15 से अधिक झोलाछाप अपनी दुकानें बंद कर भागे
एक झोलाछाप आया पकड़ में
दमोह- दमोह जिले के ग्रामों में झोलाछापों का मकड़जाल फैला है। जिसके पीछे कारण है कि स्वास्थ्य विभाग के ग्रामीण अस्पतालों में इलाज उपलब्ध नहीं हो रहा है, जिससे लोग झोलाछापों से इलाज कराने मजबूर हैं। इन झोलाछापों पर गाहे बगाहे कार्रवाई भी जाती हैं, लेकिन कुछ ही पकड़ में आते हैं। ऐसा ही मामला मंगलवार को बटियागढ़ व फुटेरा गांव से सामने आया है। जिसमें एक झोलाछाप पकड़ में आया है। बाकी झोलाछाप अपनी दुकानें बंद कर भाग गए।
बटियागढ़ में ब्लाक मेडिकल ऑफिसर ने ड्रग इंस्पेक्टर और स्वास्थ्य अमले के साथ बटियागढ़, फुटेरा में दर्जनों झोलाछापों के अवैध क्लीनिकों पर छापामार कार्यवाही करते हुए बड़ी मात्रा में दवाएं, स्टॉक, इंजेक्शन आदि पकड़े हैं। फुटेरा और बटियागढ़ में दर्जनों अवैध रूप से संचालित पाए गए कथित झोलाछापों के अवैध क्लीनिकों पर जब स्वस्थ्य अमले ने रेड की तो यंहा कोई वैध लायसेंस, डिग्री और अन्य आवश्यक दस्तावेज नही पाए गए। जिसके बाद सभी क्लीनिकों में ताले डालकर सीज की कार्यवाही की गइ है।

बीएमओ श्रवण पटेल ने बताया कि लगातार शिकायतों पर यह कार्रवाई की गई है। जो अवैधानिक रूप से संचालित पाए गए हैं। नियम विरुद्ध तरीके से यह क्लीनिक चलते पाए गए। सेम्पल के तौर पर दवाएं आदि जब्त की गई है दस्तावेजो और आवश्यक कागजो की जांच की जा रही है। कार्यवाही में ड्रग इंस्पेक्टर महिमा जैन और बटियागढ़ थाना पुलिस भी शामिल रही। ड्रग इंस्पेक्टर महिमा जैन ने बताया कि दबिश दी गई है, जिसमें केवल एक खुला मिला है। शेष बंद कर भाग गए हैं, जिन्हें सीज करने की कार्रवाई की गई है।


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