जनपद पंचायत दमोह में विकास राशि पर बवाल, सदस्यों ने लगाए गंभीर आरोप..

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जनपद पंचायत दमोह में विकास राशि पर बवाल, सदस्यों ने लगाए गंभीर आरोप..

3.5 साल से विकास निधि नहीं मिलने का दावा, पारदर्शिता पर उठे सवाल, जांच की मांग…

दमोह। जनपद पंचायत दमोह में विकास कार्यों के लिए मिलने वाली राशि को लेकर जनपद सदस्यों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। सदस्यों ने पंपलेट जारी कर विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि पिछले लगभग 3.5 वर्षों से उन्हें उनके क्षेत्रों के विकास हेतु निर्धारित राशि नहीं दी जा रही है, जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं और आम जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।


सदस्यों का आरोप है कि जनपद पंचायत के अध्यक्ष और मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) की मिलीभगत से राशि का वितरण पारदर्शी तरीके से नहीं किया जा रहा है। उनका कहना है कि चयनित लोगों को ही लाभ पहुंचाया जा रहा है, जबकि कई जनपद सदस्यों को उनकी मूलभूत 4 लाख रुपये तक की राशि भी नहीं मिली है।


इस मामले में सदस्यों ने सवाल उठाया है कि आखिर यह राशि राज्य शासन द्वारा नहीं दी जा रही है या फिर जनपद स्तर पर ही रोकी जा रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब वे पिछले वर्षों के खर्च का विवरण मांगते हैं तो स्पष्ट जानकारी नहीं दी जाती। यहां तक कि सूचना के अधिकार (RTI) के तहत जानकारी मांगने पर भी संतोषजनक जवाब नहीं मिला, जिससे अनियमितता या संभावित घोटाले की आशंका बढ़ गई है।


सदस्यों ने कहा कि यदि जनप्रतिनिधियों को ही उनके अधिकारों से वंचित किया जा रहा है, तो आम जनता के विकास की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। उनका कहना है कि बीते वर्षों में यदि राशि नहीं मिली, तो क्षेत्रों में विकास कार्य कैसे हुए, यह बड़ा सवाल है।


अंत में जनपद सदस्यों ने प्रशासन और शासन से मांग की है कि जनपद पंचायत में विकास राशि का पूरा लेखा-जोखा सार्वजनिक किया जाए, सभी सदस्यों को उनकी बकाया राशि तुरंत दी जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

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