दमोह के लिए इंटेक चैप्टर का शुरू होना अपने आप में
एक बड़ी बात–संस्कृति राज्यमंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी
विधायक जयंत मलैया ने अतिथियों का स्वागत अभिनंदन किया
आप सब राष्ट्र के ही नहीं जिले के स्मारकों को भी जानें–इंटेक के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंह
रानी दमयंती संग्रहालय के लिये मंत्री जी के प्रयासों से 20 करोड़ की राशि मिली है, यह अभूतपूर्व पहल–कलेक्टर एवं इंटेक दमोह अध्यक्ष सुधीर कुमार कोचर
एकलव्य विश्वविद्यालय में इंटेक दमोह चेप्टर का हुआ शुभारंभ
दमोह: 16 मई 2025
विरासत जागरूकता और संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रदेश के संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र सिंह लोधी, पूर्व वित्तमंत्री एवं दमोह विधायक जयंत मलैया की उपस्थिति में इंटेक दमोह चेप्टर का शुभारंभ एकलव्य विश्वविद्यालय में संपन्न हुआ। इस अवसर पर इंटेक के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंह ठाकुर, इंटेक मध्यप्रदेश के प्रदेश संयोजक दीपक खांडेकर (सेवानिवृत्त आईएएस), विशेष सचिव रेरा भोपाल तथा प्रदेश सहसंयोजक इंटेक राजेश बहुगुणा (सेवानिवृत्त आईएएस), इंटेक जबलपुर के संयोजक डॉ.संजय मल्होत्रा, कलेक्टर एवं इंटेक अध्यक्ष सुधीर कुमार कोचर एकलव्य विश्वविद्यालय की कुलाधिपति एवं इंटेक दमोह की संयोजक डॉ.सुधा मलैया खासतौर पर मौजूद थीं। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्जवलन कर किया गया। इस अवसर पर अतिथियों को शाल श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।

संस्कृति राज्यमंत्री धर्मेन्द्र सिंह ने कहा आज युवा पीढ़ी जनरल दिखाई देती है इसीलिये हम देखते हैं किसी विद्यालय के अंदर, कालेज के अंदर, महाविद्यालय के अंदर पुरानी संस्कृति दिखाई नहीं देती। क्योंकि हमने अपनी गौरवशाली परम्परा को भुला दिया है। हमारे पूर्वज कहते रहे “अस्तु माँ सदगमय, तमसो मां ज्योति गमय” सत्य से सत्य की ओर जाओ, अंधकार से प्रकाश की ओर जाओ लेकिन जैसे ही आज विद्यार्थी पढ़ लेता है, तो वह अपना तरीका बदल देता है।
राज्यमंत्री धर्मेन्द्र सिंह ने कहा आज इंटेक के माध्यम से हमारे दमोह जिले की धरोहरों को जो शासन संधारित नहीं है या पुरातत्व विभाग द्वारा संधारित नहीं है, संधारित करने का काम शुरू होगा। दमोह में इंटेक के माध्यम से निश्चित रूप से एक बहुत अच्छी पहल प्रारंभ हुई है और मुझे लगता है दमोह पुरातत्व और सांस्कृतिक धरोहरों से भरपूर है, दमोह के लिए इंटेक चैप्टर का शुरू होना अपने आप में एक बड़ी बात है। उन्होंने डॉ. सुधा मलैया को सहित सभी को बधाई दी ।
पूर्व वित्तमंत्री एवं विधायक जयंत कुमार मलैया ने सभी अतिथियों का स्वागत अभिनंदन किया और कार्यक्रम की सभी को बधाई दी।
