एक पेड़ सौ पुत्रों के समान, पौधारोपण के साथ संरक्षण भी जरूरी: प्रधान जिला न्यायाधीश..

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एक पेड़ सौ पुत्रों के समान, पौधारोपण के साथ संरक्षण भी जरूरी: प्रधान जिला न्यायाधीश..

‘उल्लास-एक अभिनव प्रयोग’ के तहत बरपटी मिनी की वन भूमि में हुआ पौधारोपण, न्यायिक अधिकारियों और वन विभाग ने लिया पर्यावरण संरक्षण का संकल्प..

दमोह। म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दमोह द्वारा ‘उल्लास-एक अभिनव प्रयोग’ के अंतर्गत ग्राम बरपटी मिनी स्थित वन भूमि में पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम वन विभाग के सहयोग से संपन्न हुआ। इस दौरान न्यायिक अधिकारियों एवं वन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

कार्यक्रम में प्रधान जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष सुभाष सोलंकी, सचिव उषाकांता कृषाण, वन मंडल अधिकारी ईश्वर जरांडे, विशेष न्यायाधीश (एट्रोसिटी) उदय सिंह मरावी, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी स्नेहा सिंह, न्यायिक मजिस्ट्रेट निलेश मुलतकर, दीर्घा ऐरन, जिला विधिक सहायता अधिकारी रजनीश चौरसिया, वन परिक्षेत्र अधिकारी विक्रम चौधरी सहित वन विभाग, न्यायालयीन एवं विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारी उपस्थित रहे।

आने वाली पीढ़ियों के लिए जरूरी है पौधारोपण..

इस अवसर पर प्रधान जिला न्यायाधीश सुभाष सोलंकी ने कहा कि आज लगाया गया एक पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए बड़ी सौगात साबित हो सकता है। उन्होंने कहा, “एक वृक्ष सौ पुत्रों के समान है।” अधिक से अधिक पौधारोपण कर हम अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण तैयार कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि केवल पौधारोपण करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल और सुरक्षा भी जरूरी है। जब पौधे सुरक्षित रहकर वृक्ष का रूप लेते हैं, तभी पर्यावरण संरक्षण का उद्देश्य पूरा होता है। वृक्ष प्रदूषण कम करने के साथ वातावरण को स्वच्छ और संतुलित बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

पौधों के संरक्षण की भी अपील..

प्रधान जिला न्यायाधीश ने उपस्थित लोगों से वर्षाकाल के दौरान अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण की जिम्मेदारी लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल किसी एक विभाग या संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक को इसमें अपनी भूमिका निभानी चाहिए।

कार्यक्रम के दौरान वन विभाग की टीम ने पौधारोपण के महत्व और पौधों की देखभाल से संबंधित जानकारी भी साझा की। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ समाज में प्रकृति संरक्षण की भावना को मजबूत करना रहा।

पौधारोपण कार्यक्रम के माध्यम से न्यायिक एवं विधिक सेवा प्राधिकरण से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों ने पर्यावरण संरक्षण तथा हरित भविष्य के निर्माण का संदेश दिया।

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