थाना अभिरक्षा से आरोपी फरार, दमोह पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल..
नाबालिग की मौत के मामले में गिरफ्तार झोलाछाप डॉक्टर पुलिस हिरासत से भागा, जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग..
दमोह। दमोह जिले की रनेह थाना पुलिस की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। थाना अभिरक्षा से एक आरोपी के फरार होने की घटना ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। जिस आरोपी को पुलिस ने नाबालिग बच्ची की मौत के मामले में गिरफ्तार किया था, वह थाना परिसर से ही फरार हो गया। घटना के बाद पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और आरोपी की तलाश में पुलिस टीमों को सक्रिय किया गया है।
जानकारी के अनुसार फरार आरोपी लीलाधर चौधरी (35 वर्ष), निवासी बमनपुरा है, जो कथित रूप से झोलाछाप डॉक्टर है। उसके खिलाफ आरोप है कि उसने गलत उपचार किया, जिससे एक नाबालिग बच्ची की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने सड़क पर चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन किया था तथा आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए रनेह थाना पुलिस ने अपराध क्रमांक 37/26 दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया था। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105 तथा मेडिकल काउंसिल एक्ट की धारा 24 के तहत कार्रवाई की गई थी। गिरफ्तारी के बाद आरोपी पुलिस अभिरक्षा में था, लेकिन सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात करीब 3 से 4 बजे के बीच वह पुलिस हिरासत से फरार हो गया।
आरोपी के फरार होने की जानकारी मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और आरोपी की तलाश की जा रही है। जिले के आसपास के थाना क्षेत्रों को भी अलर्ट कर दिया गया है।
घटना ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि थाना अभिरक्षा में मौजूद आरोपी आखिर पुलिस की निगरानी से कैसे निकल गया। क्या ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने लापरवाही बरती, सुरक्षा व्यवस्था में कोई बड़ी चूक हुई या फिर इस पूरे मामले में किसी प्रकार की मिलीभगत की आशंका है? इन सभी बिंदुओं पर अब जांच की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पुलिस अभिरक्षा में रखा गया आरोपी ही सुरक्षित नहीं रह सकता और आसानी से फरार हो जाता है, तो आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठना स्वाभाविक है। लोगों ने इस मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल पुलिस फरार आरोपी की तलाश में जुटी हुई है। वहीं विभागीय स्तर पर भी इस पूरे घटनाक्रम की समीक्षा किए जाने की संभावना है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आरोपी को कब तक दोबारा गिरफ्तार किया जाता है और थाना अभिरक्षा से फरार होने जैसी गंभीर लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर क्या कार्रवाई होती है।



More Stories
डिजिटल इंडिया के दौर में ‘टापू’ बना बरखेड़ा: बारिश आते ही दुनिया से कट जाता है गांव, विकास के दावों पर उठे सवाल..
खजुराहो एयरपोर्ट पर उद्योगपति अनंत अंबानी के स्वागत को लेकर पूर्व मंत्री राजा पटेरिया का बड़ा आरोप, राज्यपाल से की शिकायत..
सेफ क्लिक 2.0 अभियान का आगाज, साइबर जागरूकता मैराथन से दिया डिजिटल सुरक्षा का संदेश..