जिला अस्पताल में घुन लगे बिस्किट मरीजों को बांटे जाने का मामला..
करीब 90 प्रतिशत मरीजों ने लौटाए पैकेट, खाद्य सामग्री की गुणवत्ता जांच पर उठे सवाल; सिविल सर्जन से नहीं हो सका संपर्क..
दमोह। जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों को सुबह वितरित किए जाने वाले बिस्किट की गुणवत्ता को लेकर शुक्रवार को गंभीर शिकायत सामने आई। मरीजों को बांटे गए बिस्किट के पैकेट में कथित तौर पर घुन लगे होने की बात सामने आने के बाद वार्ड में भर्ती करीब 90 प्रतिशत मरीजों ने बिस्किट के पैकेट वापस कर दिए।
खराब बिस्किट मिलने से मरीजों और उनके परिजनों में नाराजगी देखी गई।मरीजों का कहना है कि अस्पताल में भर्ती मरीजों को नियमित रूप से खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जाती है। ऐसे में सवाल उठता है कि मरीजों तक खाद्य सामग्री पहुंचाने से पहले उसकी गुणवत्ता की जांच किस स्तर पर की जाती है।
यदि बिस्किट में पहले से ही घुन लगा हुआ था, तो पैकेट मरीजों तक पहुंचने से पहले जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की नजर में यह खामी क्यों नहीं आई।
स्टाफ नर्स ने पहले ही जताई थी आपत्ति..
मामले को लेकर अस्पताल की एक स्टाफ नर्स ने भी बताया कि उन्होंने पहले ही बिस्किट नहीं लाने के लिए कहा था। इसके बावजूद बिस्किट लाकर मरीजों के बीच वितरित किए गए। इस दावे ने अस्पताल की खाद्य सामग्री की निगरानी व्यवस्था पर और गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
यदि स्टाफ द्वारा पहले ही गुणवत्ता को लेकर आपत्ति जताई गई थी, तो संबंधित शिकायत पर तत्काल कार्रवाई क्यों नहीं की गई और बिस्किट मरीजों को वितरित करने की अनुमति कैसे मिली, यह जांच का विषय है।
प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल..
घुन लगे बिस्किट मरीजों को वितरित किए जाने का मामला सामने आने के बाद अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप लगाए जा रहे हैं कि मामले को गंभीरता से लेने और पूरी स्थिति स्पष्ट करने के बजाय इसे दबाने अथवा छिपाने का प्रयास किया गया। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
मामले की जानकारी लेने के लिए सीएमएचओ डॉ. राकेश राय से चर्चा की गई। उन्होंने मामले की जानकारी लेने की बात कही और इस संबंध में सिविल सर्जन से भी चर्चा करने की बात कही।वहीं, सिविल सर्जन डॉ. प्रह्लाद पटेल से उनका पक्ष जानने के लिए फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। जिसके चलते खबर लिखे जाने तक इस मामले में उनका पक्ष सामने नहीं आ सका।
खाद्य सामग्री की गुणवत्ता जांच पर बड़ा सवाल..
जिला अस्पताल में भर्ती मरीज पहले से ही बीमारी और उपचार की स्थिति से गुजर रहे होते हैं। ऐसे में उन्हें उपलब्ध कराई जाने वाली खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और स्वच्छता बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। बिस्किट में घुन मिलने की शिकायत ने अस्पताल में मरीजों को वितरित होने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांच और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब सवाल यह है कि मरीजों को वितरित किए जाने वाले बिस्किट की गुणवत्ता की जांच कौन करता है? यदि किसी कर्मचारी ने पहले ही आपत्ति जताई थी, तो उस आपत्ति पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? क्या खाद्य सामग्री को मरीजों तक पहुंचाने से पहले उसका नमूना या पैकेट जांचा जाता है? और यदि जांच की व्यवस्था है तो खराब बिस्किट मरीजों तक कैसे पहुंच गए?
मामला सामने आने के बाद अब आवश्यकता इस बात की है कि अस्पताल प्रबंधन पूरे प्रकरण की जांच कराए और यह स्पष्ट करे कि खराब बिस्किट किस स्तर पर पास हुए तथा इसके लिए जिम्मेदार कौन है। मरीजों को उपलब्ध कराई जाने वाली खाद्य सामग्री की गुणवत्ता से जुड़ा यह मामला अस्पताल की निगरानी व्यवस्था, खाद्य सुरक्षा और जिम्मेदारी तय करने से सीधे जुड़ा हुआ है।


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