जर्जर धर्मशाला को तत्काल खाली कराकर गिराने की मांग, हादसे की आशंका जताई..
लोक निर्माण विभाग की जांच में 72 वर्ष पुराना भवन उपयोग के लिए अनुपयुक्त, कंडम घोषित करने की अनुशंसा; मंदिर ट्रस्ट ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की..
दमोह/बांदकपुर। प्रसिद्ध धार्मिक स्थल बांदकपुर स्थित श्री देव जागेश्वरनाथ जी मंदिर परिसर की अत्यंत जर्जर एवं जीर्ण-शीर्ण धर्मशाला को लेकर अब मंदिर ट्रस्ट ने गंभीर चिंता जताई है। धर्मशाला की खराब हालत को देखते हुए ट्रस्ट के प्रवक्ता आचार्य पंडित रवि शास्त्री महाराज ने शासन एवं जिला प्रशासन से धर्मशाला में संचालित दुकानों को तत्काल खाली करवाकर जर्जर भवन को ध्वस्त कराने की मांग की है। ट्रस्ट का कहना है कि भवन की जर्जर स्थिति को लेकर पूर्व में लोक निर्माण विभाग द्वारा निरीक्षण भी किया जा चुका है और भवन को उपयोग के लिए अनुपयुक्त बताते हुए कंडम घोषित करने की अनुशंसा की गई थी।
72 वर्ष पुराना है धर्मशाला भवन..
मामले में सामने आए लोक निर्माण विभाग के निरीक्षण प्रतिवेदन के अनुसार ग्राम पंचायत बांदकपुर में स्थित श्री मंदिर धर्मशाला के भवन का निरीक्षण 25 अगस्त 2024 को लोक निर्माण विभाग के उपयंत्री कपिल मिश्रा द्वारा किया गया था। यह निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी लोक निर्माण विभाग के निर्देश एवं संबंधित पत्र के संदर्भ में किया गया था।
निरीक्षण रिपोर्ट में भवन को लगभग 72 वर्ष पुराना बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार धर्मशाला के भू-तल एवं प्रथम तल के स्लैब क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, जबकि भवन में लगे लकड़ी के साटीर भी झुक गए हैं। निरीक्षण के दौरान भवन की स्थिति को देखते हुए इसे उपयोग करने के लिए अनुपयुक्त पाया गया।
लोक निर्माण विभाग ने अपने निरीक्षण प्रतिवेदन के आधार पर उक्त भवन को कंडम घोषित करने की अनुशंसा की थी। ऐसे में मंदिर ट्रस्ट का कहना है कि जब संबंधित विभाग पहले ही भवन की खतरनाक स्थिति को चिन्हित कर चुका है, तो उसके बाद भी धर्मशाला को खाली कराकर गिराने की कार्रवाई में देरी गंभीर चिंता का विषय है।
दुकानदारों को नोटिस के बाद भी नहीं हुई खाली..
मंदिर ट्रस्ट के प्रवक्ता आचार्य पंडित रवि शास्त्री महाराज ने बताया कि धर्मशाला में वर्तमान में दुकानों का संचालन हो रहा है। ट्रस्ट की ओर से संबंधित दुकानदारों को दुकानें खाली करने के लिए नोटिस भी दिया जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद दुकानें खाली नहीं की जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि जर्जर भवन में दुकानों का संचालन होने के साथ ही यहां लोगों और श्रद्धालुओं का लगातार आवागमन बना रहता है। ऐसी स्थिति में भवन का कोई हिस्सा अचानक गिरने की स्थिति में बड़ा हादसा हो सकता है। इसलिए प्रशासन को नियमानुसार कार्रवाई करते हुए पहले दुकानदारों को सुरक्षित तरीके से खाली करवाना चाहिए और इसके बाद जर्जर धर्मशाला को तत्काल ध्वस्त कर परिसर को सुरक्षित करना चाहिए।
बांदकपुर में रोज पहुंचते हैं बड़ी संख्या में श्रद्धालु..
बांदकपुर जिले का प्रमुख धार्मिक एवं आस्था का केंद्र है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। मंदिर परिसर में मौजूद जर्जर भवन के कारण श्रद्धालुओं, दुकानदारों और स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
आचार्य रवि शास्त्री ने कहा कि जनसुरक्षा से बड़ा कोई विषय नहीं हो सकता। किसी संभावित दुर्घटना के बाद कार्रवाई करने के बजाय प्रशासन को पहले ही आवश्यक कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि जर्जर भवन को खड़ा रखना किसी भी समय गंभीर दुर्घटना को आमंत्रण दे सकता है।
हादसा हुआ तो तय हो जवाबदेही..
मंदिर ट्रस्ट के प्रवक्ता ने शासन, जिला प्रशासन और संबंधित लोक निर्माण विभाग से मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते धर्मशाला को खाली कराकर ध्वस्त नहीं किया गया और भविष्य में किसी प्रकार की दुर्घटना में जन-धन की क्षति होती है, तो इसकी जवाबदेही संबंधित अधिकारियों और विभागों की तय की जानी चाहिए।
उन्होंने प्रशासन से स्पष्ट मांग करते हुए कहा कि पहले धर्मशाला में संचालित दुकानों को नियमानुसार खाली कराया जाए और इसके बाद जर्जर भवन को तत्काल गिराकर पूरे परिसर को सुरक्षित किया जाए। मंदिर ट्रस्ट का कहना है कि लोक निर्माण विभाग की पूर्व निरीक्षण रिपोर्ट में भवन की जर्जर स्थिति सामने आने के बाद अब कार्रवाई में किसी प्रकार की देरी उचित नहीं है।


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