जिला अस्पताल में एक्सपायरी दवा मिलने का आरोप, कलेक्टर से शिकायत..
जिला अस्पताल में मरीजों की जान से खिलवाड़ का आरोप, मरीज को दी गई एक्सपायरी दवा..
प्रसूता और नवजात को छुट्टी के समय दी गई दवाइयों में मिली एक्सपायरी डेट की दवा, कलेक्टर से शिकायत
दमोह। जिला चिकित्सालय दमोह में मरीजों को दी जाने वाली दवाइयों की गुणवत्ता और उनकी एक्सपायरी डेट को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। पथरिया निवासी बृजेश सेन ने भगवती मानव कल्याण संगठन के कार्यकर्ताओं के साथ कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर कलेक्टर को आवेदन सौंपते हुए जिला अस्पताल में एक्सपायरी डेट की दवाई दिए जाने की शिकायत की है।
बृजेश सेन ने आवेदन में बताया कि वह अपनी पत्नी रागिनी सेन को प्रसव के लिए 26 अगस्त 2026 को जिला चिकित्सालय दमोह लेकर पहुंचे थे, जहां उन्हें भर्ती कराया गया। अगले दिन 27 अगस्त को रागिनी सेन की डिलीवरी हुई। प्रसव के बाद नवजात शिशु को भी अस्पताल में भर्ती रखा गया।
शिकायतकर्ता के अनुसार करीब दस दिन अस्पताल में उपचार के बाद 6 सितंबर 2026 को रागिनी सेन और नवजात शिशु को अस्पताल से छुट्टी दी गई। छुट्टी के दौरान अस्पताल की ओर से उन्हें कुछ दवाइयां दी गईं। घर पहुंचने के बाद जब दवाइयों की जांच की गई तो उनमें से कुछ दवाइयों की एक्सपायरी डेट निकल चुकी होने का आरोप सामने आया।
मामले की जानकारी होने के बाद बृजेश सेन ने तत्काल इसकी शिकायत कलेक्टर दमोह से की। शिकायत पर कलेक्टर ने उन्हें अस्पताल भेजकर सही दवाइयां उपलब्ध कराने की व्यवस्था कराई।
संगठन ने जताई चिंता, जांच और कार्रवाई की मांग..
मामले को लेकर भगवती मानव कल्याण संगठन के कार्यकर्ताओं ने भी चिंता व्यक्त की है। संगठन का कहना है कि अस्पताल में भर्ती मरीजों को यदि एक्सपायरी दवाइयां दी जा रही हैं तो यह बेहद गंभीर लापरवाही है। दवाइयों के उपयोग से मरीजों की सेहत पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है और गंभीर स्थिति में किसी मरीज की जान तक जा सकती है।
संगठन ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और यह पता लगाने की मांग की है कि एक्सपायरी दवा मरीज तक कैसे पहुंची। साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग की गई है।
दवाइयों के रखरखाव और वितरण व्यवस्था पर भी सवाल
इस घटना के बाद जिला अस्पताल में दवाइयों के भंडारण, एक्सपायरी डेट की निगरानी और मरीजों को दवा वितरण की व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। अस्पताल में बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में दवाइयों की जांच और वितरण में किसी भी स्तर पर लापरवाही मरीजों के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।
शिकायतकर्ता और संगठन ने स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि अस्पताल के दवा स्टोर और मरीजों को वितरित की जा रही दवाइयों की जांच कराई जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी मरीज को एक्सपायरी दवा न दी जाए।
मामले में अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिकायत के आधार पर क्या जांच की जाती है और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदारों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।
जिला अस्पताल दमोह में मरीज को एक्सपायरी दवा वितरित किए जाने की शिकायत प्राप्त होते ही कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने मामले की जांच के निर्देश दिए।


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