जिला अस्पताल के दवा स्टोर में गंभीर लापरवाही, 8 में से 6 मदों में गड़बड़ी; दो कर्मचारी विरत
दवा स्टोर में मिलीं एक्सपायरी दवाएं, सभी छह फ्रिज बंद; कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश
21 कर्मचारी मिले अनुपस्थित, तीन दिन का वेतन काटने के निर्देश; 24 घंटे में दवा जारी करने की व्यवस्था
दमोह। जिला अस्पताल के स्टोर रूम के निरीक्षण में दवाओं के भंडारण और वितरण व्यवस्था में गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। स्टॉक सत्यापन में 8 में से 6 मदों में विसंगति मिली, वहीं दवा स्टोर की जिम्मेदारी संभाल रहे दो कर्मचारियों को विरत कर दिया गया। इसके अलावा सीएमएचओ कार्यालय में सुबह 10:20 बजे तक अनुपस्थित मिले 21 कर्मचारियों के तीन दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर यादव ने गुरुवार को जिला अस्पताल के स्टोर रूम का निरीक्षण कर दवाओं की उपलब्धता, भंडारण और वितरण व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही दवाओं का लाभ मरीजों को समय पर और निर्धारित मात्रा में मिलना चाहिए। किसी भी मरीज को सरकारी अस्पताल में दवा उपलब्ध नहीं होने के कारण बाजार से दवा खरीदने के लिए मजबूर नहीं होना चाहिए।
निरीक्षण के दौरान सामने आया कि वर्ष 2025 में विभिन्न शासकीय अस्पतालों से प्राप्त 16 इंडेंट अब तक जारी नहीं किए गए थे। वहीं जनवरी 2026 से 39 इंडेंट भी लंबित पाए गए। इस पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए सीएमएचओ को निर्देश दिए कि इंडेंट प्राप्त होने के 24 घंटे के भीतर दवाएं संबंधित अस्पतालों को जारी की जाएं। यदि किसी दवा का स्टॉक उपलब्ध नहीं है तो उसके लिए तत्काल मांग भेजकर अगले दिन तक उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
कलेक्टर ने कहा कि शासन की दवाओं के लिए ई-औषधि पोर्टल पर लाइव डिमांड और ऑनलाइन इश्यू की व्यवस्था है। इसके माध्यम से दवाओं के स्टॉक की स्थिति की निगरानी की जा सकती है। इसके बावजूद दवा उपलब्ध होने के बाद भी अस्पतालों को समय पर जारी नहीं किया जाना गंभीर लापरवाही है।
एक्सपायरी दवाएं मिलीं, छह फ्रिज बंद..
निरीक्षण के दौरान स्टोर में एक्सपायरी डेट की दवाइयां भी रखी मिलीं। वहीं निर्धारित तापमान पर रखी जाने वाली दवाओं के लिए लगाए गए सभी छह फ्रिज बंद पाए गए। कलेक्टर ने इसे गंभीर और मरीजों की सुरक्षा से जुड़ा विषय बताया। उन्होंने निर्देश दिए कि खराब फ्रिज तत्काल सुधरवाए जाएं और जरूरत होने पर उन्हें बदला जाए।
उन्होंने दवा स्टोर को व्यवस्थित करने के लिए टीम गठित करने के निर्देश दिए।
एक्सपायरी दवाओं को अलग रखने, दवाओं को निर्धारित स्थान पर व्यवस्थित करने और तापमान व्यवस्था दुरुस्त करने को कहा गया, ताकि जरूरत पड़ने पर किसी भी दवा को तत्काल खोजकर संबंधित अस्पताल को उपलब्ध कराया जा सके।
सीएमएचओ कार्यालय में 21 कर्मचारी अनुपस्थित..
कलेक्टर ने सीएमएचओ कार्यालय का भी निरीक्षण किया। सुबह 10:20 बजे तक 21 कर्मचारी कार्यालय में उपस्थित नहीं मिले। कलेक्टर ने सभी संबंधित कर्मचारियों के तीन दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासकीय कार्यालयों में समय पर उपस्थिति और कार्यों का समयबद्ध निष्पादन सुशासन की महत्वपूर्ण कड़ी है।
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि दवाओं की उपलब्धता, स्टॉक और वितरण व्यवस्था की नियमित निगरानी की जाए। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही दवाओं का पूरा लाभ आमजन और मरीजों को समय पर मिले, यही प्रशासन की प्राथमिकता है। लापरवाही मिलने पर जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाएगी।


More Stories
दमोह में विद्युत चोरी के खिलाफ छापामार कार्रवाई, 25 हीटर जब्त..
पंचवटी भेड़ाघाट से शुरू हुई 121 किलोमीटर की पंच दिवसीय कांवड़ यात्रा..
गांवों के विकास से ही देश के विकास का सपना होगा साकार : जिला पंचायत अध्यक्ष रंजीता पटेल..