हिंडोरिया में पुलिस कार्रवाई के दौरान 47 वर्षीय व्यक्ति की मौत, अस्पताल में हंगामा..

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हिंडोरिया में पुलिस कार्रवाई के दौरान 47 वर्षीय व्यक्ति की मौत, अस्पताल में हंगामा..


जुआ फड़ पर दबिश के दौरान भागने के बीच तबीयत बिगड़ने की बात; परिजनों ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप, बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात..


दमोह। जिले के हिंडोरिया थाना क्षेत्र के हिनौता गांव में गुरुवार रात पुलिस कार्रवाई के दौरान एक व्यक्ति की मौत के बाद तनाव की स्थिति निर्मित हो गई। मृतक की पहचान शिव सिंह लोधी, उम्र करीब 47 वर्ष, पिता खिलान सिंह के रूप में बताई जा रही है। घटना के बाद हिंडोरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मृतक के परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में पहुंच गए और पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठाते हुए हंगामा किया।


प्राप्त जानकारी के अनुसार हिंडोरिया थाना पुलिस और बांदकपुर चौकी की टीम हिनौता क्षेत्र में कथित जुआ फड़ पर कार्रवाई के लिए पहुंची थी। इसी दौरान वहां मौजूद लोगों के बीच भगदड़ जैसी स्थिति बनी। इसी दौरान शिव सिंह के गिरने अथवा तबीयत बिगड़ने की बात सामने आई। पुलिस की ओर से बताया गया कि उनकी तबीयत अचानक बिगड़ी, जिसके बाद उन्हें उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हिंडोरिया लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद मौत के वास्तविक कारण को लेकर जांच शुरू कर दी गई है।


परिजनों ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप..


मृतक के परिजनों ने पुलिस के घटनाक्रम पर गंभीर सवाल उठाए हैं। परिजनों का आरोप है कि पुलिस कार्रवाई के दौरान शिव सिंह को पकड़ा गया था और उनके साथ मारपीट की गई, जिसके कारण उनकी मौत हुई। मृतक के बेटे ने भी पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं और कहा कि उनके पिता की तबीयत पहले से खराब रहती थी, इसके बावजूद पुलिस कार्रवाई के दौरान उनके साथ कथित तौर पर मारपीट की गई।
हालांकि, पुलिस की ओर से मारपीट के आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार पुलिस का पक्ष है कि कार्रवाई के दौरान व्यक्ति की अचानक तबीयत बिगड़ी और उसे अस्पताल पहुंचाया गया। मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम और मेडिकल जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।


हिंडोरिया अस्पताल में देर रात तक हंगामा..


शिव सिंह की मौत की खबर मिलते ही हिंडोरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बड़ी संख्या में परिजन और ग्रामीण एकत्र हो गए। अस्पताल के बाहर सड़क पर भीड़ बढ़ने से जाम जैसे हालात बन गए। परिजन पुलिस अधिकारियों से घटनाक्रम की जानकारी और निष्पक्ष जांच की मांग करते नजर आए।
स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने आसपास के थाना क्षेत्रों और पुलिस लाइन से अतिरिक्त बल हिंडोरिया भेजा। मौके पर पथरिया एसडीओपी प्रिया सिंघी, हिंडोरिया थाना प्रभारी अंजलि अग्निहोत्री, पटेरा थाना प्रभारी रचना मिश्रा, उपनिरीक्षक धर्मेंद्र गुर्जर सहित पुलिस बल मौजूद रहा। तनाव के बीच पुलिस और आक्रोशित लोगों के बीच तीखी बहस की स्थिति भी बनी।


कांग्रेस नेताओं ने भी उठाए सवाल..


घटना की जानकारी मिलने के बाद कांग्रेस जिलाध्यक्ष मानक पटेल सहित कांग्रेस के अन्य नेता भी हिंडोरिया अस्पताल पहुंचे। मानक पटेल ने घटनाक्रम पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि व्यक्ति गिरने के बाद घायल हुआ था तो उसे तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र क्यों नहीं ले जाया गया और परिजनों को समय पर सूचना क्यों नहीं दी गई।
वहीं पूर्व मंत्री प्रद्युम्न सिंह लोधी भी अस्पताल पहुंचे और मृतक के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिलाया।


स्थिति बिगड़ने पर अतिरिक्त पुलिस बल पहुंचा..


अस्पताल परिसर में लगातार बढ़ती भीड़ और तनाव को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। विभिन्न थाना क्षेत्रों से पुलिस बल बुलाया गया। कुछ समय के लिए पुलिस द्वारा हल्का बल प्रयोग किए जाने की जानकारी भी सामने आई है, हालांकि इसकी परिस्थितियों और आधिकारिक पुष्टि की प्रतीक्षा है।


घटना के बाद पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी भी देर रात हिंडोरिया पहुंचे और अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।
मौत की जांच अब मेडिकल रिपोर्ट और स्वतंत्र जांच पर
मामले की गंभीरता को देखते हुए मृतक के शव की मेडिकल जांच/पोस्टमार्टम की प्रक्रिया कराई जा रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार सागर से विशेषज्ञ टीम द्वारा मेडिकल जांच कराए जाने तथा विशेष टीम से पूरे घटनाक्रम की जांच कराए जाने की बात सामने आई है।


साथ ही पुलिस कार्रवाई में शामिल पुलिसकर्मियों को लेकर भी विभागीय स्तर पर कार्रवाई की जानकारी सामने आई है। करीब आठ पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच किया गया है।


कई सवालों के जवाब जांच से होंगे स्पष्ट..


इस पूरे घटनाक्रम में फिलहाल कई महत्वपूर्ण सवाल जांच के दायरे में हैं—पुलिस टीम हिनौता में किस सूचना के आधार पर पहुंची थी, मौके पर वास्तव में क्या हुआ, शिव सिंह को पुलिस ने पकड़ा था या वह भागते समय गिरे, उन्हें अस्पताल कब और किस माध्यम से लाया गया, परिजनों को सूचना कब दी गई तथा मौत का चिकित्सकीय कारण क्या रहा।
इन सभी सवालों का जवाब पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मेडिकल जांच, घटनास्थल के साक्ष्य, पुलिस कार्रवाई के रिकॉर्ड और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।


फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और हिंडोरिया में एहतियातन पुलिस बल तैनात रखा गया है। मौत को लेकर लगाए जा रहे आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

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