दमोह, 24 जनवरी 2025: जिले में स्वास्थ्य विभाग के आउटसोर्स कर्मचारियों के मानदेय भुगतान में हो रही देरी पर कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी आउटसोर्स कर्मचारियों को हर महीने की 1 से 10 तारीख के बीच उनका मानदेय मिल जाना चाहिए।
कलेक्टर ने कहा, “स्वास्थ्य सेवाएं आवश्यक सेवाओं में शामिल हैं और इन कर्मचारियों को समय पर उनका हक मिलना चाहिए।” उन्होंने बताया कि उन्हें जनसुनवाई और अन्य माध्यमों से लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि आउटसोर्स कर्मचारियों को उनके मानदेय में देरी हो रही है, ईपीएफ जमा नहीं किया जा रहा है और कई बार तो कम मानदेय भी दिया जा रहा है।
कलेक्टर के निर्देश:
- समय पर मानदेय भुगतान: सभी आउटसोर्स कर्मचारियों को हर महीने की 1 से 10 तारीख के बीच उनका मानदेय मिलना चाहिए।
- बजट की समीक्षा: मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को हर महीने की 15 से 20 तारीख के बीच मानदेय वितरण की समीक्षा करनी होगी।
- एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई: यदि कोई एजेंसी समय पर मानदेय भुगतान नहीं करती है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ऐसी एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है और उनके साथ अनुबंध रद्द किया जा सकता है।
- कानूनी कार्रवाई: यदि कोई एजेंसी ईपीएफ जमा नहीं करती है तो उसके खिलाफ श्रम कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी और कर्मचारियों के साथ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया जा सकता है।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।



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