दमोह: तीन बच्चों के साथ कुएं में कूदी मां, मां समेत दो बच्चों की मौत, एक बच्ची बची
जमुनिया गांव में सुबह करीब 4 बजे की घटना; ग्रामीणों ने कुएं से चारों को निकाला, पथरिया स्वास्थ्य केंद्र में तीन को मृत घोषित किया गया, पुलिस ने जांच शुरू की
दमोह। मध्यप्रदेश के दमोह जिले के पथरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम जमुनिया में मंगलवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। यहां 28 वर्षीय महिला मंजू अपने तीन छोटे बच्चों के साथ कुएं में कूद गई। ग्रामीणों की मदद से चारों को कुएं से बाहर निकालकर पथरिया स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने महिला और उसके दो बच्चों को मृत घोषित कर दिया। वहीं, पांच वर्षीय बच्ची आरुषि की जान बच गई। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। महिला ने यह कदम क्यों उठाया, फिलहाल इसका स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना मंगलवार सुबह करीब चार बजे की बताई जा रही है। महिला मंजू, पति नेतराम उर्फ निजाम सिंह गौंड, अपने तीन बच्चों को लेकर घर से निकली थी। घर से कुछ दूरी पर स्थित कुएं के पास पहुंचने के बाद चारों के पानी में गिरने की घटना हुई। करीब आधे घंटे बाद प्रभात फेरी के लिए वहां से गुजर रहे लोगों ने बच्ची के चिल्लाने की आवाज सुनी। आवाज सुनकर ग्रामीण कुएं के पास पहुंचे तो महिला और तीनों बच्चे पानी में डूबे हुए थे।
ग्रामीणों ने तत्काल परिजनों और अन्य लोगों को सूचना दी। इसके बाद सामूहिक प्रयास से महिला और तीनों बच्चों को कुएं से बाहर निकाला गया और उपचार के लिए पथरिया स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने मंजू, उसकी चार वर्षीय बेटी अन्नू और तीन वर्षीय बेटे अनुज को मृत घोषित कर दिया। पांच वर्षीय आरुषि को बचा लिया गया।
बच्ची के बयान से सामने आई घटना की जानकारी..
घटना में जीवित बची पांच वर्षीय आरुषि ने बताया कि उसकी मां ने पहले तीनों बच्चों को कुएं में धकेला और फिर खुद भी कुएं में कूद गई। बच्ची के इस कथन से घटना के घटनाक्रम को समझने में मदद मिली है। हालांकि, घटना की परिस्थितियों और महिला के इस कदम के पीछे की वजह का पता लगाने के लिए पुलिस जांच कर रही है।
पति और सास को भी नहीं पता चला कारण..
मृतका की सास अनूप रानी के अनुसार, परिवार के लोग घटना के समय दूसरे कमरे में सो रहे थे। सुबह उन्हें जानकारी मिली कि मंजू अपने तीनों बच्चों के साथ कुएं में कूद गई है। इस घटना में बहू और दो नातियों की मौत हो गई, जबकि एक बच्ची बच गई।
मृतका का पति मजदूरी करता है। उसके अनुसार, पति-पत्नी के बीच किसी विवाद की जानकारी नहीं थी। परिवार के सदस्य भी फिलहाल घटना के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं कर पाए हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर किन परिस्थितियों में मंजू ने इतना गंभीर कदम उठाया।
पुलिस ने मर्ग कायम कर शुरू की जांच..
घटना की सूचना मिलने के बाद पथरिया थाना प्रभारी महेंद्र जगेत स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। पुलिस ने मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे और मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस घटना से जुड़े विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही है। फिलहाल किसी पारिवारिक विवाद या अन्य कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
जमुनिया गांव की इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत से जहां परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, वहीं पांच वर्षीय आरुषि के बच जाने के बावजूद परिवार के सामने अपूरणीय क्षति है। अब पुलिस जांच के बाद ही घटना की परिस्थितियों और इसके पीछे के कारणों की स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।


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