दिशा की बैठक में दमोह के विकास का रोडमैप, फोरलेन से मेडिकल कॉलेज तक कई अहम मुद्दों पर मंथन..

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दिशा की बैठक में दमोह के विकास का रोडमैप, फोरलेन से मेडिकल कॉलेज तक कई अहम मुद्दों पर मंथन

सांसद राहुल सिंह लोधी की अध्यक्षता में हुई जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर कलेक्टर ने दिखाई सख्ती

दमोह। जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक बुधवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सांसद राहुल सिंह लोधी की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष रंजीता गौरव पटेल, कलेक्टर प्रताप नारायण यादव सहित जनप्रतिनिधि, समिति सदस्य और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के साथ जिले में चल रहे विकास कार्यों की स्थिति और आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक की पुष्टि जिला प्रशासन की ओर से जारी जानकारी में भी की गई है।

टू-लेन से फोरलेन हुआ दमोह-जबलपुर मार्ग

बैठक में सांसद राहुल सिंह लोधी ने जिले की सड़क कनेक्टिविटी को लेकर कहा कि दमोह से जबलपुर जाने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग पहले टू-लेन था, जिसे लगातार प्रयासों और केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री से मुलाकात के बाद फोरलेन में परिवर्तित कराया गया।

उन्होंने बताया कि सिंग्रामपुर क्षेत्र में करीब 3.5 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड रोड प्रस्तावित है। इसका उद्देश्य यातायात को सुगम बनाने के साथ वन्यजीवों के आवागमन को भी सुरक्षित बनाना है। एलिवेटेड मार्ग के नीचे से वन्यजीव आसानी से निकल सकेंगे।

सांसद ने बताया कि बकस्वाहा की ओर से आने वाले मार्ग, मुख्यमंत्री द्वारा एमपीआरडीसी को दिए गए करीब 74 किलोमीटर लंबे सागर-दमोह मार्ग और जबलपुर-सागर फोरलेन को बेहतर तरीके से जोड़ने की दिशा में काम किया जा रहा है। इससे तीनों दिशाओं की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और क्षेत्र में आवागमन के साथ आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।

मेडिकल कॉलेज का काम पूर्णता की ओर..

सांसद ने बैठक में बताया कि दमोह मेडिकल कॉलेज में पानी की समस्या का समाधान कर दिया गया है और अब कॉलेज का कार्य पूर्णता की ओर है। उन्होंने कहा कि इसके शुभारंभ की तैयारियां आगे बढ़ रही हैं। मेडिकल कॉलेज शुरू होने के बाद जिलेवासियों को आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होने की उम्मीद है।

दमयंती चना’ को मिलेगा नया बाजार..

बैठक में स्थानीय कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन पर भी चर्चा हुई। सांसद ने बताया कि वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट के तहत दमोह में ‘दमयंती चना’ की प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने की दिशा में प्रयास चल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित होने से चने के स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण को बढ़ावा मिलेगा। इससे किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के साथ रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।

इसके साथ ही जिले में टमाटर के प्रसंस्करण और सॉस निर्माण को बढ़ावा देने के लिए इच्छुक लोगों को ऋण उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया। बैठक में स्टार्टअप इंडिया और रोजगार मेलों से जुड़ी गतिविधियों की भी समीक्षा की गई।

मत्स्य पालन की योजनाओं को गांव-गांव पहुंचाने के निर्देश..

मत्स्य विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए सांसद ने कहा कि मत्स्य पालन केवल तालाब लेकर मछली पालन तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे जुड़े कई क्षेत्रों में केंद्र सरकार की योजनाएं संचालित हैं।

अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वर्कशॉप और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर ग्रामीणों को योजनाओं, पात्रता और मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी दी जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।

करैया में 800 मीटर का रैक प्वाइंट तैयार..

रेलवे से जुड़े मुद्दे पर सांसद राहुल सिंह लोधी ने बताया कि करैया में करीब 800 मीटर लंबा रैक प्वाइंट तैयार हो गया है। दमोह का रैक प्वाइंट करैया में शिफ्ट होने के बाद गेहूं, चना और यूरिया की लोडिंग की सुविधा एक साथ मिल सकेगी।

उन्होंने कहा कि इससे शहर के भीतर माल ढुलाई से जुड़ा यातायात दबाव कम होगा। वहीं संपर्क क्रांति और गोंडवाना एक्सप्रेस से दिल्ली की ओर जाने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए आगामी समय में शेड सहित अन्य व्यवस्थाओं को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।

‘दिशा’ बैठक से जिले को नई दिशा और नई दशा मिलेगी..

जिला पंचायत अध्यक्ष रंजीता गौरव पटेल ने कहा कि दिशा की बैठक प्रत्येक तीन माह में आयोजित होती है। इसमें केंद्र सरकार की योजनाओं की प्रगति, क्रियान्वयन और जिले के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा की जाती है। उन्होंने कहा कि यह बैठक दमोह जिले को नई दिशा और नई दशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

गुणवत्ता से समझौता नहीं, लापरवाही पर होगी कार्रवाई..

कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विकास कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे किए जाएं और उनकी गुणवत्ता से किसी भी स्थिति में समझौता न हो। उन्होंने कहा कि कई बार नई बनी इमारतों में ही पानी टपकने लगता है या कुछ वर्षों में भवन जर्जर हो जाते हैं। ऐसी स्थिति में शासन की राशि का अपेक्षित लाभ आमजन को नहीं मिल पाता।

स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों सहित विभिन्न निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। लापरवाही सामने आने पर संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध कार्रवाई की बात कही गई।

सड़क और नल-जल कार्यों में तेजी के निर्देशआ..

बैठक में सड़कों के निर्माण में हो रही देरी का मुद्दा भी उठा। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि शासन द्वारा विकास कार्यों के लिए पर्याप्त राशि उपलब्ध कराई जाती है, इसलिए निर्माण कार्यों को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाना चाहिए।

तेन्दूखेड़ा क्षेत्र में नल-जल योजना के तहत पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़क किनारे खोदे गए गड्ढों को समय पर नहीं भरने की समस्या पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने संबंधित एजेंसी को निर्देश दिए कि कार्य पूर्ण होते ही गड्ढों को तत्काल भरा जाए, ताकि आमजन को परेशानी न हो।

सड़कों से हटेगा आवारा गौवंश..

सड़कों पर आवारा गौवंश के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए भी बैठक में निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि सड़कों पर आने वाले गौवंश को नजदीकी गौशालाओं में पहुंचाने की व्यवस्था की जाए। इससे जहां गौवंश की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, वहीं वाहन चालकों और आम नागरिकों के लिए सड़क आवागमन भी सुरक्षित होगा।

ग्रामीण रोजगार और अधोसंरचना पर भी चर्चा..

जिला पंचायत सीईओ प्रवीण फुलपगारे ने ग्रामीण रोजगार एवं अधोसंरचना से जुड़े प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में जल सुरक्षा, ग्रामीण अधोसंरचना, आजीविका से जुड़े कार्य और मौसम आधारित परिस्थितियों से निपटने के लिए विभिन्न कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।

बैठक में जल संरक्षण, रूफटॉप वाटर हार्वेस्टिंग, कूप पुनर्भरण, सोकपिट एवं रिचार्ज पिट, पौधरोपण, नर्सरी, पशु शेड, मुर्गी एवं बकरी शेड तथा संपर्क सड़क जैसे कार्यों पर भी चर्चा की गई।

अंत में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचे और विकास कार्यों की नियमित निगरानी की जाए। बैठक में समिति के सदस्यगण एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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