दमोह में निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम की होगी सघन जांच, अनियमितता मिलने पर सीलिंग की कार्रवाई
बिना वैध पंजीयन अस्पताल चलाने और अपात्र व्यक्तियों से उपचार कराने वालों पर होगी कार्रवाई, खंड चिकित्सा अधिकारियों को निरीक्षण के निर्देश
दमोह। जिले में नागरिकों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम, क्लीनिकों और पैथोलॉजी लैब की सघन जांच कराने का निर्णय लिया है। जांच के दौरान चिकित्सा संस्थानों के पंजीयन, संचालन की वैधता, चिकित्सकों की शैक्षणिक एवं व्यावसायिक योग्यता तथा निर्धारित स्वास्थ्य मानकों के पालन की स्थिति का परीक्षण किया जाएगा। जांच में अनियमितताएं पाए जाने पर संबंधित संस्थानों के विरुद्ध नोटिस जारी करने से लेकर संचालन बंद कराने, संस्थान सील करने और आवश्यकतानुसार पुलिस कार्रवाई तक की जा सकती है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) ने इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि जिले में संचालित सभी निजी चिकित्सा संस्थानों के लिए आवश्यक पंजीयन और वैध अनुमति होना अनिवार्य है। बिना वैध पंजीयन या अनुमति के अस्पताल, नर्सिंग होम, क्लीनिक अथवा पैथोलॉजी लैब संचालित करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही बिना मान्य चिकित्सकीय योग्यता के मरीजों का उपचार करने वाले व्यक्तियों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
पंजीयन से लेकर चिकित्सकों की योग्यता तक होगी जांच
स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रस्तावित निरीक्षण में केवल अस्पताल के पंजीयन की जांच ही नहीं, बल्कि संस्थान के संचालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं का भी परीक्षण किया जाएगा। इसमें संस्थान के पास आवश्यक पंजीयन एवं अनुमति उपलब्ध होने, निर्धारित नियमों के अनुसार संचालन किए जाने और मरीजों के उपचार में लगे चिकित्सकों की योग्यता की जांच शामिल रहेगी।
इसके अलावा पैथोलॉजी लैब और क्लीनिकों में भी संबंधित नियमों एवं निर्धारित मानकों के पालन की स्थिति देखी जाएगी। जांच के दौरान दस्तावेजों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि संबंधित संस्थान नियमानुसार चिकित्सा सेवाएं प्रदान कर रहे हैं या नहीं।
सभी खंड चिकित्सा अधिकारियों को निरीक्षण के निर्देश
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने जिले के समस्त खंड चिकित्सा अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में संचालित निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम, क्लीनिकों और पैथोलॉजी लैब का निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को संस्थानों की वैधता और आवश्यक दस्तावेजों की जांच करते हुए अनियमितताओं की पहचान करने तथा निर्धारित समय-सीमा में जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।
जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित संस्थान को नोटिस जारी करने और नियमानुसार आगे की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। गंभीर अनियमितताओं की स्थिति में संचालन बंद कराने, सीलिंग तथा आवश्यकतानुसार पुलिस कार्रवाई के लिए सक्षम अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।
बिना मान्यता संचालित संस्थानों को बंद करने की चेतावनी
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन चिकित्सा संस्थानों के पास वैध पंजीयन या आवश्यक अनुमति नहीं है, वे अपना संचालन तत्काल बंद करें। बिना वैध अनुमति के चिकित्सा सेवाएं देना नियमों का उल्लंघन है और ऐसे मामलों में संबंधित संस्थान एवं जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिले में मरीजों को उपचार के नाम पर किसी प्रकार के जोखिम का सामना न करना पड़े और चिकित्सा सेवाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप उपलब्ध हों। इसके लिए जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर प्रकरणों का निराकरण किया जाएगा।
मरीजों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा है कि आमजन के स्वास्थ्य और उपचार की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम, क्लीनिकों और पैथोलॉजी लैब संचालकों को निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करना चाहिए। स्वास्थ्य विभाग की जांच के दौरान अनियमितता पाए जाने पर संबंधित संस्थान को कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
जिले में होने वाली इस सघन जांच से निजी चिकित्सा संस्थानों के संचालन में पारदर्शिता और निर्धारित मानकों के अनुपालन को सुनिश्चित करने पर जोर रहेगा। अब जांच के दौरान सामने आने वाली अनियमितताओं और विभाग द्वारा की जाने वाली कार्रवाई पर नजर रहेगी।


More Stories
दमोह जिले के सभी उप-पंजीयक कार्यालयों में लगेगा रजिस्ट्री शुल्क का सूचना-पटल, कलेक्टर ने दिए निर्देश..
दमोह के चैनपुरा वार्ड में पेयजल संकट, 40 से 50 फीसदी इलाके में नहीं पहुंच रहा पानी; पार्षद ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन..
मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के शिविर से नदारद रहे अधीक्षण अभियंता, कलेक्टर ने थमाया नोटिस..