न्यायालय में अब गैर-अधिवक्ताओं की पैरवी पर रोक, उल्लंघन पर होगी कड़ी कार्रवाई..
जिला अधिवक्ता संघ की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय, लॉ स्टूडेंट समेत अनामांकित व्यक्तियों के अधिवक्ता के रूप में कार्य करने पर भी रोक..
दमोह। जिला अधिवक्ता संघ की कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक संघ अध्यक्ष मुकेश पाण्डेय की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में अधिवक्ता पेशे की गरिमा, न्यायालय की मर्यादा, अनुशासन और न्यायालयीन कार्यप्रणाली को सुव्यवस्थित बनाए रखने को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। सबसे अहम निर्णय गैर-अधिवक्ताओं द्वारा न्यायालय में अधिवक्ता के रूप में पैरवी करने पर रोक लगाने का लिया गया है। संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई गैर-अधिवक्ता न्यायालय में पैरवी अथवा अधिवक्ता का कार्य करते हुए पाया जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
संघ के निर्धारित वकालतनामा और मेमो का ही होगा उपयोग..
बैठक में निर्णय लिया गया कि न्यायालयीन प्रकरणों में सभी अधिवक्ता जिला अधिवक्ता संघ द्वारा निर्धारित वकालतनामा एवं मेमो का ही उपयोग करेंगे और इन्हीं के माध्यम से न्यायालय के समक्ष प्रकरण प्रस्तुत करेंगे। संघ ने इसे न्यायालयीन कार्यों में एकरूपता और व्यवस्थित प्रक्रिया बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
लॉ स्टूडेंट और अनामांकित व्यक्तियों को लेकर सख्ती..
बैठक में संघ के संज्ञान में आए उन मामलों पर भी चर्चा की गई, जिनमें ऐसे व्यक्तियों द्वारा न्यायालय में पैरवी किए जाने की बात सामने आई है जो विधि के अनुसार अधिवक्ता के रूप में नामांकित नहीं हैं। कार्यकारिणी ने स्पष्ट निर्णय लिया कि कोई भी लॉ स्टूडेंट अथवा ऐसा व्यक्ति, जो विधि के अनुसार अधिवक्ता के रूप में नामांकित नहीं है, न्यायालय में अधिवक्ता के रूप में पैरवी या अधिवक्ता का कार्य नहीं करेगा।
इसके साथ ही गैर-अधिवक्ताओं द्वारा अधिवक्ताओं की निर्धारितपोशाक धारण कर न्यायालयीन कार्यवाही में उपस्थित होने पर भी रोक लगाने का निर्णय लिया गया है। संघ ने इसे अधिवक्ता पेशे की पहचान और न्यायालय की गरिमा से जुड़ा विषय बताया है।
अधिवक्ता पेशे की गरिमा और न्यायालय की मर्यादा बनाए रखना उद्देश्य..
जिला अधिवक्ता संघ की ओर से स्पष्ट किया गया कि इन निर्णयों का उद्देश्य किसी व्यक्ति को असुविधा पहुंचाना नहीं है, बल्कि अधिवक्ता पेशे की गरिमा, न्यायालय की मर्यादा और अधिवक्ता समाज में अनुशासन बनाए रखना है। संघ ने कहा कि न्यायालयीन कार्य एक निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत संचालित होता है और इसमें केवल विधि के अनुसार अधिकृत एवं नामांकित अधिवक्ताओं द्वारा ही अधिवक्ता के रूप में कार्य किया जाना चाहिए।
संघ ने यह भी स्पष्ट किया कि कार्यकारिणी द्वारा लिए गए निर्णयों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार आवश्यक कठोर कार्रवाई की जाएगी।
अध्यक्ष ने अधिवक्ताओं से सहयोग की अपील की..
बैठक के दौरान जिला अधिवक्ता संघ अध्यक्ष मुकेश पाण्डेय ने सभी अधिवक्ता साथियों से कार्यकारिणी द्वारा लिए गए निर्णयों का पालन सुनिश्चित करने तथा संघ की गरिमा, एकता और अनुशासन बनाए रखने में सहयोग की अपील की।
बैठक में उपाध्यक्ष राजीव सिंह ठाकुर, सचिव वसंत खरे, सहसचिव कमल सिंह, कोषाध्यक्ष इंदू पाण्डेय, पुस्तकालय प्रभारी सुल्तान सिंह सहित जिला अधिवक्ता संघ की समस्त कार्यकारिणी के सदस्य उपस्थित रहे।


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