प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2021 में 15 नवम्बर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में घोषित किया, ताकि जनजातीय स्वतंत्रता सेनानियों एवं उनके संघर्ष को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिल सके-विधायक जयंत कुमार मलैया..

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2021 में 15 नवम्बर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में घोषित किया, ताकि जनजातीय स्वतंत्रता सेनानियों एवं उनके संघर्ष को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिल सके-विधायक जयंत कुमार मलैया..

अंग्रेजों के विरूद्ध 1857 से लेकर 1947 तक 90 वर्षो में अनेक युवाओ ने देश की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष किया-पूर्व मंत्री नारायण कबीरपंथी..

हमारी संस्कृति हमारी पहचान है, यह कभी न मिटे-भाजापा जिलाध्यक्ष श्याम शिवहरे धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150 वीं जन्म जयंती पर इमलिया में कार्यक्रम संपन्न हुआ..

दमोह: 

            धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150 वीं जन्म जयंती पर दमोह विधानसभा क्षेत्र के ग्राम इमलिया में पूर्व वित्तमंत्री एवं विधायक दमोह जयंत मलैया के मुख्य आतिथ्य में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर पूर्व मंत्री नारायण कबीरपंथी, भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम शिवहरे, रमन खत्री,  अखिलेश हजारी, सीईओ जिला पंचायत प्रवीण फुलपगारे, आदिमजाति कल्याण विभाग की जिला संयोजक अदिति शांडिल्य, भूपति सिंह मरकाम, श्यामा ऊरेती, रितु पांडे, गिरजा साहू, कपिल सोनी, मोन्टी रैकवार, बिल्लू बाधवा सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण मंचासीन थे।

             दमोह विधायक जयंत कुमार मलैया ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2021 में 15 नवम्बर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में घोषित किया गया, ताकि जनजातीय स्वतंत्रता सेनानियों एवं उनके संघर्ष को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिल सके। यह दिवस महान आदिवासी क्रांतिकारी भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। उन्होंने कहा जनजातीय समुदाय ने स्वतंत्रता संग्राम में अद्वितीय योगदान दिया है। रानी दुर्गावती, राजा शंकरशाह, रघुनाथ शाह, मामा टट्या भील और भगवान बिरसा मुंडा जैसे महापुरुषों ने देश की अस्मिता और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए बलिदान दिया।

            विधायक श्री मलैया ने कहा बिरसा मुंडा को धरती बाबा के नाम से जाना जाता है, क्योंकि 19 वीं सदी में अंग्रेजों की कुटिल नीतियों से जल, जंगल, जमीन और आदिवासी संस्कृति पर खतरा मंडरा रहा था। इस अन्याय को देखकर बिरसा मुंडा ने लोगों को संगठित किया और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष का नेतृत्व किया।

            पूर्व मंत्री नारायण कबीरपंथी ने कहा अंग्रेजों के विरूद्ध 1857 से लेकर 1947 तक 90 वर्षो में अनेक युवाओ ने देश की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष किया और अपने प्राणों की आहूति दे दी, उनके इस बलिदान ने देश को स्वतंत्रता दिलायी। 

            भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम शिवहरे ने कहा नई पीढ़ी को याद रखने की आवश्यकता है जिस प्रकृति को अपना भगवान मानते है, प्रकृति पूजक है, सनातन की वह जड़ भी है, सनातन धर्म वही से प्रकट हुआ है, हमारी संस्कृति हमारी पहचान है, यह कभी न मिटे इन सभी बातो को ध्यान में रखकर भगवान बिरसा मुंडा को नमन करते है। उन्होने कहा भगवान बिरसा मुंडा ने अपने जीवन में संघर्ष किये अपना बलिदान दिया और लोगो को संदेश दिया अपने प्रकृति व देश की रक्षा करें।

            इसके पूर्व भगवान बिरसा मुंडा की 150 वीं जन्म जयंती पर आदिवासी समाज द्वारा एक रैली निकाली गई जो ग्राम में घूमकर कार्यक्रम स्थल पर समाप्त हुई। कार्यक्रम का संचालन पं. विपिन चौबे ने किया।

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