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए क्रेन के माध्यम से विसर्जन कराने की व्यवस्था पर शांति समिति ने सहमति जताई।

इसके लिए 8×8 फीट का प्लेटफॉर्म तैयार करने तथा आयोजन समितियों एवं यातायात पुलिस के समन्वय से आवश्यक व्यवस्थाएं बनाने का निर्णय लिया गया, जिससे विसर्जन के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था बनी रहे।

घंटाघर और प्रमुख बाजारों में यातायात व्यवस्था पर जोर

त्योहारों के दौरान बाजारों में बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए घंटाघर सहित प्रमुख बाजार क्षेत्रों में सुगम आवागमन सुनिश्चित करने पर चर्चा हुई। सड़क किनारे अस्थायी दुकानें लगाने और दुकानों के बाहर सामान रखने से यातायात प्रभावित होने की समस्या को लेकर व्यापारियों से सहयोग मांगा गया।

जिला व्यापारी संघ ने प्रशासन को सहयोग देने का आश्वासन दिया। व्यापारियों ने आवागमन में बाधा बनने वाले अतिक्रमण को हटाने में सहयोग करने पर सहमति जताई। छोटे व्यापारियों को तहसील ग्राउंड में व्यवस्थित करने से पहले सूचना देने पर भी चर्चा हुई।

साफ-सफाई, प्रकाश और सड़क मरम्मत समय से पहले पूरी करने के निर्देश

कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने नगर पालिका को प्रमुख मंदिरों, दुर्गा पंडालों, विसर्जन स्थलों और प्रमुख मार्गों पर नियमित साफ-सफाई, पर्याप्त प्रकाश तथा जलापूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सड़कों के गड्ढे भरने और आवश्यक मरम्मत कार्य त्योहारों से पहले पूरा करने को कहा गया।

बड़ी देवी मंदिर और आसपास के क्षेत्रों में पार्किंग, प्रकाश व्यवस्था, पुलिस बल तथा स्वयंसेवकों की तैनाती को लेकर भी चर्चा की गई, ताकि श्रद्धालुओं को दर्शन और आवागमन में असुविधा न हो।

नागरिकों और आयोजन समितियों से सहयोग की अपील

कलेक्टर ने कहा कि त्योहारों के दौरान शांति, सुरक्षा और नागरिक सुविधाओं को लेकर प्रशासन पूरी गंभीरता से काम कर रहा है। गणेश उत्सव के दौरान जिस तरह नागरिकों, व्यापारियों, आयोजन समितियों और प्रशासन ने आपसी समन्वय से व्यवस्थाएं संभाली थीं, उसी भावना के साथ आगामी त्योहारों को भी सफल बनाया जाए।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को शांति समिति की बैठक में प्राप्त सुझावों और समस्याओं पर समयबद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए। प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि नवरात्र, दशहरा, दीपावली और गुरु नानक जयंती के दौरान धार्मिक परंपराओं की गरिमा बनाए रखते हुए सुरक्षा, स्वच्छता, यातायात और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने का प्रयास किया जाएगा।

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