करणी सेना के आते ही पुलिस ने गठित की एसआइटी
मारूताल में कमल सिंह राजपूत मामले में करणी सेना ने जताया विरोध
दमोह- शनिवार को दमोह में करणी सेना ने एसपी कार्यालय का घेराव करते हुए तीखी नारेबाजी की। इस दौरान करणी सेना के पदाधिकारियों ने पुलिस पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। पिछले डेढ़ माह से मारूताल के कमल सिंह राजपूत की हत्या के मामले मेें दमोह पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही थी। जैसे ही करणी सेना के आने की खबर लगी तो आनन-फानन में एक बालिग व एक नाबालिग पर हत्या का मामला दर्ज कर लिया। इसके बाद जब करणी सेना दमोह पहुंची तब जाकर पुलिस ने घटना की जांच के लिए एसआइटी गठित की है।

करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रताप सिंह कालवी ने दमोह एसपी आफिस पहुंचकर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने दमोह पुलिस की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल किए। उन्होंने पुलिस प्रशासन पर रुपए लेकर हत्या जैसे मामले को हल्का बनाने का आरोप लगाया। इसके साथ ही एसआइटी गठित कर आरोपियों के घर बुल्डोजर चलाए जाने की मांग की गई। साथ ही पीडि़त परिजनों को मुआवजा राशि दिए जाने की मांग की गई।
करणी सेना के इंदर सिंह राणा का आरोप था कि दमोह एसपी इस मामले में हत्यारोपितों से सांठगांठ कर रहे हैं, यही कारण है कि करणी सेना ने अल्टीमेटम दिया था, इसके बाद भी वह मौजूद नहीं है। जिससे प्रतीत होता है कि दमोह पुलिस अपराधियों से लेनदेन कर मामले को लचीला बनाकर आरोपियों को लाभ देने के प्रयास में जुटी हुई है।

करणी सेना के जीवन सिंह शेरपुर ने भी दमोह पुलिस की कार्यप्रणाली पर सीधे सवाल दागे उन्होंने पुलिस के अधिकारियों द्वारा खुला लेनदेन कर मामले को लचीला बनाने का आरोप लगाया। इस तरह के आरोपों के चलते कर्इ बार करणी सेना के सदस्यों ने पुलिस के खिलाफ तीखे नारेबाजी भी की। इस दौरान एक कार्यकर्ता ने एएसपी को हिदायद देते हुए कहा कि हम सुनने नहीं सुनाने आए हैं।
मृृतक की पुत्री के आरोप
मृतक की पुत्री अंजली राजपूत का आरोप है कि पुलिस को जब पता चला कि करणी सेना के दादा दमोह आ रहे हैं तब पुलिस ने मारूताल के अभिषेक यादव व एक नाबालिग को आरोपी बताया है। पुलिस अचानक हुई घटना बता रही है। जबकि उसके पिता की हत्या सोची समझी साजिश के तहत हुई है, जिसमें कुमुदनी शुक्ला , राकेश राजपूत व सत्येंद्र सत्तू यादव का हाथ है। सतेंद्र यादव क्षेत्र में असामाजिक गतिविधियों में लिप्त रहता है और हर हफ्ते पुलिस को पैसा देता है। उसके पिता की हत्या के मामले में भी पुलिस ने पैसा लेकर मामला लचीला बनाकर मामले को रफादफा करने का प्रयास किया। लेकिन करणी सेना के दादा आए तब जाकर पुलिस को हरकत में आना पड़ा।
करणी सेना के दवाब में एसआइटी गठित
करणी सेना के सदस्य घटना की निष्पक्ष जांच के लिए वहीं धरने पर बैठे रहे। इसके बाद उन्हें आश्वासन मिला कि शीघ्र ही एसआइटी गठित कर रहे हैं। जिस पर एसआइटी टीम में प्रभारी अधिकारी एसडीओपी पथरिया रघु केसरी, विवेचना अधिकारी प्रभारी देहात थाना निरीक्षक रचना मिश्रा, सहायक अधिकारी में निरीक्षक अमित मिश्रा, सहायक उप निरीक्षक अकरम खान, प्रधान आरक्षक संजय पाठक, प्रधान आरक्षक दीपक ठाकुर, प्रधान आरक्षक सचिन नामदेव, आरक्षक जितेंद्र पटेल और आरक्षक कुलदीप त्रिवेदी शामिल किए गए हैं।


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