दमोह में पटाखा दुकानों के लिए 29 अक्टूबर तक आवेदन, लॉटरी से होगा आवंटन; नियम तोड़ने पर कार्रवाई..

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दमोह में पटाखा दुकानों के लिए 29 अक्टूबर तक आवेदन, लॉटरी से होगा आवंटन; नियम तोड़ने पर कार्रवाई

कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने दिए सख्त निर्देश, दुकानों के बीच 3 मीटर और संरक्षित स्थलों से 50 मीटर की दूरी अनिवार्य, कैल्शियम कार्बाइड के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध

दमोह। दीपावली पर्व पर पटाखों की बिक्री और उपयोग के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए दमोह जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। अस्थाई पटाखा दुकानों के संचालन, लाइसेंस जारी करने, स्थल चयन और दुकान आवंटन की प्रक्रिया को लेकर कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पटाखा दुकानों का आवंटन लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा, ताकि सभी आवेदकों को समान अवसर मिले और प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे। अस्थाई पटाखा दुकान लगाने के इच्छुक विक्रेता 29 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।

शनिवार, 24 अक्टूबर को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कलेक्टर प्रताप नारायण यादव की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में दीपावली के दौरान पटाखों के विक्रय एवं उपयोग से संबंधित व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए आमजन की सुरक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया गया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगि और अपर कलेक्टर राकेश मोहन त्रिपाठी विशेष रूप से मौजूद रहे।

कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन कराया जाए। पटाखा दुकानों के संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। दुकानों के लिए सुरक्षित स्थानों का चयन करने से लेकर लाइसेंस जारी करने और आवंटन तक की पूरी प्रक्रिया नियमानुसार संपन्न कराई जाए।

29 अक्टूबर तक ऑनलाइन आवेदन, जिले में अब तक 249 आवेदन

जिले में अस्थाई पटाखा दुकान लगाने के इच्छुक विक्रेताओं के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 29 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है। इच्छुक आवेदक शासन के ऑनलाइन पोर्टल servises.mp.gov.in के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। प्रशासन के अनुसार, अब तक जिले में अस्थाई पटाखा विक्रय के लिए 249 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं।

आवेदन प्राप्त होने के बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत पुलिस सत्यापन कराया जाएगा। इसके उपरांत संबंधित अनुविभागीय अधिकारी राजस्व (एसडीएम) द्वारा नियमानुसार लाइसेंस जारी किए जाएंगे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पटाखा दुकान लगाने के इच्छुक सभी विक्रेताओं को निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा। बिना आवश्यक अनुमति के दुकान संचालन की छूट नहीं होगी।

दुकानों के बीच 3 मीटर की दूरी, आमने-सामने नहीं लगेंगी दुकानें

पटाखा दुकानों में आगजनी की घटनाओं को रोकने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने दूरी संबंधी मानकों पर विशेष जोर दिया है। कलेक्टर के निर्देशानुसार, दो अस्थाई पटाखा दुकानों के बीच कम से कम तीन मीटर की दूरी रखना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही संरक्षित स्थलों से कम से कम 50 मीटर की दूरी सुनिश्चित करनी होगी।

दुकानों को आमने-सामने लगाने की अनुमति नहीं होगी। दुकान निर्माण में अज्वलनशील सामग्री का उपयोग करना अनिवार्य रहेगा, ताकि आग लगने की स्थिति में जोखिम को कम किया जा सके। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि दुकानों की व्यवस्था तय करते समय इन सभी सुरक्षा मानकों का ध्यान रखा जाए।

कलेक्टर ने सभी मुख्य नगरपालिका अधिकारियों (सीएमओ) को शासन के निर्धारित मानकों के अनुरूप पटाखा दुकानों का एकरूप लेआउट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इससे दुकानों की कतारें व्यवस्थित रहेंगी और आवागमन के साथ सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं को बनाए रखने में मदद मिलेगी।

एसडीएम, एसडीओपी, थाना प्रभारी और सीएमओ मिलकर चुनेंगे स्थल

अस्थाई पटाखा दुकानों के लिए सुरक्षित स्थानों का चयन संबंधित अधिकारियों की संयुक्त टीम करेगी। कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि उपखंड स्तर पर एसडीएम, एसडीओपी, संबंधित थाना प्रभारी और सीएमओ संयुक्त रूप से ऐसे स्थलों का चिन्हांकन करें, जहां निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुसार दुकानें लगाई जा सकें।

