हाईकोर्ट की सख्ती: सागर DIG और दमोह SP के खिलाफ 100-100 रुपए का जमानती वारंट..

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हाईकोर्ट की सख्ती: सागर DIG और दमोह SP के खिलाफ 100-100 रुपए का जमानती वारंट..


पूर्व ASI करण सिंह ठाकुर की अनिवार्य सेवानिवृत्ति से जुड़ा मामला, 1 सितंबर को दोनों अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के निर्देश..


दमोह। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने न्यायालय के आदेश के पालन में कथित लापरवाही के मामले में सख्त रुख अपनाते हुए सागर रेंज के डीआईजी और दमोह पुलिस अधीक्षक के खिलाफ 100-100 रुपए का जमानती वारंट जारी किया है। हाईकोर्ट ने दोनों अधिकारियों को आगामी 1 सितंबर 2026 को व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। मामला दमोह पुलिस विभाग में पदस्थ रहे पूर्व सहायक उपनिरीक्षक (ASI) करण सिंह ठाकुर की सेवा से संबंधित है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, करण सिंह ठाकुर को वर्ष 2015 में अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी गई थी। इस कार्रवाई को उन्होंने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने 30 नवंबर 2023 को अनिवार्य सेवानिवृत्ति से संबंधित आदेश को निरस्त कर दिया था। साथ ही संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए थे कि मामले पर दोबारा विचार कर नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाए।


आदेश के पालन में देरी का आरोप..


पूर्व ASI करण सिंह ठाकुर की ओर से आरोप लगाया गया कि हाईकोर्ट के स्पष्ट निर्देश के बावजूद संबंधित अधिकारियों द्वारा आदेश का अपेक्षित रूप से पालन नहीं किया गया। न्यायालय के निर्देशों के अनुसार मामले में पुनर्विचार और आवश्यक कार्रवाई नहीं होने पर करण सिंह ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की।


अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान न्यायालय ने अधिकारियों से पूर्व में दिए गए आदेश के पालन को लेकर स्थिति स्पष्ट करने को कहा। मामले की 24 अगस्त 2026 को हुई सुनवाई में संबंधित अधिकारी न्यायालय के समक्ष उपस्थित नहीं हुए। अधिकारियों की अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया और दोनों के खिलाफ 100-100 रुपए के जमानती वारंट जारी कर दिए।


1 सितंबर को व्यक्तिगत उपस्थिति के आदेश..


हाईकोर्ट ने सागर डीआईजी और दमोह एसपी को अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। दोनों अधिकारियों की उपस्थिति के साथ अब यह भी महत्वपूर्ण होगा कि पूर्व ASI की अनिवार्य सेवानिवृत्ति के मामले में 30 नवंबर 2023 को दिए गए न्यायालय के आदेश पर अब तक क्या कार्रवाई की गई और आदेश के पालन में देरी की स्थिति क्यों बनी।


अवमानना याचिका में आगे की सुनवाई अहम..


मामला सीधे तौर पर न्यायालय के पूर्व आदेश के अनुपालन से जुड़ा होने के कारण 1 सितंबर की सुनवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हाईकोर्ट इस दौरान अधिकारियों की व्यक्तिगत उपस्थिति में मामले की स्थिति और आदेश के अनुपालन को लेकर स्पष्टीकरण ले सकता है।


करण सिंह ठाकुर की ओर से दायर अवमानना याचिका के बाद अब पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को स्वयं न्यायालय में उपस्थित होना होगा। हाईकोर्ट की ओर से जारी जमानती वारंट के बाद यह मामला दमोह पुलिस विभाग के साथ-साथ सागर रेंज स्तर पर भी चर्चा में है।

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