उज्जैन में दर्दनाक हादसाः श्रीगंगा होटल के फूड वेस्टेज टैंक में दम घुटने से चार की मौत..

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उज्जैन में दर्दनाक हादसाः श्रीगंगा होटल के फूड वेस्टेज टैंक में दम घुटने से चार की मौत

एक को बचाने के लिए टैंक में उतरे तीन अन्य लोग भी बने मौत का शिकार, बिना सुरक्षा उपकरणों के सफाई कराने पर उठे गंभीर सवाल

दमोह । उज्जैन के देवास रोड स्थित श्रीगंगा ग्रुप के होटल आउटलेट में शनिवार रात एक हृदयविदारक हादसा हो गया। होटल के फूड वेस्टेज टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस और ऑक्सीजन की कमी के कारण चार लोगों की दम घुटने से मौत हो गई। हादसे में तीन आउटसोर्स कर्मचारी और होटल का एक सुपरवाइजर शामिल है। दिवाली से पहले हुए इस हादसे ने चार परिवारों की खुशियां छीन ली और पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वाल्मीकि नगर निवासी कमलेश तंबोली (30) टैंक की सफाई के दौरान पैर फिसलने से सबसे पहले अंदर गिर गया। उसे बचाने के लिए उसके साथी नितिन (22) और बाहिद (35) भी टैंक में उतरे, लेकिन ये भी जहरीली गैस की चपेट में आ गए। तीनों को संकट में देखकर होटल सुपरवाइजर मनोज मीणा (25) भी बचाव के लिए

टैंक की तरफ पहुंचा और वह भी अंदर गिर गया। देखते ही देखते चारों की जान चली गई।

एक को बचाने की कोशिश में चार जिंदगी खत्म

श्रीगंगा ग्रुप के देवास रोड स्थित आउटलेट में रेस्टोरेंट संचालित होता है, जहां प्रतिदिन बड़ी मात्रा में खराब खाद्य सामग्री निकलती है। इसे एक बड़े फूड वेस्टेज टैंक में जमा किया जाता है। टैंक भरने पर उसकी सफाई कराई जाती है। शनिवार को दिवाली के मद्देनजर टैंक की सफाई का काम आउटसोर्स कर्मचारियों को सौंपा गया था। बताया गया कि कमलेश अपने साथ नितिन और वाहिद को लेकर सफाई करने पहुंचा था। मोटर की सहायता से टैंक से खराब खाद्य सामग्री निकाली जा रही थी। इसी दौरान कमलेश का पैर फिसला और वह अंदर जा गिरा।

उसे बचाने के प्रयास में अन्य लोग भी टैंक में गिरते चले गए। टैंक के अंदर मौजूद जहरीली गैस और ऑक्सीजन की कमी के कारण किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

एक घंटे की मशक्कत के बाद तोड़ी गई टैंक की दीवार

घटना की सूचना मिलते ही माधवनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। टैंक के अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए कटर मशीन बुलवाई गई। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद टैंक की दीवार काटी गई। इसके बाद सुरक्षा उपकरणों की मदद से चारों को बाहर निकाला गया। उन्हें सीपीआर देने का प्रयास भी किया गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। टैंक तोड़ने के दौरान मलबा गिरने से माधवनगर थाने के सब इंस्पेक्टर धर्मेंद्र भी घायल हो गए।

परिजनों का आक्रोश, एक करोड़ मुआवजे और सरकारी नौकरी की मांग

हादसे के बाद मृतकों के परिजनों में भारी आक्रोश है। परिजनों ने प्रत्येक

परिवार के लिए एक करोड़ रुपये मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग उठाई है। मांगें पूरी होने तक शव नहीं लेने की बात कहते हुए परिजन श्रीगंगा आउटलेट के सामने बैठ गए। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन परिजन अपनी मांगों पर अड़े रहे। एसडीएम एलएन गर्ग और सीएसपी दीपिका शिंदे सहित अधिकारियों ने स्थिति संभालने की कोशिश की।

एसपी-कलेक्टर सहित वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे मौके पर

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा, कलेक्टर रोशन कुमार सिंह और प्रभारी निगमायुक्त डॉ. नेहा जैन भी घटनास्थल पर पहुंचे। शवों को जिला अस्पताल भेजा गया। एहतियात के तौर पर श्रीगंगा ग्रुप के अन्य आउटलेट पर भी पुलिस बल तैनात किया गया।

होटल प्रबंधन का पक्षः आउटसोर्स से कराई जा रही थी सफाई

श्रीगंगा ग्रुप के प्रतिनिधि चेतन गुप्ता के अनुसार, दिवाली के कारण फूड वेस्टेज टैंक की सफाई कराई जा रही थी। यह काम आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से कराया जा रहा था। पहले भी यही टीम कई बार सफाई

कर चुकी थी। टैंक के बाहर से मोटर लगाकर सफाई की जा रही थी। इसी दौरान एक कर्मचारी का पैर फिसलने से वह अंदर गिर गया और उसे बचाने के प्रयास में अन्य लोग भी हादसे का शिकार हो गए।

एसपी बोले- लापरवाही पर दर्ज होगा प्रकरण

पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने कहा कि प्रथम दृष्टया मामला लापरवाही का प्रतीत होता है। टैंक की सफाई के लिए निर्धारित सुरक्षा मानक और नियम हैं, जिनका पालन किया जाना आवश्यक है। इनका उल्लंघन हुआ है। संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया जाएगा।

सबसे बड़ा सवाल: आखिर किसकी जिम्मेदारी थी…?

क्या होटल प्रबंधन ने टैंक की सफाई के लिए कर्मचारियों को आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए थे. ? क्या टैंक में गैस की जांच की गई थी…? क्या सफाई से पहले ऑक्सीजन और गैस स्तर की जांच हुई थी…? चार लोगों की मौत के बाद अब केवल जांच और आश्वासन पर्याप्त नहीं हैं। जरूरी है कि जिम्मेदारी तय हो, दोषियों पर कार्रवाई हो और शहर के सभी होटल, रेस्टोरेंट, प्रतिष्ठानों तथा बहुमंजिला भवनों के सीवरेज और फूड वेस्टेज टैंकों का सुरक्षा ऑडिट कराया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही किसी और परिवार की जिंदगी उजाड़ने का कारण न बने।

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