हिंद की सेना के शौर्य व पराक्रम पर केंद्रित रही काव्य गोष्ठी..

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हिंद की सेना के शौर्य व पराक्रम पर केंद्रित रही काव्य गोष्ठी
दमोह।
 ऑपरेशन सिंदूर की शानदार सफलता पर पूरा देश हमारे जांबाज वीर सैनिकों के साथ खड़ा है तो दमोह का साहित्य जगत भी इसमें पीछे नहीं है। राष्ट्र प्रेम की अलख जगाने ,म.प्र. लेखक संघ के तत्वावधान में स्थानीय रामकुमार विद्यालय में एक काव्य गोष्ठी का आयोजन हुआ जो हिंद की सेना के शौर्य व पराक्रम पर केंद्रित रही जिसकी अध्यक्षता करते हुए शिक्षाविद एनएस ठाकुर ने कहा कि भारतीय सेना ने अपना पराक्रम दिखाते हुए पाकिस्तान को जिस तरह धूल चटाई है उसे युगों युगों तक याद किया जावेगा। मुख्य अतिथि टी चौधरी ने कहा कि थल से लेकर नभ तक एक ही नाम होगा,भारतीय सेना को झुक झुक कर सलाम होगा। काव्य गोष्ठी प्रारंभ होने के पहले जिला कोषाध्यक्ष  बीएम दुबे द्वारा दिनांक 29 मार्च, 2025 को मानस भवन में आयोजित हुए साहित्य समागम एवं सम्मान समारोह के आय व्यय का विवरण प्रस्तुत किया गया। काव्य गोष्ठी का शुभारंभ मां सरस्वती के पूजन से हुआ, सरस्वती वंदना सदन नेमा ने प्रस्तुत की। मंचासीन अतिथियों का स्वागत पीएस परिहार ने किया। काव्य गोष्ठी का संचालन करते हुए, जिला अध्यक्ष इंजी अमर सिंह राजपूत ने रचना पढ़ी कि “मैं अपने खून के कतरों से हिंदुस्तान लिख दूंगा, मिलेगी मौत मुझे जब भी वतन का नाम कर दूंगा। पीएस परिहार ने “बर्बाद जो हम लोगों को करने पर तुला है, नक्शे से निशा उसका मिटा क्यों नहीं देते।“सदन नेमा ने ,“नम आंखों के आंसू छुपाता हूं मैं, दीप खुशियों के जलाता हूं मैं, मनोरमा रतले ने “अमर शहीदों की गाथा का मैं गुणगान करूं, रमेश तिवारी ने “पुकु नन्हे हो के राबे ,तो काय पन्हैया खावे“ आशीष तंतुवाय ने “हद से ज्यादा यदि बढ़ जाए, तो पेड़ को छाटना पड़ता है। बीएम दुबे ने “जान जाए अगर राष्ट्र के नाम पर, तो यह सबसे बड़े गर्व की बात है। सरहद पर जवानों करो चौकसी, पूरा भारत तुम्हारे सदा साथ है। बबीता चौबे शक्ति ने धीरे से बरसों बदरिया साजन मोरे सीमा पर होंगे, डॉ. रघुनंदन चिले ने दुश्वारियां इस्तकबाल करेगी सफर में, झुलसायेगी बेरहम धूप भी सफर में, राजीव अयाची ने,मुनीर और शरीफ पर रचना पढ़ी कि मुनीर को फोन आओ,भारत ने नूरखान पे मिसाइल हनी है। मार्गदर्शन देते हुए ठाकुर नारायण सिंह ने, भारतीय सेना की खूबियों का उल्लेख करते हुए कहा कि “इस घड़ी में आत्म संयम पर विशेष ध्यान की आवश्यकता है, आभार  पीएस परिहार ने माना।

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