जन्मदिन की पार्टी नहीं देने पर अधिवक्ता को भेजा रजिस्टर्ड नोटिस, 41,250 रुपये की क्षतिपूर्ति की मांग..
दोस्ती में पार्टी का वादा, इकरारनामे में 23 अगस्त की तारीख तय; पार्टी नहीं मिलने पर उपचार खर्च और मानसिक क्षति का हवाला..
दमोह। दमोह में दो अधिवक्ताओं के बीच जन्मदिन की पार्टी को लेकर विवाद अब कानूनी नोटिस तक पहुंच गया है। एक अधिवक्ता द्वारा अपने पक्षकार के माध्यम से दूसरे अधिवक्ता को रजिस्टर्ड नोटिस भेजकर पार्टी देने के साथ-साथ उपचार में खर्च हुई राशि सहित कुल 41,250 रुपये की क्षतिपूर्ति की मांग की गई है। नोटिस में पार्टी नहीं देने के कारण मानसिक आघात, आर्थिक नुकसान और स्वास्थ्य खराब होने का दावा किया गया है।
जानकारी के अनुसार, विवेकानंद नगर निवासी विशाल सिंह राजपूत की ओर से अधिवक्ता कमल सिंह ठाकुर द्वारा सिविल कोर्ट दमोह में अधिवक्ता गोविंद तिवारी को यह नोटिस भेजा गया है। नोटिस में दोनों के बीच लंबे समय से मित्रता होने और सुख-दुख में साथ रहने का उल्लेख किया गया है।
जन्मदिन पर पार्टी का किया था वादा..
नोटिस में बताया गया है कि गोविंद तिवारी का जन्मदिन 10 अगस्त 2026 को था। जन्मदिन के अवसर पर साथी अधिवक्ताओं और नोटिसकर्ता द्वारा उनका जन्मदिन धूमधाम से मनाया गया था। नोटिस के अनुसार, उस दौरान गोविंद तिवारी ने पार्टी देने का मौखिक वादा किया था, लेकिन बाद में पार्टी नहीं दी गई।
नोटिस में दावा किया गया है कि इसके बाद बार-बार अनुरोध करने पर 19 अगस्त 2026 को गवाहों के समक्ष लिखित घोषणा पत्र/इकरारनामा दिया गया, जिसमें 23 अगस्त को शाम 7 से 9 बजे के बीच पार्टी देने की बात कही गई थी।
शाम 7 बजे से 9 बजे तक इंतजार, फोन का भी नहीं मिला जवाब
नोटिस के मुताबिक, 23 अगस्त को नोटिसकर्ता पार्टी का इंतजार करता रहा। शाम 7 बजे उसने गोविंद तिवारी को फोन लगाया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। इसके बाद 8 बजे भी संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। नोटिस में कहा गया है कि रात 9 बजे तक इंतजार करने के बावजूद न तो पार्टी दी गई और न ही फोन पर कोई जवाब मिला।
होटल में 1750 रुपये का खाना और इलाज में 39,500 रुपये खर्च होने का दावा..
नोटिस में पार्टी नहीं मिलने के बाद नोटिसकर्ता को मानसिक आघात और परेशानी होने का दावा किया गया है। इसमें कहा गया है कि मजबूरी में रात करीब 10 बजे एक होटल में खाना खाना पड़ा, जिस पर 1,750 रुपये खर्च हुए।
इसके बाद अगले दिन स्वास्थ्य खराब होने पर जिला चिकित्सालय दमोह में प्राथमिक उपचार कराने और चिकित्सकों द्वारा जबलपुर जाने की सलाह दिए जाने का उल्लेख है। नोटिस के अनुसार, इसके बाद सीने में दर्द होने पर परिचितों ने आगे के उपचार के लिए डॉ. मनीष पटेल से इलाज कराया, जिसमें 39,500 रुपये खर्च होने का दावा किया गया है।
नोटिस में यह भी आरोप लगाया गया है कि घटना के बाद जिलेभर के दोस्तों के बीच नोटिसकर्ता का मजाक उड़ाया गया, जिससे उसे मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
सात दिन में पार्टी और 41,250 रुपये देने की मांग..
नोटिस में कुल 41,250 रुपये की क्षति होने का दावा करते हुए नोटिस प्राप्त होने के सात दिवस के भीतर पार्टी देने तथा उपचार एवं अन्य खर्च की राशि अदा करने की मांग की गई है। इसके अतिरिक्त नोटिस का खर्च 2,000 रुपये अलग से देने को कहा गया है।
नोटिस में चेतावनी दी गई है कि निर्धारित अवधि में मांग पूरी नहीं होने पर नोटिसकर्ता द्वारा संबंधित अधिवक्ता के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही की जाएगी और आगे होने वाले हर्जे-खर्च की जिम्मेदारी भी नोटिसी की होगी।
हालांकि, नोटिस में लगाए गए आरोपों और दावों पर दूसरे पक्ष की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। दूसरे पक्ष का जवाब सामने आने पर मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।


More Stories
गाय को बचाने के प्रयास में पेड़ से टकराया मैंगनीज से भरा ट्रक, ड्राइवर के पैर फंसे..
दमोह शहर के विकास कार्यों को मिलेगी रफ्तार, 2022 से लंबित कामों की तय हुई समय-सीमा..
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने किया जिला जेल का निरीक्षण, बंदियों से जानी समस्याएं..