प्रशासन द्वारा चिन्हित स्थलों पर ही पटाखा दुकानें लगाने की अनुमति दी जाएगी। निर्धारित स्थानों से बाहर दुकानें लगाने की अनुमति नहीं होगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य भीड़भाड़ वाले अथवा असुरक्षित स्थानों पर पटाखों की बिक्री से उत्पन्न होने वाले संभावित खतरे को रोकना है।

स्थल चयन के दौरान सुरक्षा मानकों, दुकानों की दूरी और व्यवस्थित आवंटन को प्राथमिकता दी जाएगी। संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी करें, ताकि दीपावली के दौरान पटाखा विक्रय को लेकर किसी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न न हो।

लॉटरी से होगा आवंटन, सभी आवेदकों को मिलेगा समान अवसर

पटाखा दुकानों के आवंटन में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रशासन ने लॉटरी प्रक्रिया अपनाने का निर्णय लिया है। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने स्पष्ट किया कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत पात्र आवेदकों को दुकान नंबर लॉटरी के माध्यम से आवंटित किए जाएंगे। लॉटरी में प्राप्त दुकान नंबर के अनुसार ही संबंधित विक्रेता को दुकान उपलब्ध कराई जाएगी।

कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दुकान आवंटन की पूरी प्रक्रिया निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ संपन्न कराई जाए। किसी भी आवेदक के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए और दुकान के स्थान अथवा उसकी स्थिति को लेकर शिकायत की गुंजाइश नहीं रहनी चाहिए।

प्रशासन का जोर इस बात पर है कि सभी आवेदकों को समान अवसर मिले और दुकान आवंटन की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार पूरी हो। इसके लिए संबंधित अधिकारी आवेदन, सत्यापन, लाइसेंस और लॉटरी से जुड़ी व्यवस्थाओं को व्यवस्थित ढंग से संचालित करेंगे।

कैल्शियम कार्बाइड के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध

पटाखों के निर्माण, बिक्री और उपयोग में प्रतिबंधित पदार्थों के इस्तेमाल को लेकर भी कलेक्टर ने सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कैल्शियम कार्बाइड का पटाखे बनाने, बेचने अथवा चलाने में किसी भी स्थिति में उपयोग नहीं किया जाना चाहिए। इसके उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध है।

कलेक्टर ने पटाखा विक्रेताओं से निर्धारित नियमों का पालन करने की अपील करते हुए कहा कि लाइसेंस प्राप्त होने के बाद उसे दुकान पर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाए। लाइसेंस में उल्लेखित शर्तों और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना भी अनिवार्य होगा।

नियमों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन द्वारा पटाखा विक्रेताओं को नियमों की जानकारी उनके समूहों के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही समाचार पत्रों के माध्यम से आमजन तक भी आवश्यक जानकारी पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

सुरक्षित और शांतिपूर्ण दीपावली मनाने की अपील

कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कहा कि दीपावली का पर्व सुरक्षित और शांतिपूर्ण वातावरण में मनाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। पटाखा विक्रेताओं को स्वयं सुरक्षा मानकों का पालन करना चाहिए और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने में प्रशासन का सहयोग करना चाहिए।

बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि अस्थाई पटाखा दुकानों के लिए निर्धारित स्थलों का चयन, सुरक्षा मानकों का पालन, पुलिस सत्यापन, लाइसेंस जारी करने और लॉटरी के माध्यम से दुकान आवंटन की प्रक्रिया नियमानुसार पूरी की जाए। प्रशासन का उद्देश्य दीपावली के दौरान पटाखों की बिक्री को व्यवस्थित बनाने के साथ आगजनी और अन्य संभावित दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करना है।

पटाखा विक्रेताओं के लिए प्रमुख निर्देश

  • अस्थाई पटाखा दुकान के लिए 29 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन करें।
  • पुलिस सत्यापन और निर्धारित प्रक्रिया के बाद ही लाइसेंस प्राप्त करें।
  • दुकानों के बीच कम से कम 3 मीटर की दूरी रखें।
  • संरक्षित स्थलों से कम से कम 50 मीटर की दूरी अनिवार्य रूप से बनाए रखें।
  • दुकानें आमने-सामने न लगाएं और अज्वलनशील सामग्री का उपयोग करें।
  • प्रशासन द्वारा चिन्हित स्थलों पर ही दुकान लगाएं।
  • लॉटरी से आवंटित दुकान नंबर के अनुसार ही दुकान संचालित करें।
  • लाइसेंस को दुकान पर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करें।
  • कैल्शियम कार्बाइड का उपयोग किसी भी स्थिति में न करें।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दीपावली के दौरान पटाखा विक्रय के लिए निर्धारित नियमों का पालन अनिवार्य होगा। सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने अथवा बिना निर्धारित अनुमति दुकान संचालित करने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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