दमोह शहर के विकास कार्यों को मिलेगी रफ्तार, 2022 से लंबित कामों की तय हुई समय-सीमा..
विधायक जयंत मलैया की अध्यक्षता में नगरपालिका की समीक्षा बैठक, स्वच्छता, पेयजल और कचरा प्रबंधन सहित विकास कार्यों पर हुआ मंथन…
शहर के विकास कार्यों को मिलेगी गति, हर कार्य की तय हुई
समय-सीमा – कलेक्टर यादव
दमोह। शहर में लंबे समय से लंबित विकास कार्यों को गति देने और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से मंगलवार को नगरपालिका से संबंधित विभिन्न विषयों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। विधायक जयंत मलैया की अध्यक्षता में हुई बैठक में शहर की स्वच्छता व्यवस्था, पेयजल, कचरा प्रबंधन, निर्माण कार्यों, लंबित विकास योजनाओं और नागरिक सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए विभिन्न कार्यों को पूरा करने के लिए समय-सीमा भी निर्धारित की गई।
बैठक में भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम शिवहरे, नगरपालिका उपाध्यक्ष सुषमा विक्रम सिंह, विजय जैन, एसडीएम सौरभ गंधर्व, डिप्टी कलेक्टर ब्रजेश सिंह, नगरपालिका सीएमओ राजेन्द्र सिंह लोधी, पीडब्ल्यूडी के ईई जेपी सोनकर, जिला शिक्षा अधिकारी सत्यम चौरसिया, विक्रम सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं नगरपालिका के अधिकारी मौजूद रहे।
विकास के लिए सभी को मिलकर करना होगा प्रयास..
बैठक में विधायक जयंत मलैया ने कहा कि शहर के विकास के लिए सभी संबंधित लोगों को मिलकर प्रयास करना होगा। नगरपालिका से जुड़े कार्यों को बेहतर तरीके से पूरा कराने में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और संबंधित विभागों की सहभागिता महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि पूर्व में विद्युत विभाग से संबंधित बैठक आयोजित की गई थी, जिसके बेहतर परिणाम सामने आए हैं। इसी प्रकार नगरपालिका से जुड़े विषयों पर भी गंभीरता से काम करने की जरूरत है।
विधायक ने इसे नैतिक जिम्मेदारी का विषय बताते हुए कहा कि भले ही इसके लिए कोई कानूनी बाध्यता नहीं हो, लेकिन नगरपालिका अधिकारियों, नेता प्रतिपक्ष और उपाध्यक्ष द्वारा जिम्मेदारी लेकर हस्ताक्षर करना महत्वपूर्ण है। शहर के विकास के लिए जो कार्य एक व्यक्ति नहीं कर सकता, उसे दूसरा और दूसरा नहीं कर सकता तो तीसरा व्यक्ति आगे बढ़कर पूरा कर सकता है। सामूहिक प्रयासों से ही शहर के विकास को गति दी जा सकती है।
2022 से लंबित कार्यों पर विशेष फोकस..
बैठक में वर्ष 2022 से लंबित विकास कार्यों को लेकर विशेष रूप से समीक्षा की गई। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने बताया कि शहर में ऐसे कई कार्य हैं जिनके लिए राशि उपलब्ध हो चुकी थी, लेकिन कुछ कार्य अब तक शुरू नहीं हो पाए हैं। वहीं कुछ कार्य शुरू होने के बावजूद अभी तक पूर्ण नहीं हुए हैं और कुछ कार्य पूरे होने के बाद लोकार्पण की प्रतीक्षा में हैं।
बैठक में ऐसे प्रत्येक कार्य की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली गई और संबंधित अधिकारियों के साथ चर्चा कर कार्यवार समय-सीमा निर्धारित की गई।
कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्यों को पूरा कराया जाए, ताकि शासन द्वारा जिन उद्देश्यों को लेकर कार्य स्वीकृत किए गए थे, उनका लाभ जल्द से जल्द शहरवासियों को मिल सके।
टेंडर से लेकर लोकार्पण तक सभी कार्यों की समीक्षा..
बैठक में ऐसे विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई जिनके टेंडर होना बाकी हैं, जिनके टेंडर हो चुके हैं लेकिन कार्य प्रारंभ नहीं हुए हैं, जिन पर निर्माण कार्य चल रहा है तथा जो कार्य पूर्ण हो चुके हैं और लोकार्पण के लिए तैयार हैं।
कलेक्टर ने कहा कि प्रत्येक कार्य की समीक्षा के बाद उसकी समय-सीमा तय की गई है। संबंधित विभागों को उसी समय-सीमा के अनुसार कार्य पूरा करना होगा। यदि किसी कार्य में तकनीकी, प्रशासनिक या अन्य किसी प्रकार की समस्या आती है तो संबंधित अधिकारी समय रहते इसकी जानकारी दें, ताकि समस्या का तत्काल समाधान कर कार्य को आगे बढ़ाया जा सके।
स्वच्छता, पेयजल और कचरा प्रबंधन पर जोर..
शहर की रोजमर्रा की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर भी बैठक में विशेष जोर दिया गया। स्वच्छता व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति और कचरा प्रबंधन को लेकर आवश्यक सुधारों पर चर्चा हुई।
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कहा कि शहरवासियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। नागरिकों की रोजमर्रा की आवश्यकताओं और समस्याओं का तत्परता, शीघ्रता और संवेदनशीलता के साथ निराकरण किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि शहर की सफाई व्यवस्था में सुधार, पेयजल एवं कचरा प्रबंधन को मजबूत बनाने के साथ-साथ विकास कार्यों को पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा कराने के लिए प्रशासन लगातार काम कर रहा है।
जरूरत पड़ने पर विधायक निधि से भी सहयोग..
बैठक में विधायक जयंत मलैया ने शहर के विकास कार्यों के लिए विशेष परिस्थितियों में आवश्यकता पड़ने पर विधायक निधि से सहयोग उपलब्ध कराने की बात कही। उन्होंने कहा कि यदि किसी कार्य के लिए भोपाल स्तर से राशि की आवश्यकता होती है तो उसके लिए भी प्रयास किए जाएंगे और आवश्यक फंड उपलब्ध कराने की पहल की जाएगी।
इससे शहर में लंबित अथवा आवश्यक विकास कार्यों को आर्थिक संसाधनों के अभाव में रुकने से बचाने में मदद मिल सकती है।
जनप्रतिनिधियों के साथ लगातार होगी समीक्षा..
कलेक्टर ने कहा कि शहर के विकास कार्यों को लेकर आने वाले समय में भी विधायक और अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ लगातार बैठकें आयोजित की जाएंगी। मंगलवार की बैठक में लिए गए निर्णयों के पालन की समीक्षा भी की जाएगी और प्रत्येक कार्य की प्रगति पर नजर रखी जाएगी।
उन्होंने कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि शहरवासियों की समस्याओं का समय पर निराकरण हो, उन्हें बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध हों और विकास कार्य निर्धारित गुणवत्ता एवं समय-सीमा में पूरे हों। सामूहिक प्रयासों से दमोह को स्वच्छ, सुंदर और विकसित शहर बनाने की दिशा में लगातार काम किया जाएगा।


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