सत्ता में रहकर शासन के खिलाफ बोलना साहस की बात, भ्रष्टाचार उजागर करें पूर्व मंत्री-विधायक : नितिन मिश्रा..

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सत्ता में रहकर शासन के खिलाफ बोलना साहस की बात, भ्रष्टाचार उजागर करें पूर्व मंत्री-विधायक : नितिन मिश्रा

दमोह। जिला कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार जिला कांग्रेस संगठन सचिव नितिन मिश्रा ने जिला कांग्रेस कार्यालय में पत्रकारों से चर्चा करते हुए नगर पालिका सहित जिले में कथित भ्रष्टाचार के मुद्दे पर पूर्व मंत्री एवं दमोह विधायक पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यदि नगर पालिका में भ्रष्टाचार हुआ है और स्वयं जिम्मेदार जनप्रतिनिधि द्वारा इसकी बात स्वीकार की गई है, तो अब भ्रष्टाचार के मामलों को उजागर कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कराई जानी चाहिए।

नितिन मिश्रा ने कहा कि सत्ता में रहते हुए शासन के खिलाफ बोलना साहस की बात है, लेकिन यदि भ्रष्टाचार की जानकारी है तो केवल बयान देने के बजाय उसकी जांच और कार्रवाई के लिए भी पहल करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों से लेकर नगर पालिका की व्यवस्थाओं तक में यदि अनियमितताएं हुई हैं तो उन्हें सार्वजनिक किया जाना चाहिए।

पूर्व नगर पालिका कार्यकालों पर भी उठाए सवाल..

मिश्रा ने पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती शिवहरे और मालती असाटी के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि उन कार्यकालों में भी जमकर भ्रष्टाचार हुआ था, लेकिन संबंधित मामलों को दबा दिया गया। उन्होंने कहा कि उस समय दमोह के विधायक के साथ-साथ मंत्री भी वही थे, इसलिए पुराने मामलों की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

उन्होंने नगर पालिका में प्रभारी सीएमओ बनाए जाने और उस दौरान हुई कथित अनियमितताओं का भी जिक्र किया। मिश्रा ने दावा किया कि तत्कालीन प्रभारी सीएमओ के खिलाफ ईडी की कार्रवाई भी हुई थी। हालांकि उन्होंने इन आरोपों के संबंध में विस्तृत दस्तावेज सार्वजनिक नहीं किए।

तीन गुल्ली ओवरब्रिज को लेकर भी सवाल..

कांग्रेस नेता ने तीन गुल्ली क्षेत्र में प्रस्तावित ओवरब्रिज का मुद्दा उठाते हुए कहा कि वहां ओवरब्रिज के लिए पिलर खड़े किए गए थे, लेकिन बाद में वे रातों-रात गायब हो गए। उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले में हुए खर्च और निर्माण की स्थिति की जानकारी सार्वजनिक की जाए तथा यदि कोई भ्रष्टाचार हुआ है तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए।

109 तालाबों के निर्माण की जांच की मांग..

नितिन मिश्रा ने जिले में 109 तालाब कागजों पर बनाए जाने के आरोपों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह मामला पूर्व में मीडिया के माध्यम से प्रदेश स्तर तक सामने आया था, लेकिन इसकी जांच का क्या हुआ, यह जनता के सामने स्पष्ट नहीं है। उन्होंने मांग की कि इस मामले की जांच दोबारा कराकर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक की जाए।

मेडिकल कॉलेज को लेकर भी कांग्रेस ने उठाए सवाल..

मिश्रा ने वर्तमान सांसद राहुल सिंह द्वारा दमोह में मेडिकल कॉलेज लाने का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि मेडिकल कॉलेज वन विभाग की जमीन से संबंधित है और आवश्यक एनओसी को लेकर भी सवाल उठे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने जनहित में इस मुद्दे को लेकर कोई विवाद खड़ा नहीं किया, लेकिन अब मेडिकल कॉलेज को पीपीपी मॉडल के तहत निजी कंपनी को सौंपने और नई नियुक्तियां रोकने की खबरें सामने आ रही हैं, जिस पर सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

भ्रष्टाचार के खिलाफ विधायक का साथ देने की बात..

कांग्रेस संगठन सचिव ने कहा कि जिले में जिला अस्पताल सहित कई स्थानों पर भ्रष्टाचार की शिकायतें सामने आती रही हैं। यदि वर्तमान विधायक स्वयं मानते हैं कि भ्रष्टाचार हो रहा है और आम जनता परेशान है, तो उन्हें ऐसे मामलों को सामने लाकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में कांग्रेस विधायक का साथ देने के लिए तैयार है। जरूरत है कि भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

इस अवसर पर जिला कांग्रेस मीडिया प्रभारी प्रफुल्ल श्रीवास्तव, वीरेन्द्र राजपूत और शमीम कुरैशी सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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