जिला जेल में बंदियों को टीबी के प्रति किया जागरूक, 93 के एक्स-रेएआई तकनीक से लैस हैंडहेल्ड एक्स-रे..

Spread the love

जिला जेल में बंदियों को टीबी के प्रति किया जागरूक, 93 के एक्स-रेएआई तकनीक से लैस हैंडहेल्ड एक्स-रे..

मशीन से हुई जांच, 92 बंदियों के बलगम सैंपल लिए गए..

दमोह। ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ के अंतर्गत जिला जेल दमोह में बंदियों के लिए विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया। शिविर में बंदियों को क्षय रोग (टीबी) के लक्षण, बचाव और शासन द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे निःशुल्क उपचार की जानकारी दी गई।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राकेश राय ने बताया कि अभियान के तहत ग्रामीण, सुदूरवर्ती और संवेदनशील क्षेत्रों में छिपे टीबी रोगियों की पहचान के लिए लगातार स्वास्थ्य शिविर लगाए जा रहे हैं। इसी क्रम में जिला जेल में भी बंदियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए जांच शिविर आयोजित किया गया।

एआई तकनीक से हुई जांच..

शिविर की खासियत अत्याधुनिक एआई तकनीक से युक्त हस्त संचालित एक्स-रे मशीन रही। इसके माध्यम से टीबी के प्रति संवेदनशील 93 बंदियों के चेस्ट एक्स-रे किए गए।

प्राथमिक जांच में टीबी की आशंका वाले 92 व्यक्तियों के बलगम (स्पूटम) सैंपल भी आगे की विस्तृत जांच के लिए लिए गए।

टीबी पूरी तरह इलाज योग्य बीमारी..

जिला टीबी समन्वयक दीपक राजपूत ने बंदियों को संबोधित करते हुए कहा कि टीबी एक इलाज योग्य बीमारी है और शासन द्वारा इसका संपूर्ण उपचार निःशुल्क उपलब्ध कराया जाता है।

उन्होंने बंदियों से लक्षण दिखाई देने पर तत्काल जांच कराने की अपील की।शिविर के सफल आयोजन में जेल अधीक्षक एवं जेल स्टाफ का विशेष सहयोग रहा। इस दौरान एसटीएलएस चेतन अग्रवाल, रेडियोग्राफर राजकुमार पटेल, मानक लाल रैकवार और वैभव अहिरवार ने स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कीं।

गर्भवती महिलाओं को घर बैठे मिलेगी स्वास्थ्य सलाह, ‘सुमन सखी’ व्हाट्सएप चैटबॉट शुरू..

एआई आधारित सुविधा से गर्भावस्था, खान-पान, जांच और नवजात देखभाल की मिलेगी जानकारी..

दमोह। गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों को गर्भावस्था के दौरान स्वास्थ्य एवं पोषण से जुड़ी जरूरी जानकारी घर बैठे उपलब्ध कराने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, मध्यप्रदेश द्वारा ‘सुमन सखी’ एआई आधारित व्हाट्सएप चैटबॉट की सुविधा शुरू की गई है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राकेश राय ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य गर्भवती माताओं और उनके परिवारों को गर्भावस्था, प्रसव तथा नवजात शिशु की देखभाल से संबंधित सही और उपयोगी जानकारी डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराना है।

जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रीता चटर्जी ने बताया कि यह सुविधा निःशुल्क और चौबीसों घंटे उपलब्ध रहेगी। इसका उपयोग करना भी बेहद आसान है।

ऐसे लें ‘सुमन सखी’ की मदद..

सुमन सखी सुविधा का लाभ लेने के लिए मोबाइल में आधिकारिक व्हाट्सएप नंबर 9770905942 को ‘सुमन सखी चैटबॉट’ के नाम से सेव करना होगा। इसके बाद व्हाट्सएप पर इस नंबर पर ‘HI’ लिखकर भेजना होगा। मैसेज भेजते ही स्क्रीन पर विभिन्न विकल्प दिखाई देंगे।

जरूरत के अनुसार विकल्प चुनने पर गर्भावस्था के दौरान खान-पान, आवश्यक जांच, प्रसव और नवजात शिशु की देखभाल सहित विभिन्न विषयों पर हिंदी में जानकारी तुरंत उपलब्ध होगी।

स्वास्थ्य विभाग ने जिले की सभी गर्भवती माताओं और उनके परिजनों से अपील की है कि वे इस डिजिटल सुविधा का उपयोग करें और गर्भावस्था के दौरान मिलने वाली स्वास्थ्य संबंधी जानकारी का लाभ उठाएं, ताकि सुरक्षित प्रसव और बेहतर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सुनिश्चित किया जा सके।

उत्कृष्ट कार्य करने वाली आशाओं और आशा सुपरवाइजर का सम्मान..

स्वतंत्रता दिवस समारोह में सीएमएचओ डॉ. राकेश राय ने प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित..

दमोह। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली आशा कार्यकर्ताओं एवं आशा सुपरवाइजर को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सम्मानित किया गया।

सीएमएचओ कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राकेश राय ने उत्कृष्ट कार्य करने वाली आशाओं को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए और पुरस्कार राशि उनके खातों में हस्तांतरित की।

सम्मान समारोह में उत्कृष्ट कार्य के लिए विमला पटेल एवं प्रगति मिश्रा ने प्रथम स्थान, अंजना पटेल ने द्वितीय स्थान तथा अर्चना अहिरवाल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं आशा सुपरवाइजर वर्ग में मीरा अहिरवाल ने प्रथम स्थान हासिल किया।

इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने आशा कार्यकर्ताओं द्वारा ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को आमजन तक पहुंचाने में निभाई जा रही भूमिका की सराहना की।

कार्यक्रम में जिला आशा कार्यक्रम की ओर से डीसीएम ऋषि राज एवं प्रशिक्षक बीएम दुबे की मौजूदगी रही। अधिकारियों ने सम्मानित आशा कार्यकर्ताओं को भविष्य में भी इसी तरह बेहतर कार्य करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए प्रोत्साहित किया।

About The Author