मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के शिविर से नदारद रहे अधीक्षण अभियंता, कलेक्टर ने थमाया नोटिस
तीन दिन में मांगा जवाब, पथरिया के शिविर में अनुपस्थिति के चलते बिजली विभाग से संबंधित आवेदनों का मौके पर नहीं हो सका निराकरण
दमोह। मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान 2026 के क्रियान्वयन में लापरवाही को लेकर दमोह कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने सख्त रुख अपनाया है। अभियान के तहत आयोजित शिविर में अनुपस्थित रहने पर ऊर्जा विभाग के अधीक्षण अभियंता अमित चौहान को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है। कलेक्टर ने उनसे तीन दिवस के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। निर्धारित समय में जवाब नहीं देने की स्थिति में एकपक्षीय कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
पथरिया के शिविर में पहुंचने के दिए गए थे निर्देश
जारी कारण बताओ सूचना पत्र के अनुसार, कार्यालयीन आदेश के माध्यम से अधीक्षण अभियंता अमित चौहान को 23 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के अंतर्गत विकासखंड पथरिया के चिन्हित ग्रामों का भ्रमण करने तथा वहां संचालित कार्यालयों और संस्थाओं का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद उन्हें अपराह्न 2:30 बजे तक निर्धारित शिविर स्थल पर पहुंचना था।
शिविर के दौरान ऊर्जा विभाग से संबंधित आवेदन और शिकायतें प्राप्त हुई थीं, जिनके निराकरण के लिए अधीक्षण अभियंता को उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, वे निर्धारित शिविर में अनुपस्थित पाए गए। इसके चलते विभाग से संबंधित प्राप्त आवेदनों और शिकायतों का मौके पर निराकरण नहीं हो सका।
पदीय दायित्वों में लापरवाही मानते हुए नोटिस
कलेक्टर द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि संबंधित अधिकारी का शिविर में अनुपस्थित रहना पदीय दायित्वों के गंभीरता से निर्वहन नहीं करने और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों के प्रति उदासीनता को दर्शाता है। इसे मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 का उल्लंघन भी बताया गया है।
नोटिस के माध्यम से अधीक्षण अभियंता से पूछा गया है कि उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न प्रस्तावित की जाए। उन्हें तीन दिवस के भीतर अपना जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित अवधि में जवाब प्रस्तुत नहीं करने पर एकपक्षीय कार्रवाई किए जाने की चेतावनी दी गई है। इस सूचना पत्र की प्रतिलिपि आयुक्त, सागर संभाग को भी सूचनार्थ भेजी गई है।
मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान में लापरवाही पर कलेक्टर सख्त
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने जिले के समस्त कार्यालय प्रमुखों को मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में निर्देश जारी किए हैं। अभियान 7 अगस्त 2026 से 8 जनवरी 2027 तक संचालित किया जा रहा है। इसकी समीक्षा के लिए 21 अक्टूबर को आयोजित ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में मुख्यमंत्री द्वारा अधिकारियों को अभियान के दौरान लापरवाही नहीं बरतने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे।
कलेक्टर ने कहा कि अभियान के तहत आयोजित शिविरों में अधिकारियों की सहभागिता अनिवार्य है। इसके बावजूद कुछ कार्यक्रमों में अधिकारियों की उपस्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई है। जनसंवाद और उद्यम संवाद सहित विभिन्न कार्यक्रमों में अधिकारियों की अनुपस्थिति से आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान में बाधा आती है।
जनसंवाद और उद्यम संवाद में उपस्थिति अनिवार्य
कलेक्टर ने सभी कार्यालय प्रमुखों को निर्देशित किया है कि मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के अंतर्गत आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें और उन्हें सौंपे गए दायित्वों का शत-प्रतिशत निर्वहन करें। जनसंवाद एवं उद्यम संवाद कार्यक्रमों में अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है, ताकि नागरिकों की शिकायतों का प्रभावी निराकरण हो सके और शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाया जा सके।
भविष्य में लापरवाही पर होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई
कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान शासन की प्राथमिकता से जुड़ा महत्वपूर्ण कार्यक्रम है। इसके क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। भविष्य में यदि कोई अधिकारी अभियान के दौरान सौंपे गए दायित्वों का निर्वहन नहीं करता है या निर्धारित कार्यक्रमों में अनुपस्थित पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी।
पथरिया के शिविर में अनुपस्थिति को लेकर अधीक्षण अभियंता को जारी नोटिस को प्रशासन की इसी सख्ती के रूप में देखा जा रहा है। अब संबंधित अधिकारी के जवाब और उसके आधार पर होने वाली आगामी कार्रवाई पर नजर रहेगी।


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