खेती को सुरक्षित और लाभकारी बनाना है तो प्राकृतिक खेती अपनाएं: राज्यमंत्री लखन पटेल
दमोह। किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत मानस भवन में आयोजित प्राकृतिक खेती कार्यशाला में प्रदेश के पशुपालन एवं डेयरी विभाग राज्यमंत्री ने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि रासायनिक खादों और कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी की उर्वरता घट रही है तथा पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
राज्यमंत्री श्री पटेल ने कहा कि पहले खेतों में बड़ी संख्या में मित्र पक्षी और उपयोगी कीट दिखाई देते थे, लेकिन रसायनों के बढ़ते उपयोग के कारण उनकी संख्या तेजी से कम हुई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि रासायनिक खेती पर अत्यधिक निर्भरता जारी रही तो भविष्य में कृषि भूमि की उत्पादकता प्रभावित होने के साथ जमीन के बंजर होने का खतरा भी बढ़ सकता है।
उन्होंने किसानों को जीवामृत सहित अन्य प्राकृतिक और जैविक उपाय अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि टिकाऊ और लाभकारी खेती के लिए प्राकृतिक कृषि पद्धतियों की ओर लौटना आवश्यक है। उन्होंने प्रधानमंत्री के “चलो खेत की ओर” आह्वान का उल्लेख करते हुए प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया। साथ ही मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री द्वारा प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित किए जाने की जानकारी भी दी।
कार्यशाला में ने प्राकृतिक खेती को समय की आवश्यकता बताते हुए किसानों से पर्यावरण अनुकूल कृषि पद्धतियां अपनाने का आग्रह किया। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष , जनपद पंचायत अध्यक्ष सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, किसान संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।



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