दमोह में एससी व ओबीसी महासभा का प्रदर्शन: भ्रष्टाचार के आरोपों में डीएमओ को हटाने की मांग, कार्यवाही न होने पर आंदोलन की चेतावनी
दमोह – जिले में व्याप्त प्रशासनिक भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज़ उठाते हुए एससी महासभा एवं ओबीसी महासभा ने मंगलवार को संयुक्त रूप से डिप्टी कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा, जिसमें जिला विपणन अधिकारी (DMO) इंद्रपाल सिंह राजपूत को पद से हटाने की मांग की गई है।
एससी महासभा के कार्यकारी जिला अध्यक्ष आकाश भारती ने बताया कि डीएमओ इंद्रपाल राजपूत की गलत कार्यप्रणाली, लापरवाही और भ्रष्टाचार को लेकर पहले भी कई बार समाचार पत्रों में रिपोर्ट प्रकाशित की जा चुकी हैं, लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व में दमोह में खाद वितरण के दौरान भी राजपूत द्वारा गंभीर लापरवाही की गई, जिससे किसान आक्रोशित होकर जिलेभर में विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं।
भारती ने यह भी बताया कि जब इंद्रपाल सिंह पन्ना जिले में पदस्थ थे, तब भी उनके कार्यकाल में कई अनियमितताएं उजागर हुई थीं, जिनके प्रमाणस्वरूप ज्ञापन में संबंधित अखबारों की कटिंग संलग्न की गई है। वर्तमान में तेंदूखेड़ा उपार्जन केंद्र में उपार्जन कार्य के दौरान भी उन्होंने भ्रष्टाचार किया, जिससे किसानों का भुगतान प्रभावित हुआ और उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
इसी क्रम में ओबीसी महासभा जिला अध्यक्ष एस. के. पटेल ने कहा कि ऐसे भ्रष्ट एवं लापरवाह अधिकारी को तत्काल निलंबित किया जाए, ताकि प्रशासन में पारदर्शिता बनी रहे और जिले के किसानों व नागरिकों को राहत मिल सके। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि दो दिवस के भीतर डीएमओ के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की गई, तो जिले में बड़ा जन आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
ज्ञापन सौंपते समय दोनों संगठनों के पदाधिकारी व कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे और “भ्रष्टाचार बंद करो”, “किसानों को न्याय दो” जैसे नारों के साथ विरोध प्रदर्शन भी किया।



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