मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना: युवाओं को रोज़गार, दमोह में जल्द आएंगी 200-250 भैंसें – पशुपालन राज्यमंत्री श्री पटैल..

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मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना: युवाओं को रोज़गार, दमोह में जल्द आएंगी 200-250 भैंसें – पशुपालन राज्यमंत्री श्री पटैल..

दमोह। प्रदेश के पशुपालन एवं डेयरी विभाग राज्यमंत्री श्री लखन पटैल ने मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना को युवाओं के लिए रोज़गार सृजन का एक महत्वाकांक्षी माध्यम बताया है। दमोह के जटाशंकर में आयोजित मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना के तहत भैंस वितरण कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि पशुपालन ही किसानों की आय दुगुनी करने और रोज़गार देने का सशक्त माध्यम है।

युवाओं को 50% अनुदान और मनपसंद भैंसें..

राज्यमंत्री श्री पटैल ने योजना की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि डेयरी प्लस योजना में 50 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। यानी, ₹1 लाख 47 हज़ार हितग्राही देंगे और इतनी ही राशि सरकार मिलाकर देगी। उन्होंने बताया कि हितग्राहियों को उनके पसंद की अच्छी नस्ल की भैंसें दिलाई जाती हैं, जिसके लिए सरकार ₹1 लाख 47 हज़ार का इंश्योरेंस, भैंसों के आने-जाने का खर्चा, तथा हितग्राहियों के भोजन और रुकने की व्यवस्था भी कराती है।

श्री पटैल ने बताया, “आज डेयरी प्लस के नौ हितग्राही 18 भैंसें लेकर आए हैं। यह सिलसिला लगातार जारी रहेगा। जल्द ही 200-250 भैंसें दमोह में आएंगी, जो किसानों तक पहुंचेंगी।

निराश्रित गौवंश के लिए गौकुलधाम योजना..

पशुपालन राज्यमंत्री ने गौवंश संरक्षण के लिए सरकार की बड़ी पहल की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशों पर पशुपालन को बढ़ावा दिया जा रहा है।

गौकुलधाम: प्रदेश में 4000 एकड़ भूमि विभाग को आवंटित की गई है, जिस पर बड़े-बड़े गौशाला (गौकुलधाम) बनाए जा रहे हैं।

नरसिंहगढ़ में गौशाला: नरसिंहगढ़ के पास कल्याणपुरा में 520 एकड़ में एक बड़ी गौ-शाला बनाई जा रही है, जिसमें 25 हज़ार निराश्रित गौवंश को रखा जाएगा।

स्वावलंबी गौशाला: इसका उद्देश्य गौशाला को स्वावलंबी बनाना है, ताकि गौवंश की सेवा के साथ-साथ संचालनकर्ता भी आय अर्जित कर सकें।

पशु स्वास्थ्य के लिए नवाचार..

राज्यमंत्री श्री पटैल ने पशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए एक नई योजना की शुरुआत की घोषणा की। इस नवाचार के तहत विभाग का अमला पशुपालकों के पास जाएगा और उन्हें पशुओं को रखने, खिलाने, और मामूली बीमारी के लक्षणों का उपचार करने की समझाइश देगा। यह योजना तीन चरणों में लागू होगी:

पहले चरण: जिनके पास 10 या 10 से अधिक जानवर हैं।

दूसरे चरण: जिनके पास 5 से 10 के बीच जानवर हैं।तीसरे चरण: जिनके पास 1 से 5 के बीच जानवर हैं।हितग्राहियों ने जताया सरकार का आभारइस अवसर पर लाभान्वित हुए ग्राम नंदरई और लखरौनी के हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और राज्यमंत्री लखन पटैल को धन्यवाद दिया।प्रेमलाल अहिरवार (ग्राम लखरौनी) ने कहा, “हमको मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना का लाभ मिला है। हरियाणा से हम भैंसे लाए हैं, और आधा पैसा शासन के द्वारा व आधा हमारे द्वारा मिलाया गया है। इस योजना के लिए हम सरकार को बहुत-बहुत धन्यवाद देते हैं।”

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