इंटेक चेप्टर के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंह ठाकुर ने कहा 237 वां अध्याय दमोह से शुरू हो रहा है। जहां एक सूत्र में बंधकर काम होता है वहां सफलता मिलती है, भारत का इतिहास वैभवशाली और गौरवशाली है। श्री ठाकुर ने कहा दमोह जिला कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने इंटेक का काम किया है, उन्होंने दमोह दर्शन पुस्तिका प्रकाशित करवाई है, सराहनीय है। उन्होंने कहा आप सब राष्ट्र के ही नहीं जिले के स्मारकों को भी जानें। पुराने तालाबों वृक्षों को जानें पुरानी खाद्य सामग्री, कहानी का संरक्षण इंटेक कर रहा है। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा इंटेक की पूरी टीम दमोह आएगी और यहां आपके साथ काम करेगी। साथ ही उन्होंने कहा इंटेक यहां पर कार्यों के लिए राशि भी देगी साथ ही जिला प्रशासन से आग्रह किया की इंटेक कार्यों के लिए सीएसआर से राशि मुहैया कराई जायेl श्री ठाकुर देश के गौरवशाली इतिहास को रेखाकिंत करते हुए जन-जन पहुचाने का अव्हान किया ।
प्रदेश संयोजक इंटेक दीपक खांडेकर ने कहा संस्कृति हमारे लोकगीत, हमारी लोक कथाएँ, हमारा भोजन, बहुत सारी हमारी हेरिटेज है, हमारा इतिहास जिसने जैसा लिख दिया वैसा हमने पढ़ लिया।
श्री खांडेकर ने कहा मैं संयोजक हॅू राज्य का उसमें भी बड़ी उपलब्धि दिलाई है कि नया चैप्टर यहॉ शुरू हुआ मेरा शुरू से ही प्रयास रहा है, कि जितने ज्यादा चैप्टर बनेगे उतना ही हम अपनी अमूल्य धरोहर का संरक्षण कर पायेंगे।
विशेष सचिव रेरा भोपाल तथा प्रदेश सहसंयोजक इंटेक राजेश बहुगुणा ने कहा संस्कृति को मैं जिस तरह से देखता हॅू तो मुझे लगता है, कि संस्कृति में सारा जीवन समाहित है। उन्होनें कहा जब हम गॉव जाते तो वहां पर कोई लडकी जींस पहनी नही दिखती थी, लेकिन आज संस्कृति बदल रही है, जैसे कि पहले मोबाईल फोन नही था, तो डाक के माध्यम से संदेश जाता था, लेकिन आज टेक्नोलॉजी ने सब कुछ बदल दिया है। उन्होंने भारतीय संस्कृति पर गर्व करने की बात कही।
कलेक्टर एवं इंटेक दमोह चेप्टर के अध्यक्ष सुधीर कुमार कोचर ने कहा मैं एक बार पूरे सदन को विश्वास दिलाना चाहता हॅू कि आप लोगों ने जो चैप्टर का शुभारंभ यहॉ पर किया है, हम लोगों पर भरोसा व्यक्त किया है, हम लोग इस भरोसे पर खरा उतरने का भरसक प्रयास करेगें । कलेक्टर श्री कोचर ने कहा हमको सामूहिक प्रयास करते हुए कुछ अच्छा योगदान देना है, उसके के लिये हम प्लान करेंगे और तेजी से आगे बढ़ायेंगे। उन्होंने कहा दमोह का रानी दयमंती संग्रहालय है, उसको मंत्री जी के प्रयासो से 20 करोड़ की राशि मिली है, यह अभूतपूर्व पहल है, और इससे रानी दयमंती संग्रहालय का स्वरूप पूरी तरह से बदल जायेगा। उन्होंने कहा संस्कृति को मैं जिस तरह से देखता हॅू तो मुझे लगता है, कि संस्कृति में सारा जीवन समाहित है।
