दमोह में “शक्ति पर्व” का भव्य आयोजन, मोहिनीअट्टम, भरतनाट्यम और कुचिपुड़ी से सजी ‘देवी’ नृत्य नाटिका..

Spread the love

शक्ति पर्व में देवी आराधना के साथ बही भक्ति रस की गंगा बड़ी देवी मंदिर परिसर दमोह में ..

दमोह में “शक्ति पर्व” का भव्य आयोजन, मोहिनीअट्टम, भरतनाट्यम और कुचिपुड़ी से सजी ‘देवी’ नृत्य नाटिका..

तेंदूखेड़ा के शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय मैदान में समारोह आज

दमोह:संस्कृति विभाग द्वारा शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर “शक्ति पर्व” का आयोजन बड़ी देवी मंदिर फुटेरा तालाब के पास दमोह में सांसद दमोह राहुल सिंह लोधी, पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग अध्यक्ष डाँ. रामकृष्ण कुसमरिया, विधायक दमोह जयंत कुमार मलैया, भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम शिवहरे, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि गौरव पटेल ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभांरभ किया। कार्यक्रम के दौरान भक्ति से ओतप्रोत प्रस्तुतियां दी गई। इस दौरान कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर, सीईओ जिला पंचायत प्रवीण फुलपगारे सहित जनप्रतिनिधिगण, श्रृद्वालुगण, भक्तगण मौजूद रहे।

समारोह में नरसिंहपुर के सुमित दुबे का लोकगायन, मुंबई के पंडित राजेश मिश्रा (पंखिड़ा फेम गायक) के भक्ति गीतों की प्रस्तुतियाँ हुईं तो श्रीलयम नाट्य श्री कलासमिति, भोपाल के कलाकारों ने नृत्य नाटिका “देवी” की प्रस्तुति के माध्यम से देवी माँ के स्वरूपों को मंच पर जीवंत किया। कार्यक्रम का शुभारंभ नरसिंहपुर के सुप्रसिद्ध लोकगायक श्री सुमित दुबे और उनके साथी कलाकारों द्वारा बुंदेली देवी भजनों से किया गया। उनके द्वारा प्रस्तुत “मोरे अंगना में बड़ी भोर भवानी…”, “माई सब पे किरपा राखियो…” जैसे गीतों ने समां बाँध दिया और जनसमूह को माँ भवानी की भक्ति में सराबोर कर दिया।

शक्ति पर्व में अगली प्रस्तुति श्रीलयम नाट्य श्री कलासमिति, भोपाल के कलाकारों की नृत्य नाटिका “देवी” की हुई। नाटिका में शास्त्रीय नृत्य परंपरा की अनुपम सुंदरता की अविस्मरणीय छवि देखने को मिली, जहाँ केरल की मोहिनीअट्टम, तमिलनाडु की भरतनाट्यम और आंध्र प्रदेश की कुचिपुड़ी नृत्यशैली की अद्वितीय सुंदरता को प्रदर्शित किया गया। प्रस्तुति की शुरुआत गणेश वंदना से हुई, जिसके बाद अयगिरी नंदनी, अष्टलक्ष्मी और अर्धनारीश्वर की शक्ति का अद्भुत रूप प्रस्तुत किया गया। इसमें देवी के विभिन्न स्वरूपों का मनोहारी वर्णन किया, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। देवी की सुंदरता और शक्ति का अद्वितीय संगम देखने को मिला। इस प्रस्तुति में नृत्य शैलियों के मिश्रण ने दर्शकों को एक अनोखा अनुभव प्रदान किया।

इस सुमधुर शाम का समापन मुंबई के पंडित राजेश मिश्रा (पंखिड़ा फेम गायक) की प्रस्तुति से हुआ। उन्होंने गणेश वंदना सिद्धिविनायक हे सुखकर्ता… गीत से प्रथम पूज्य गजानन का आह्वान किया। इसके पश्चात ज्योत जगी धूम मची आ गई मैया… गीत की प्रस्तुति दी। यह भजन माँ ज्वाला की अखंड ज्योत को समर्पित था, इसमें कलाकार एक बड़ी पीतल थाल में पांच ज्योत जला कर नृत्य करते हुए देवी माँ की नजर उतारते हुए मंच पर आते हैं और अंगुलियों पर थाल नचाते हैं।

कार्यक्रम को विस्तार देते हुए महाकाली रौद्र रूप स्तुति की गई, यह प्रस्तुति नृत्यमय थी। जिसमें भगवान शंकर महाकाली माता का क्रोध शान्त कराते हैं, फिर महाकाली और महाकाल का डमरू कैलाश पे बाजे… भजन पर नृत्य पेश किया गया। अगली प्रस्तुति में शिव-पार्वती केंद्रित भजन पेश किया गया, जिसमें भगवान शंकर और माँ पार्वती की विनोदपूर्ण नोंक-झोंक को दिखाया गया। राजेश ने दमोह की बड़ी माई मंदिर के भजन में उनकी महिला का संगीतमय वर्णन किया तो हनुमान भजन में हनुमान जी और भगवान श्रीराम के स्वरूपों को मंच पर उतारा। कन्या पूजन भजन गाते हुए जनसमुदाय में उपस्थित बारह वर्ष से छोटी कन्याओं के पैरों का पूजन किया गया, इसके माध्यम से कन्या भ्रूण हत्या रोकने और बेटियों को पढ़ाने का संकल्प दिलाया गया। अगली कड़ी में पंखिडा ओर पंखिडा… गीत पर नारियल पूजन भजन पेश तो पचरा गीत सेवा में बाग लगाए हो माँ… की प्रस्तुति दी। अंत में राधा-कृष्ण नृत्य श्रृंगार भजन से प्रस्तुति का समापन किया।

आज तेंदूखेड़ा में भी भक्तिरस का आयोजन..

संस्कृति विभाग द्वारा शक्ति पर्व की अगली कड़ी में 23 सितम्बर को तेंदूखेड़ा के शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय मैदान में संगीतमय प्रस्तुति का आयोजन किया जाएगा, जहाँ जबलपुर की शहनाज अख्तर एवं समूह भक्ति गायन के माध्यम से माँ दुर्गा की महिमा का गुणगान करेंगे।जिला प्रशासन दमोह व संस्कृति विभाग द्वारा आमजन से अपील जिला प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि शक्ति पर्व के आयोजनों में सहभागी बनें, नवरात्रि की पावन ऊर्जा का अनुभव करें और हमारी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत बनाएं।

About The Author

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com