दमोह: हटा-रानेह मार्ग पर दर्दनाक हादसा, ऑटो पलटने से स्कूली छात्रा की मौत; एंबुलेंस में ऑक्सीजन न होने का आरोप
दमोह। हटा थाना क्षेत्र के रानेह मार्ग पर बड़ी ककढ़ाई के पास एक दर्दनाक सड़क हादसे में ऑटो रिक्शा पलट जाने से उसमें सवार पांच स्कूली छात्राएं और एक राहगीर घायल हो गए। इस हादसे में घायल हुई दो सगी बहनों में से एक, नंदिनी लोधी (उम्र 14 वर्ष) की इलाज के दौरान मौत हो गई।
हादसे का विवरण
यह हादसा उस वक्त हुआ जब छात्राएं खेजरा से ऑटो में सवार होकर हटा आ रही थीं। बड़ी ककढ़ाई के पास शराबी सुंदर रजक (राहगीर) से ऑटो टकरा गया और अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में राहगीर शराबी सुंदर रजक सहित ऑटो में सवार पांचों छात्राएं बुरी तरह घायल हो गईं।

घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से तत्काल हटा सिविल अस्पताल भेजा गया। बताया जा रहा है कि हादसे के बाद काफी देर तक घायल सड़क पर तड़पते रहे और डायल 112 और एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंची।
एक छात्रा की मौत, दूसरी बहन गंभीर
हटा अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद, गंभीर रूप से घायल तीन छात्राओं को दमोह जिला अस्पताल रेफर किया गया। इनमें खेजरा निवासी नंदिनी लोधी (उम्र 14 वर्ष) और उसकी सगी बहन सुहानी लोधी (उम्र 17 वर्ष) भी शामिल थीं। दुखद रूप से, नंदिनी लोधी की इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं, सुहानी लोधी की हालत गंभीर बनी हुई है और उसका इलाज जिला अस्पताल में जारी है। तीसरी घायल छात्रा चंदा लोधी का भी इलाज चल रहा है। अन्य घायलों का उपचार हटा सिविल अस्पताल में किया जा रहा है।

दमोह जिला अस्पताल में सिविल सर्जन डॉ. प्रहलाद पटेल, डॉ. मनीष संगतानी, और डॉ. कोशिकी सिंह की टीम इलाज में जुटी है।
एंबुलेंस में ऑक्सीजन न होने से मौत का गंभीर आरोप
युवा समाजसेवी पुरुषोत्तम लोधी ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि छात्राओं को हटा से दमोह जिला अस्पताल ले जा रही एंबुलेंस में ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं थी, और ऑक्सीजन के अभाव में ही एक छात्रा की दुखद मौत हुई है। उन्होंने इस लापरवाही के लिए प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है।

जब इस संबंध में जोनल मैनेजर (ZM 108 अधिकारी) अरुण चौधरी से बात की गई, तो उन्होंने मामले की अनभिज्ञता जताई। उन्होंने कहा, “अगर कोई ऐसी घटना हुई है तो जननी (एंबुलेंस) में छोटा सिलेंडर रहता है, उसमें कम ऑक्सीजन हो सकती है। हमारे पास BLS (बेसिक लाइफ सपोर्ट) गाड़ी उपलब्ध है जिसमें ऑक्सीजन सिलेंडर में पर्याप्त ऑक्सीजन होती है।” वहीं, सिविल सर्जन डॉ. प्रहलाद पटेल से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका कॉल रिसीव नहीं हुआ।
प्रशासनिक अधिकारियों ने ली जानकारी
घटना की जानकारी मिलते ही, हटा अस्पताल में तहसीलदार शिवराम चाराण पहुंचे। वहीं, दमोह जिला अस्पताल में तहसीलदार रघुनंदन चतुर्वेदी ने पहुंचकर घटना और घायलों की स्थिति की जानकारी ली।

इस हादसे और एंबुलेंस में ऑक्सीजन न होने के आरोपों ने स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन को इस गंभीर मामले की उच्च स्तरीय जांच करनी चाहिए।



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