सर्किट हाउस की पहाड़ी पर मिला गोगा नशा के पैकेटों का अंबार..

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टीम उम्मीद का चौथा साप्ताहिक स्वच्छता अभियान
सर्किट हाउस की पहाड़ी पर मिला गोगा नशा के पैकेटों का अंबार, युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति बनी चिंता का विषय

दमोह। टीम उम्मीद – एक पहल दमोह के लिए – ने रविवार सुबह 8 से 10 बजे तक सर्किट हाउस स्थित जटाशंकर पहाड़ी क्षेत्र में अपना चौथा साप्ताहिक स्वच्छता अभियान चलाया। शहर के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर हरीश पटेल के नेतृत्व में टीम के कई सदस्यों के साथ नगर पालिका के कर्मियों ने भी सहभागिता की।

इस अभियान का उद्देश्य पहाड़ी क्षेत्र को पूरी तरह कचरा मुक्त बनाना है। टीम उम्मीद इससे पहले भी यहां सफाई अभियान चला चुकी है, जिसमें लगभग 15 बड़ी प्लास्टिक थैलियों के बराबर कचरा हटाया गया था। इस बार भी स्थिति चिंताजनक रही और करीब 12 बड़ी प्लास्टिक की थैलियां कचरे से भर गईं। इनमें 50–60 शराब की खाली बोतलें, डिस्पोजल गिलास, चिप्स–कुरकुरे के पैकेट, बिसलेरी की बोतलें, और सबसे अधिक चौंकाने वाली बात— गोगा नशा के हजारों खाली पैकेट मिले।

युवाओं में नशे की बढ़ती पकड़ पर गहरी चिंता

हरीश पटेल ने बताया कि लगातार दो सप्ताह चले दो-दो घंटे के अभियानों के बाद भी काफी मात्रा में कचरा अभी बाकी है। उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्र में भारी संख्या में मिले गोगा नशा के पैकेट बेहद चिंताजनक संकेत हैं।
उन्होंने कहा कि यह स्थल शहर के बीचों-बीच होने के बावजूद शराब व नशे का अड्डा बन गया है। “यहां रात ही नहीं, बल्कि दिन में भी निगरानी जरूरी है, ताकि असामाजिक तत्वों का जमावड़ा रोका जा सके और युवाओं को गलत दिशा में जाने से बचाया जा सके,” हरीश पटेल ने कहा।

गायत्री शक्तिपीठ के युवा भूपेन्द्र तिवारी ने बताया कि शहरवासी सुबह यहां घूमने आते हैं, ऐसे में रात में नशा कर यहां कचरा फैलाने वालों पर प्रशासन को तुरंत ध्यान देना चाहिए।

टीम उम्मीद के सदस्य दीपक राजपूत ने भी भारी मात्रा में मिले गोगा नशे के पैकेटों को युवाओं में बढ़ती नशे की लत का स्पष्ट संकेत बताया। उन्होंने जिला प्रशासन से सख्त कदम उठाकर दमोह को नशा मुक्त और अपराध मुक्त बनाने की अपील की।

टीम के महेंद्र सिंह लोधी ने बताया कि शहर में गोगा नशा पर सख्ती के बावजूद कई युवा पहाड़ी पर आकर नशा करते हैं, इसलिए इस क्षेत्र में दिन के समय भी निगरानी आवश्यक है।

असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर सवाल

हरीश पटेल ने बताया कि अभियान के दौरान कई युवा टीम को देखकर वापस लौट गए। “यदि वे सच में घूमने आए थे तो हमें देखकर लौटे क्यों? यह साफ दर्शाता है कि यहां आने का उद्देश्य कुछ और था,” उन्होंने कहा। पहाड़ी के सुनसान होने से नशा करने वालों के हौसले बुलंद हैं।

नागरिकों ने टीम उम्मीद की सराहना की

सुबह सैर पर आए शहरवासियों ने टीम उम्मीद की पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि निरंतर प्रयासों से जल्द ही यह खूबसूरत पहाड़ी क्षेत्र कचरा मुक्त और स्वच्छ दिखाई देगा।


दमोह की स्वच्छता, सुरक्षा और युवा पीढ़ी के भविष्य को लेकर टीम उम्मीद की यह पहल शहरवासियों में जागरूकता और प्रशासन में तत्परता की मांग को और मजबूत करती है।

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