दमोह में राष्ट्र सेविका समिति के पांच दिवसीय घोष वर्ग का भव्य समापन..

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दमोह में राष्ट्र सेविका समिति के पांच दिवसीय घोष वर्ग का भव्य समापन

49 सेविकाओं ने किया घोष प्रदर्शन, सैकड़ों दीपों से जगमगाया भारत माता का आरती स्थल; देशभक्ति के जयघोष से गूंजा वातावरण

दमोह। राष्ट्र सेविका समिति, महाकौशल प्रान्त द्वारा आयोजित पांच दिवसीय घोष वर्ग का भव्य समापन दमोह में हुआ। 15 से 20 अगस्त 2026 तक आयोजित इस घोष वर्ग में सेविकाओं ने विभिन्न घोष रचनाओं का अभ्यास किया और समापन अवसर पर 49 सेविकाओं ने अनुशासित एवं मनमोहक घोष प्रदर्शन प्रस्तुत किया।


घोष वर्ग के दौरान सेविकाओं ने मीरा, पहाड़ी, सुषिर, भूप, तिलंग, शिव-वंदना, टिक-टिक प्रयोग, कल्याण, श्रीपाद, शिवरंजनी, मनुस्तुति, श्रीराम, शिवराज, जननी और जन्मभूमि सहित कुल 15 रचनाओं का अभ्यास किया। समापन समारोह में सेविकाओं के घोष प्रदर्शन को देखने के लिए दमोह नगर से बड़ी संख्या में प्रबुद्ध नागरिक, गणमान्य नागरिक, माता-बहनें एवं परिवार सहित लोग उपस्थित रहे।


घोष प्रदर्शन के दौरान सेविकाओं की एकरूपता, अनुशासन और तालमेल ने उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया। कार्यक्रम के माध्यम से सामाजिक समरसता, सद्भावना और राष्ट्रभक्ति का संदेश भी दिया गया।


सैकड़ों दीपों से हुई भारत माता की आरती..


घोष प्रदर्शन के समापन के बाद भारत माता की आरती की गई। इस अवसर पर कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों ने भी दीपदान किया। देखते ही देखते सैकड़ों दीप एक साथ प्रज्ज्वलित हुए और पूरा वातावरण भक्ति एवं राष्ट्रभाव से आलोकित हो गया।


दीपों की रोशनी के बीच भारत माता के जयघोष और ‘वंदे मातरम्’ के स्वरों से पूरा वातावरण देशभक्ति से ओतप्रोत हो उठा। उपस्थित नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भारत माता की जय के नारे लगाए।
कार्यक्रम में ‘तमसो मा ज्योतिर्गमय’ के भाव को भी रेखांकित किया गया।

वक्ताओं ने कहा कि एक दीप केवल अंधकार को दूर नहीं करता, बल्कि भय और निराशा को भी दूर करने का संदेश देता है। जब यही दीप राष्ट्र के नाम जलता है, तो वह देश के प्रति सेवा, समर्पण और राष्ट्रनिर्माण का संकल्प बन जाता है।


घोष वर्ग के सफल समापन पर उपस्थित नागरिकों ने राष्ट्र सेविका समिति की सेविकाओं के अनुशासन, समर्पण और प्रस्तुति की सराहना की। कार्यक्रम का समापन भारत माता की जय और वंदे मातरम् के जयघोष के साथ हुआ।

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