ग्राम मडिया कंजरा में साप्ताहिक श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ जारी, चतुर्थ दिवस पर श्रीकृष्ण जन्मोत्सव में उमड़ा जनसैलाब..

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ग्राम मडिया कंजरा में साप्ताहिक श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ जारी, चतुर्थ दिवस पर श्रीकृष्ण जन्मोत्सव में उमड़ा जनसैलाब..

दमोह। ग्राम मडिया कंजरा स्थित श्री देव मुरली मनोहर मंदिर में आयोजित साप्ताहिक श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ भक्तिमय वातावरण में निरंतर जारी है। दिनांक 21 अप्रैल से प्रारंभ होकर 28 अप्रैल 2025 तक चलने वाली इस कथा का आयोजन प्रतिदिन दोपहर 3:15 बजे से हरि इच्छा तक किया जा रहा है। कथा के चतुर्थ दिवस पर भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का दिव्य प्रसंग सुनाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित होकर भक्ति रस में सराबोर हो गए।

कथा प्रवक्ता पंडित श्री अभिरामदास जी महाराज (अभिषेक मिश्रा इंजीनियर), ग्राम उमरी द्वारा व्यासपीठ से कथा का अमृतमय श्रवण कराया जा रहा है। कार्यक्रम स्वर्गीय पंडित विद्या विलास पाठक बापू महाराज, पूर्व पुजारी की पुण्य स्मृति में आयोजित किया गया है। मुख्य कथा श्रोता के रूप में श्रीमती माया रानी पाठक उपस्थित रहकर कथा श्रवण कर रही हैं।

चतुर्थ दिवस पर जैसे ही भगवान श्रीकृष्ण जन्म का प्रसंग प्रारंभ हुआ, पूरा मंदिर परिसर “नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयघोष से गूंज उठा।

श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन करते हुए भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया। महिलाओं, युवाओं एवं बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कथावाचक पंडित अभिरामदास जी महाराज ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण का अवतार अधर्म पर धर्म की विजय, अन्याय पर न्याय की स्थापना और भक्तों की रक्षा का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि जब-जब पृथ्वी पर अत्याचार बढ़ता है, तब भगवान विभिन्न रूपों में अवतरित होकर संतों एवं भक्तों का कल्याण करते हैं।


इस अवसर पर श्रीमद्भागवत महापुराण में वर्णित पाँच प्रकार के मोक्ष—सालोक्य, सामीप्य, सारूप्य, सार्ष्टि और सायुज्य मोक्ष का भी विस्तार से वर्णन किया गया। साथ ही समुद्र मंथन प्रसंग के माध्यम से भगवान के कूर्म, धन्वंतरि एवं मोहिनी अवतारों का महत्व बताया गया।

कथा प्रवक्ता ने बताया कि कृपानाथ जै जै छोटे सरकार के सानिध्य एवं उनके गुरु ज्योतिर्वित पंडित श्री रामदास चौबे जी के मार्गदर्शन में ग्राम मडिया कंजरा से यह प्रथम कथा प्रारंभ की गई है। उन्होंने कहा कि गुरुदेव पंडित श्री रामदास चौबे जी द्वारा लिखित गूढ़ भागवत कथा का अध्ययन कर उसका गुण रहस्य भक्तजनों को सुनाने का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है।

कार्यक्रम के अंत में श्रद्धालुओं ने भगवान श्री राधे-कृष्ण के जयकारे लगाए तथा क्षेत्र में सुख, समृद्धि और धर्म भावना बनी रहने की कामना की। कथा स्थल पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर कथा श्रवण कर रहे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक वातावरण बना हुआ है।

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