दमोह जिले के सभी उप-पंजीयक कार्यालयों में लगेगा रजिस्ट्री शुल्क का सूचना-पटल, कलेक्टर ने दिए निर्देश
रजिस्ट्री लेखन की निर्धारित फीस की जानकारी होगी सार्वजनिक, अतिरिक्त राशि मांगने पर जिला पंजीयक या एसडीएम से कर सकेंगे शिकायत
दमोह। जिले में रजिस्ट्री संबंधी सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ाने और आम नागरिकों को निर्धारित शुल्क की सही जानकारी उपलब्ध कराने के लिए कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत जिला पंजीयक कार्यालय सहित जिले में संचालित सभी उप-पंजीयक कार्यालयों में शासन द्वारा निर्धारित रजिस्ट्री लेखन की फीस का सूचना-पटल लगाना अनिवार्य किया गया है। कलेक्टर ने जिला पंजीयक दमोह को निर्देशित किया है कि इस व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू कराया जाए, ताकि रजिस्ट्री कराने के लिए आने वाले नागरिकों को शुल्क संबंधी जानकारी के लिए किसी दूसरे व्यक्ति पर निर्भर न रहना पड़े।
मुख्य प्रवेश द्वार के पास लगाया जाएगा सूचना-पटल
जारी निर्देशों के अनुसार, सभी संबंधित कार्यालयों में सूचना-पटल ऐसे स्थान पर तैयार कराया जाएगा, जहां आम नागरिकों की आसानी से नजर पड़ सके। इसके लिए कार्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार के पास दीवार पर पेंट से सूचना-पटल बनवाने के निर्देश दिए गए हैं। इस पर शासन द्वारा रजिस्ट्री लेखन के लिए निर्धारित फीस का स्पष्ट उल्लेख किया जाएगा।
इस व्यवस्था का उद्देश्य कार्यालयों में आने वाले नागरिकों को पहले से ही यह जानकारी उपलब्ध कराना है कि रजिस्ट्री लेखन के लिए निर्धारित शुल्क कितना है। शुल्क की जानकारी सार्वजनिक होने से नागरिकों को अनावश्यक भ्रम से बचाने और रजिस्ट्री प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी।
निर्धारित शुल्क से अधिक राशि मांगने पर कर सकेंगे शिकायत
कलेक्टर के निर्देशों में शिकायत व्यवस्था को भी प्रमुखता दी गई है। सूचना-पटल पर स्पष्ट रूप से उल्लेख किया जाएगा कि रजिस्ट्री लेखन के लिए शासन द्वारा निर्धारित फीस ही देय है। यदि कोई व्यक्ति निर्धारित शुल्क के अतिरिक्त किसी अन्य शुल्क या राशि की मांग करता है, तो संबंधित नागरिक इसकी शिकायत जिला पंजीयक दमोह अथवा संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के संपर्क नंबर पर कर सकेंगे।
इस पहल से रजिस्ट्री कराने वाले लोगों को निर्धारित फीस और अतिरिक्त राशि की मांग के बीच अंतर समझने में आसानी होगी। साथ ही, किसी भी प्रकार की अनियमितता की स्थिति में शिकायत दर्ज कराने के लिए संबंधित अधिकारियों तक पहुंचने का रास्ता भी स्पष्ट रहेगा।
फोटो सहित भेजना होगा पालन प्रतिवेदन
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने जिला पंजीयक को यह भी निर्देश दिए हैं कि जिले के सभी संबंधित कार्यालयों में सूचना-पटल तैयार कराने के बाद उसकी फोटो सहित पालन प्रतिवेदन अनिवार्य रूप से भेजना सुनिश्चित किया जाए। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि निर्देशों का सभी कार्यालयों में पालन किया गया है।
प्रशासन की इस पहल का प्रमुख उद्देश्य रजिस्ट्री प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाना, आम नागरिकों को अनावश्यक आर्थिक परेशानी से बचाना और शासन द्वारा निर्धारित शुल्क की जानकारी सुलभ कराना है। अब जिले के सभी उप-पंजीयक कार्यालयों में सूचना-पटल लगाए जाने से रजिस्ट्री संबंधी सेवाओं में शुल्क की जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराने की व्यवस्था लागू होगी।


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