मिशनरी संचालक अजय लाल को बचा रही दमोह पुलिस: राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो का गंभीर आरोप
दमोह। राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने सोमवार को दमोह में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर जिला प्रशासन और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पुलिस जानबूझकर मिशनरी संचालक अजय लाल और उनके सहयोगियों को बचाने का प्रयास कर रही है, जिसके कारण सात मौतों के मामले में लीपापोती की जा रही है।
कानूनगो, जो कि स्वदेशी मेला कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित होने आए थे, ने बाल्मीकि बस्ती गाड़ी खाना में यह प्रेसवार्ता की।
फर्जी डॉक्टर से सात मौतें, पुलिस की कमजोर FIR
कानूनगो ने बताया कि दमोह में कुछ माह पूर्व मिशनरी द्वारा संचालित अस्पताल के कैथलैब में एक फर्जी डॉक्टर द्वारा किए गए ऑपरेशन के कारण सात लोगों की जान चली गई थी। इस मामले में पुलिस द्वारा दर्ज की गई दो एफआईआर पर उन्होंने सवाल उठाए:
पीड़ितों के नाम नदारद: उन्होंने कहा कि दोनों ही एफआईआर बेहद कमजोर हैं और पुलिस ने सातों मृतकों के नाम तक दर्ज नहीं किए हैं।
अप्रचलित कानून का उपयोग: कानूनगो ने यह भी बताया कि पुलिस ने ऐसे कानून के तहत एफआईआर दर्ज की है जिसे मध्य प्रदेश में समाप्त किया जा चुका है।
मामले को दबाने का आरोप: उन्होंने कहा कि 7-7 हत्याएं होने के बावजूद केवल एक एफआईआर दर्ज की गई, जिसमें सिर्फ यह लिख दिया गया कि “कुछ लोगों की मौत हुई है”। उन्होंने पुलिस के रवैये को शुरू से ही “लीपापोती” वाला बताया।
मुआवजा और अजय लाल का प्रत्यर्पण
कानूनगो ने कहा कि आयोग ने मध्य प्रदेश सरकार से प्रत्येक मृतक के परिजन को ₹10-10 लाख का मुआवजा देने की अनुशंसा की है। हालांकि, यह मुआवजा तब तक नहीं मिल सकता जब तक पुलिस एफआईआर दर्ज नहीं करती।
उन्होंने पीड़ित परिवारों से बिना किसी डर, दबाव या लालच के एफआईआर दर्ज कराने का आग्रह किया। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि पुलिस एफआईआर दर्ज नहीं करती है, तो आयोग इस मामले में कार्रवाई करेगा।
अपराधियों को बचाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि वह इस पूरे मामले की जांच आर्थिक अपराध ब्यूरो (EOW) से कराने की मांग करते हैं। उन्होंने मप्र के चीफ सेक्रेटरी व डीजीपी को नोटिस भी भेजा है।
कानूनगो ने दमोह पुलिस से आग्रह किया कि यदि अजय लाल विदेश में हैं, तो राज्य शासन के माध्यम से केंद्र सरकार से अनुरोध किया जाए। उन्होंने अजय लाल का प्रत्यर्पण करवाने की गारंटी भी दी।
कांग्रेस नेता पर निशाना..
कांग्रेस नेता मुकेश नायक द्वारा अजय लाल के समर्थन में प्रेसवार्ता आयोजित करने के मामले पर टिप्पणी करते हुए कानूनगो ने कहा कि कांग्रेस नेता एक बूढ़े और बेरोजगार व्यक्ति हैं जिन्हें अजय लाल जैसे लोगों से पैसे मिलने की संभावना है। उन्होंने राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे से भी यह सवाल पूछने को कहा कि उनके नेता किसे बचाने का प्रयास कर रहे हैं।
मिशन अस्पताल की जमीन पर अतिक्रमण के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस मामले में प्रशासनिक अधिकारी मिले हुए हैं, इसलिए कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।



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