दमोह में पिकअप की टक्कर से स्कूली बच्चों से भरा ऑटो पलटा, 12 छात्र घायल; अस्पताल में कराया भर्ती
पटना-मानगढ़ के पास पुलिया पर हुआ हादसा, बनवार के विवेकानंद स्कूल से घर लौट रहे थे छात्र; तहसीलदार ने अस्पताल पहुंचकर जाना बच्चों का हाल
दमोह। जिले के नोहटा थाना क्षेत्र अंतर्गत पटना-मानगढ़ के पास शनिवार को स्कूली बच्चों से भरा एक ऑटो पिकअप वाहन की टक्कर के बाद पलट गया। हादसे में करीब 15 बच्चों के सवार होने की जानकारी सामने आई है। दुर्घटना में लगभग 12 छात्र-छात्राएं घायल हुए, जिन्हें एम्बुलेंस की मदद से दमोह जिला अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में सभी घायलों का उपचार किया गया। प्रशासनिक जानकारी के अनुसार, किसी भी बच्चे की हालत गंभीर नहीं थी और सभी की स्वास्थ्य स्थिति पर निगरानी रखी जा रही थी।
पिकअप की टक्कर के बाद पलटा ऑटो
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बनवार गांव स्थित विवेकानंद स्कूल में पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं स्कूल से छुट्टी के बाद ऑटो से अपने-अपने गांव लौट रहे थे। ऑटो पटना-मानगढ़ क्षेत्र में पुलिया के पास पहुंचा, तभी सामने से आ रहे पिकअप वाहन से उसकी टक्कर हो गई। टक्कर के बाद ऑटो अनियंत्रित होकर पलट गया, जिससे उसमें सवार बच्चे घायल हो गए।
शुरुआती जानकारी में ऑटो चालक द्वारा तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाने की बात सामने आई है। हालांकि, दुर्घटना के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। घटना की सूचना मिलते ही नोहटा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। घायलों को स्थानीय स्तर पर मदद उपलब्ध कराते हुए अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई।
12 छात्र-छात्राएं एम्बुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचे
हादसे के बाद शुरुआत में तीन घायल बच्चों को दमोह जिला अस्पताल लाया गया। इनमें नीतू राय, पिता जागेश्वर राय, उम्र 18 वर्ष; सागर, पिता कैलाश सिंह, उम्र 8 वर्ष; और अंश राय, पिता ओमकार राय, उम्र 13 वर्ष शामिल हैं। इन बच्चों को अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया गया।
इसके बाद अन्य घायल छात्र-छात्राओं को भी एम्बुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया गया। तहसीलदार रघुनंदन चतुर्वेदी के अनुसार, अस्पताल लाए गए 12 बच्चों में आठ बालक और चार बालिकाएं शामिल हैं। घायल बच्चों में मनोहर लोधी, नैंसी राय, काजल, दुर्गा लोधी, रचना, कल्पना, आकाश और रत्नेश कपिल सहित अन्य छात्र-छात्राओं के नाम सामने आए हैं।
सभी घायल बच्चों को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया। अस्पताल में उनके स्वास्थ्य की स्थिति का जायजा लिया गया और आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया गया।
तहसीलदार ने अस्पताल पहुंचकर जाना हाल
घटना की जानकारी मिलने पर तहसीलदार रघुनंदन चतुर्वेदी दमोह जिला अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने घायल बच्चों के स्वास्थ्य के संबंध में जानकारी ली और चिकित्सकीय स्टाफ को बच्चों का उपचार प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए।
तहसीलदार के अनुसार, बनवार स्थित स्कूल में कक्षा नौवीं से बारहवीं तक पढ़ने वाले करीब 15 छात्र ऑटो से अलग-अलग गांवों की ओर लौट रहे थे। हादसे के बाद 12 बच्चों को दमोह जिला अस्पताल लाया गया। उन्होंने बताया कि सभी बच्चे स्वस्थ हैं और किसी की स्थिति गंभीर नहीं है। बच्चों की निगरानी की जा रही है।
अस्पताल में स्ट्रेचर नहीं मिलने की शिकायत
हादसे के बाद जिला अस्पताल पहुंचाए गए घायल बच्चों को स्ट्रेचर नहीं मिलने की बात भी सामने आई। परिजनों के अनुसार, बच्चों को अस्पताल के वार्ड तक ले जाने के लिए स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं हुआ, जिसके चलते उन्हें स्वयं ही बच्चों को उठाकर वार्ड तक ले जाना पड़ा। दुर्घटना में घायल बच्चों के अस्पताल पहुंचने के दौरान सामने आई इस स्थिति ने आपातकालीन व्यवस्था पर सवाल खड़े किए।
इस संबंध में जिला अस्पताल के सहायक अस्पताल प्रबंधक डॉ. सुरेंद्र ने बताया कि शुरुआत में तीन घायल बच्चे अस्पताल पहुंचे थे, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद ट्रॉमा वार्ड में भर्ती किया गया। उन्होंने कहा कि अस्पताल में पर्याप्त संख्या में स्ट्रेचर उपलब्ध हैं। संभव है कि परिजन जल्दबाजी में बच्चों को लेकर अंदर पहुंचे हों और इसी कारण स्ट्रेचर का उपयोग नहीं हो पाया हो।
उन्होंने बताया कि घटना को देखते हुए अस्पताल के स्टाफ को अलर्ट मोड पर रखा गया और डॉक्टरों को आवश्यक निर्देश दिए गए। घायल बच्चों का उपचार प्राथमिकता से किया गया।
स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
इस हादसे ने स्कूली बच्चों को लाने-ले जाने वाले वाहनों की सुरक्षा और क्षमता के अनुरूप सवारी बैठाने की व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। जानकारी के अनुसार, ऑटो में करीब 15 बच्चे सवार थे। ऐसे में वाहन की क्षमता, बच्चों के सुरक्षित परिवहन और चालक की सावधानी जैसे पहलुओं की जांच महत्वपूर्ण है।
फिलहाल हादसे में घायल बच्चों का जिला अस्पताल में उपचार किया गया। दुर्घटना के कारणों और वाहनों की भूमिका को लेकर पुलिस की जांच के संबंध में विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।


More Stories
दमोह में पटाखा दुकानों के लिए 29 अक्टूबर तक आवेदन, लॉटरी से होगा आवंटन; नियम तोड़ने पर कार्रवाई..
दमोह-जबलपुर मार्ग पर दर्दनाक हादसा: बस की टक्कर से दो स्कूली छात्राओं की मौत, ग्रामीणों ने किया चक्काजाम..
दमोह में ‘सड़क से गौशाला’ अभियान को मिलेगी गति, एनएचएआई ने उपलब्ध कराया नया काउ लिफ्टर वाहन..