दमोह जिले की 58 मदिरा दुकानों पर एक साथ छापेमार जांच, तेजगढ़ में 49 पेटी शराब जब्त..

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दमोह जिले की 58 मदिरा दुकानों पर एक साथ छापेमार जांच, तेजगढ़ में 49 पेटी शराब जब्त

कलेक्टर प्रताप नारायण यादव के निर्देश पर 58 दलों ने की सघन जांच, कई दुकानों में मिलीं गंभीर अनियमितताएं, संबंधितों को नोटिस जारी

दमोह। जिले में मदिरा दुकानों के संचालन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और शासन के नियमों का पालन कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा शनिवार को व्यापक जांच अभियान चलाया गया। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव के निर्देश पर जिले में संचालित सभी 58 मदिरा दुकानों की एक साथ औचक जांच की गई। इसके लिए 58 अलग-अलग जांच दल गठित किए गए थे। जांच के दौरान विभिन्न दुकानों में कई प्रकार की अनियमितताएं सामने आईं। तेजगढ़ मदिरा दुकान से 49 पेटी मदिरा बिना संबंधित बैच के परमिट के पाए जाने पर जब्त की गई। वहीं, अन्य दुकानों में अभिलेखों के संधारण और निर्धारित नियमों के पालन में कमी मिलने पर संबंधितों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं।

जिला प्रशासन द्वारा यह कार्रवाई शासन के निर्देशों और आमजन के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए की गई। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने बताया कि जिले की सभी 58 मदिरा दुकानों की एक साथ जांच सुनिश्चित की गई, ताकि दुकानों में मदिरा के भंडारण, बिक्री और अभिलेखों का नियमानुसार संधारण हो सके।

तेजगढ़ दुकान से 49 पेटी मदिरा जब्त

जांच अभियान के दौरान तेजगढ़ मदिरा दुकान में गंभीर अनियमितता सामने आई। यहां 49 पेटी मदिरा ऐसी पाई गई, जो उस बैच के परमिट के अनुरूप नहीं थी, जिस बैच की शराब दुकान में रखी जानी थी। संबंधित मदिरा को जब्त कर लिया गया है।

जिला प्रशासन के अनुसार, जांच के दौरान एक महत्वपूर्ण तथ्य यह भी सामने आया कि जिले की किसी भी मदिरा दुकान में आबकारी एड्रेसएबल लेवल क्यूआर कोड के बिना मदिरा नहीं पाई गई। इससे यह स्पष्ट हुआ कि दुकानों में उपलब्ध मदिरा पर आबकारी विभाग द्वारा जारी परमिट के अनुरूप पहचान संबंधी व्यवस्था मौजूद थी। हालांकि, कुछ दुकानों में बैच और परमिट के मिलान में अंतर पाया गया।

जांच में दुकानों पर मिलीं कई प्रकार की कमियां

58 मदिरा दुकानों की सघन जांच के दौरान विभिन्न दुकानों में निर्धारित नियमों के पालन में कमियां सामने आईं। जांच रिपोर्ट के अनुसार—

  • 3 दुकानों में निर्धारित साइनबोर्ड नहीं पाए गए।
  • 7 दुकानों में विक्रेता का नौकरनामा उपलब्ध नहीं मिला।
  • 17 दुकानों में निरीक्षण पुस्तिका संधारित नहीं पाई गई।
  • 16 दुकानों में दैनिक विक्रय पंजी का संधारण नहीं मिला।
  • 10 दुकानों में पंजी के अनुसार मदिरा का संग्रहण नहीं पाया गया।
  • 2 दुकानों में परमिट फाइल संधारित नहीं मिली।
  • 4 दुकानों में संग्रहित मदिरा का बैच परमिट के अनुसार नहीं पाया गया।

इन अनियमितताओं को लेकर जांच दलों ने संबंधित दुकानों की रिपोर्ट तैयार कर जिला प्रशासन को प्रस्तुत की है। प्रशासन द्वारा मामले में आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

संबंधित दुकानदारों को नोटिस, जवाब के बाद होगी कार्रवाई

जांच के दौरान सामने आई कमियों और अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने संबंधित दुकानदारों एवं जिम्मेदार व्यक्तियों को नोटिस जारी करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।

प्रशासन द्वारा संबंधितों से जवाब मांगा जाएगा। प्राप्त जवाब और जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन का कहना है कि मदिरा दुकानों के संचालन में निर्धारित नियमों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।

आमजन के स्वास्थ्य और नियमों के पालन पर प्रशासन का जोर

कलेक्टर प्रताप नारायण यादव के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई का उद्देश्य जिले में मदिरा के भंडारण और विक्रय व्यवस्था को नियमों के अनुरूप बनाए रखना है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की संदिग्ध या अवैध मदिरा का विक्रय नहीं होने दिया जाएगा।

जिले की सभी 58 दुकानों की एक साथ जांच से मदिरा दुकानों के संचालन, स्टॉक और अभिलेखों की स्थिति का व्यापक परीक्षण किया गया। जांच में सामने आई अनियमितताओं के आधार पर संबंधितों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

जिला प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आगे भी मदिरा दुकानों की नियमित निगरानी और औचक जांच जारी रहेगी, ताकि शासन के निर्देशों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जा सके तथा आमजन के स्वास्थ्य और व्यवस्था पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

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