रेल पुलिस ने स्वीपर से घायल को पहुंचाया जिला अस्पताल
अमानवीय चेहरा आया सामने
दमोह- होली पर रेलवे ट्रेक पर एक घायल अवस्था में युवक मिला। रेलवे पुलिस ने रेल विभाग के सफाई कर्मी के माध्यम से घायल को जिला अस्पताल भिजवा दिया। जबकि रेलवे पुलिस का कोई भी कर्मचारी साथ नहीं था। दरअसल बीती रात करीब 4 बजे दमोह रेलवे स्टेशन के ट्रेक पर एक युवक गम्भीर हालत में पड़ा था, जिसे लेकर यात्रियो ने रेलवे पुलिस को सूचना दी और पुलिस ने उसे देखा, नियमों के तहत घायल को अस्पताल तक लाने का जिम्मा रेलवे पुलिस का था, लेकिन रेल पुलिस आरपीएफ और जीआरपी ने घायल को उठाने के बजाए ठेके पर सफाई करने वाले लोगों को बुलाया घायल को पटरियों से प्लेटफार्म पर रखवाया और फिर 108 एम्बुलेन्स को काल कर उसी एक सफाई कर्मी के साथ जिला अस्पताल भेज दिया।

बेहोशी की हालत में लहूलुहान मिला युवक कौन था किसी को पता नही था जिला अस्पताल में डाक्टर्स ने उसे इलाज दिया तो घण्टे भर बाद युवक की शिनाख्त हुई और कोतवाली पुलिस के जवानों को उसके बारे में जानकारी दी गई। लोकल पुलिस उसके घर तक पहुंची और परिजनों को खबर की। युवक दमोह के पथरिया फाटक क्षेत्र में रहने वाला 23 साल का अरुण अहिरवाल है जो रात 2 बजे अपने घर से निकला था और रेलवे ट्रेक पर कैसे पहुंचा और उसकी ये स्थिति कैसे हुई किसी को नही मालूम। जिला अस्पताल में इलाज करा रहे अरुण को लेकर डाक्टर का कहना है कि उसकी हालत गंभीर है और जान खतरे में है लेकिन उसे बेहतर इलाज देने की कोशिश की जा रही है और उसे मेडिकल कॉलेज जबलपुर रेफर किया जा रहा है।

इस घटनाक्रम ने रेलवे पुलिस का अमानवीय चेहरा सामने लाकर खड़ा किया है, रेलवे प्लेटफार्म पर चौबीसों घण्टे आरपीएफ और जीआरपी के जवान तैनात रहते हैं आज भी यहां ये लोग मौजूद थे नियम भी कहता है कि ऐसी स्थिति में जीआरपी को घायल को अस्प्ताल तक ले जाना चाहिए लेकिन एक सफाईकर्मी के भरोसे गम्भीर घायल को छोडऩा चिंता जनक है।



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