इंटेक जबलपुर के संयोजक डॉ.संजय मल्होत्रा ने कहा इंटेक चैप्टर की शुरूआत करके नेक काम किया है, मैं इसके लिये राज्यमंत्री धर्मेन्द्र सिंह जी को बहुत-बहुत धन्यवाद देता हॅू। उन्होंने कहा अगर हेरिटेज संरक्षित होगा तो ही पर्यटन बढ़ेगा एक सीधा सा फंडा है, पर्यटन और संस्कृति दोनों विभागो का मिला-जुला तालमेल का काम है और मिलकर के अपनी संस्कृति के संरक्षण के ऊपर काम करना है। एक सबसे महत्वपूर्ण बात है, हम केवल कन्ज़र्वेशन ही नहीं करते हमारा पहला काम है अवेयरनेस, अगर हम जागरूक नहीं होंगे की हमको अपनी धरोहर को संरक्षित करना है, तो सब व्यर्थ है, इसलिए लोगो को जागरूक करना बहुत आवश्यक है।
एकलव्य विश्वविद्यालय की कुलाधिपति एवं इंटेक दमोह की संयोजक डॉ.सुधा मलैया ने संबोधित करते हुए कहा हमारे वीर जवानों के अद्भुत शौर्य व साहस की सराहना सब कर रहे हैं, किंतु इसलिए कि भारतीय संस्कृति का प्रवाह समूचे विश्व पर है और उसकी छाप हम सब पर है। भारतीय संस्कृति जिसकी क्षितिज के मुख्य चार स्तंभ हैं, क्षितिज हर राष्ट्र की एक पहचान होती है, जो उसके विचारों की सामूहिक चेतना होती हैं, जो वर्षों के बाद पैदा होती है, जिससे उसकी पहचान की जाती है, यह उस राष्ट्र की सामूहिक क्षितिज है, इनसे पहचान की जा सकती है, तो हमारी राष्ट्र की क्षितिज चार स्तंभों पर है, प्रथम सत्य है उसे किसी भी रास्ते से पाया जा सकता है। हमारे गुरु साथ थे उन्होंने कहा कि आप अंदर बैठके मनन करिए आपको कुछ ना कुछ अनुभव होगा और मुझे कुछ अनुभव हुआ मैंने देखा एक दम सूरज का प्रकाश और उसमें चारों तरफ़ से किरणें आ रही थी और मुझे जैसे कोई आवाज़ आई किसी से भी एक रास्ते का अनुसरण कर और यह भारत की पहचान है।
डॉ. मलैया ने कहा भारत एकांतवादी नहीं है, भारत अनेकांतवादी है, केवल यही सत्य है ऐसा नहीं, यह भी सत्य है। भारत की संस्कृति का मुख्य स्वर यह है, हम आत्मा की सत्ता, पुर्नजन्म , जियो और जीने दो का संदेश मानते हैं और हम वसुधैव कुटुम्बकम में विश्वास करते हैं। भारत संयुक्त परिवार प्रणाली में विश्वास करता है। भारतीय संस्कृति में माता-पिता और गुरुजनों का सम्मान करने की परम्परा है।
अंत में इंटेक अध्यक्ष देहली श्री ठाकुर ने एकलव्य विश्ववविद्यालय की कुलाधिपति, कुलगुरू एवं कुलसचिव के साथ ही इंटेक दमोह चैप्टर के सभी सदस्यों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया। कुलगुरू डॉ. पवन कुमार जैन द्वारा सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. हृदय नारायण तिवारी द्वारा किया गया। कार्यक्रम का समापन डॉ. स्वाति गौर के स्वर में स्वर मिलाकर सामूहिक राष्ट्रगीत से किया गया।
इस अवसर पर दमोह जिले के अनेक शिक्षाविद, इतिहासकार, कलाप्रेमी, सम्मानीय मीडिया जन के साथ एकलव्य विश्ववविद्यालय के प्राध्यापक, शोधार्थी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की उपस्थिति रही।



More Stories
कक्षा 10वीं के छात्र पर चाकू से हमला, इलाज के दौरान ICU में मौत..
11 मार्च को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का हटा आगमन प्रस्तावित, प्रशासन ने शुरू की तैयारियां..
दमोह में सनसनीखेज वारदात: रॉड और हथौड़े से 16 वर्षीय किशोर की नृशंस हत्या, आरोपी गिरफ्तार..