दमोह: आदिवासियों की जमीन पर जबरन कब्जे का आरोप, कलेक्ट्रेट पहुंचकर सौंपा गया ज्ञापन, कार्रवाई की उठी मांग
आदिवासियों की जमीन पर से दबंगों का कब्जा हटाया जाए मनु मिश्रा पूर्व कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष दमोह
दमोह।
दमोह जिले के तेजगढ़ क्षेत्र के ग्राम देवडोंगरा, पंचायत हिनौती रामगढ़ बाना के सैकड़ों आदिवासी महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों ने मंगलवार को दमोह कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर गंभीर आरोपों के साथ ज्ञापन सौंपा। आदिवासी परिवारों ने आरोप लगाया कि गांव के कुछ दबंगों द्वारा उन्हें उनकी पुश्तैनी जमीन से जबरन बेदखल करने का प्रयास किया जा रहा है।
जमीन कब्जे और जातिगत अत्याचार के आरोप
ग्रामीणों के अनुसार, वे पिछले 50 से 100 वर्षों से उक्त भूमि पर खेती कर जीवन यापन कर रहे हैं, और उनके पूर्वजों के नाम पर शासकीय पट्टे भी जारी किए गए थे। बावजूद इसके, गांव के दबंग चीर साँग यादव, कमन यादव, इमरत यादव और मर्दन यादव लगातार गुंडागर्दी, धमकी और बलपूर्वक जोताई के माध्यम से उनकी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं।
18 जून को हुई गंभीर घटना
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि 18 जून 2025 को दोपहर 2 बजे, उपरोक्त दबंगों ने 10-20 लोगों के साथ ट्रैक्टर लेकर पहुंचकर जबरदस्ती खेत की जुताई शुरू कर दी। जब आदिवासी महिलाओं और परिवारों ने विरोध किया, तो उन्हें जातिगत गालियाँ दी गईं, जान से मारने की धमकी दी गई, और महिलाओं के साथ मारपीट भी की गई। ग्रामीणों ने बताया कि दबंग कुल्हाड़ी और डंडों से लैस होकर उन्हें डराने धमकाने की कोशिश कर रहे थे।
पुलिस पर भी मिलीभगत के आरोप
सबसे गंभीर आरोप यह है कि घटना के दौरान स्थानीय पुलिस मौके पर मौजूद थी, लेकिन उसने कोई कार्यवाही नहीं की और उल्टा दबंगों का मौन समर्थन किया। इससे आदिवासी समाज में गहरा आक्रोश और असुरक्षा की भावना व्याप्त है।
कांग्रेस नेता मनु मिश्रा व अन्य सामाजिक प्रतिनिधि पहुंचे साथ
इस विरोध प्रदर्शन में आदिवासी समाज के समर्थन में कांग्रेस नेता मनु मिश्रा, नीलेश सिंह, नितिन मिश्रा, गुड्डा तिवारी, वकील सिंह आदिवासी हल्ले, व कवि चंद्रभान सिंह लोधी समेत सैकड़ों ग्रामीण शामिल हुए।
मनु मिश्रा ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा,
“आजादी के समय से जिस जमीन पर आदिवासी परिवारों का अधिकार रहा है, उसे पटवारी और राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत से दबंगों को दे देना, यह दर्शाता है कि सरकार की नीयत आदिवासियों के प्रति साफ नहीं है। यदि जमीन वापस नहीं की गई तो बड़ा जन आंदोलन किया जाएगा।”
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे कवि चंद्रभान सिंह लोधी ने कहा कि,
“यह सरकार भोलेभाले आदिवासियों पर अत्याचार कर रही है। यदि प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई नहीं की, तो गांव-गांव में प्रदर्शन किया जाएगा।”
एएसपी ने दिया जांच का आश्वासन
प्रदर्शनकारियों ने पहले कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और फिर पुलिस अधीक्षक कार्यालय जाकर विस्तार से शिकायत दर्ज कराई।
अजाक प्रभारी सौरभ तिवारी ने मामले को संज्ञान में लिया, जिसके बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) सुजीत सिंह भदौरिया ने पीड़ित महिलाओं से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की। एएसपी ने संबंधित थाना प्रभारी को तत्काल जांच कर उचित कार्यवाही करने के निर्देश दिए और बिना नोटिस अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर स्पष्टीकरण भी मांगा है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की विस्तृत जांच रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत की जाएगी।
पीड़ितों ने जताया भरोसा, कार्रवाई की मांग
पीड़ित आदिवासी परिवारों ने एएसपी के हस्तक्षेप पर संतोष जताया, लेकिन साथ ही मांग की कि दबंगों के खिलाफ फौरन कड़ी कार्रवाई की जाए और उनकी पुश्तैनी जमीन पर उनका वैधानिक अधिकार बहाल किया जाए।
बाइट। सुजीत सिंह भदोरिया एडिशनल एसपी दमोह
बाइट। पंडित मनु मिश्रा पूर्व कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष दमोह
बाइट। वकील सिंह गौड़ पीड़ित ग्रामीण
बाइट। पंडित नितिन मिश्रा एडवोकेट दमोह




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