दमोह में पंचायत सचिव-सहायक सचिव संगठन का बड़ा ऐलान, आज से काम बंद-कलम बंद..
अगस्त माह का रुका वेतन जारी करने और सार्थक ऐप की उपस्थिति संबंधी विसंगतियां दूर करने की मांग, कलेक्टर-सीईओ को सौंपा ज्ञापन
दमोह। जिले के पंचायत सचिव एवं सहायक सचिव संगठन ने अगस्त 2026 का रुका हुआ वेतन तत्काल जारी करने और उपस्थिति संबंधी विसंगतियों का निराकरण करने की मांग को लेकर 11 सितंबर 2026 से अनिश्चितकालीन “काम बंद, कलम बंद” हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है। संगठन ने इस संबंध में कलेक्टर दमोह एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत दमोह को ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के शीघ्र निराकरण की मांग की है।
संगठन का कहना है कि अगस्त माह में पंचायत सचिव एवं सहायक सचिवों ने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अपनी-अपनी ग्राम पंचायतों में शासकीय दायित्वों का निर्वहन किया और विभागीय कार्यों को पूरा किया। इसके बावजूद केवल “सार्थक ऐप” पर उपस्थिति दर्ज नहीं होने के आधार पर अगस्त माह का वेतन रोक दिया गया, जिसे संगठन ने अनुचित बताया है।
केवल दमोह में नियम लागू करने पर उठाए सवाल..
ज्ञापन में संगठन ने कहा है कि यदि मैदानी स्तर पर कार्यरत विभागीय कर्मचारियों के लिए पूरे मध्यप्रदेश में सार्थक ऐप के माध्यम से उपस्थिति अनिवार्य की जाती है तो पंचायत सचिव एवं सहायक सचिव भी इसका पालन करने के लिए तैयार हैं। लेकिन केवल दमोह जिले में इन कर्मचारियों पर इसे लागू करना संगठन के अनुसार विसंगतिपूर्ण एवं भेदभावपूर्ण है।
संगठन ने मांग की है कि उपस्थिति को लेकर जो तकनीकी अथवा प्रशासनिक विसंगतियां हैं, उन्हें दूर किया जाए तथा कर्मचारियों द्वारा किए गए वास्तविक शासकीय कार्यों को ध्यान में रखते हुए रोका गया वेतन जारी किया जाए।
7 सितंबर के आवेदन पर सुनवाई नहीं होने का आरोप..
संगठन के अनुसार, कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर 7 सितंबर 2026 को आवेदन दिया गया था, लेकिन अब तक सकारात्मक सुनवाई नहीं होने के कारण कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है। अगस्त माह का वेतन रुकने से कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति भी उत्पन्न हो रही है।
इसी के चलते जिला पंचायत सचिव एवं सहायक सचिव संगठन ने 11 सितंबर से अनिश्चितकालीन काम बंद-कलम बंद आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया है।
संगठन की प्रमुख मांगें..
अगस्त 2026 का रोका गया वेतन तत्काल जारी किया जाए।
सार्थक ऐप पर उपस्थिति संबंधी विसंगतियों का निराकरण किया जाए।
पंचायत सचिव एवं सहायक सचिवों के लिए अलग से नियम लागू न किए जाएं।
कर्मचारियों की मांगों पर तत्काल सकारात्मक सुनवाई की जाए।
वेतन रोकने अथवा एकतरफा कार्रवाई संबंधी आदेश पर रोक लगाई जाए।
संगठन ने प्रशासन से कर्मचारियों की मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार करते हुए जल्द समाधान की मांग की है। अब देखना होगा कि प्रशासन की ओर से हड़ताल शुरू होने से पहले कर्मचारियों की मांगों के संबंध में क्या निर्णय लिया जाता है।


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